देश का इकलौता जिला, जहां बच्चा-बच्चा पढ़ चुका है संविधान, जानें
भारतीय संविधान दुनिया में सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें हमारे मूल अधिकारों से लेकर नैतिक सिद्धांतों के मामलों में जानकारी दी गई है। इसके अलावा भारत के राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक की शक्तियों व उनके कर्तव्यों को लेकर भी इसमें जानकारी उपलब्ध है। वहीं, भारत में एक ऐसा जिला भी है, जो कि पूरी तरह से संविधान साक्षर है यानि कि यहां के प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के बारे में मूल जानकारी है। कौन-सा है यह जिला और क्या है इसकी कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें कुल 470 अनुच्छेद और 12 अनूसूचियां हैं और यह 25 भागों में विभाजित है। हालांकि, इसके निर्माण के समय संविधान में 395 अनुच्छेद और 8 अनूसूचियां थीं, जो कि 22 भागों में विभाजित थीं।
वहीं, भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिनमें मार्च 2023 तक राज्यों में 752 और केंद्र शासित प्रदेशों में 45 जिले हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि इन सभी जिलों में एक जिला ऐसा भी है, जो कि भारत का इकलौता जिला है, जो पूरी तरह से संविधान साक्षर है।
यहां के प्रत्येक व्यक्ति को संविधान की मूल बातों के बारे में पता है। ऐसे में स्थानीय सरकार द्वारा जिले को संविधान साक्षर भी घोषित भी किया गया है। कौन-सा है यह जिला और किस राज्य में है स्थित, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
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कौन-सा जिला है संविधान साक्षर जिला
अब सवाल यह है कि आखिर कौन-सा जिला संविधान साक्षर है। आपको बता दें कि केरल राज्य के कोल्लम जिला भारत का संविधान साक्षर जिला है। यहां रहने वाले हर 10 वर्ष के अधिक आयु के बच्चे को भी संविधान की मूल जानकारी है।

कैसे संविधान साक्षर हुआ जिला
अब सवाल है कि आखिर भारत का यह जिला किस प्रकार संविधान साक्षर हुआ। दरअसल, यहां पर कोल्लम जिला पंचायत, केरल इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल एंडमिनिस्ट्रेशन(किला) और कोल्लम जिला योजना समिति की ओर से साक्षरता 2022 योजना की शुरुआत की गई थी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के बारे में मूल जानकारी देने की योजना बनाई गई थी।
लोगों के दैनिक जीवन से जोड़ा गया संविधान
स्थानीय प्रशासन की ओर से संविधान की कॉपी तैयार की गई और इसमें लिखित प्रावधानों को इस तरह से लिखा गया, जिससे एक आम व्यक्ति आसानी से इन प्रावधानों को समझ सके। इसके साथ ही इन प्रावधानों को लोगों के दैनिक जीवन से जोड़ा गया, जिससे लोगों को समझने में आसानी हुई।
कब घोषित हुआ भारत का पहला साक्षर जिला
जिले में संविधान साक्षर अभियान के पंख लगने के बाद साल 2023 के जनवरी में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जिले को देश का पहला साक्षर जिला घोषित किया।
जिले के 16 लाख से अधिक व्यक्तियों को संविधान की मूल जानकारी
इस जिले में रहने वाले गांव के लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षकों द्वारा भी संविधान की जानकारी दी गई, जिसके बाद इस जिले में संविधान साक्षरता को लेकर लोगों की संख्या 16 लाख को पार कर गई है।
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