International train routes from India: भारत के ऐसे ट्रेन रूट जो आपको सीधा दूसरे देश ले जाते हैं

International train routes from India: क्या आपने भारतीय ट्रेन से विदेश का सफर किया है? जी हाँ भारत से ऐसी कुछ ट्रेनें चलती हैं जो आपको विदेश का सफर करवा सकती हैं. आइये इस लेख के माध्यम से ऐसे ट्रेन रूट और ट्रेनों के बारे में जानते हैं.
International Train Routes from India
International Train Routes from India

International train routes from India: भारत के विकास में ट्रेन का काफी योगदान रहा है. ये न सिर्फ प्रकृति से आपको रूबरू करवाती है बल्कि आपको आसानी से दूर का सफर आराम से तय करने का भी मौका देती है जिसमें आप नॉवेल पढ़ते-पढ़ते, फिल्म देखते-देखते आराम से पहुंच जाते हैं. एक राज्य से दूसरे राज्य तक ट्रेन से तो सभी ने सफर किया ही होगा परन्तु क्या आप ऐसी इंटरनेशनल ट्रेन के बारे में जानते हैं जो आपको दूसरे देश ले जा सकती है या ऐसे ट्रेन रूट जो भारत को दूसरे देश से जोड़ते हैं. फ्लाइट से तो लोग दूसरे देश जाते ही हैं लेकिन आप कुछ जगहों पर ट्रेन से भी दूसरे देश जा सकते हैं. आइये इस लेख के माध्यम से उन ट्रेनों के रूट और ट्रेनों के बारे में अध्ययन करते हैं.

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भारत के ऐसे ट्रेन रूट जो आपको सीधा दूसरे देश ले जाते हैं

मैत्री एक्सप्रेस (Maitree Express)

यदि आप बांग्लादेश जाना चाहते हैं तो आसानी से ट्रेन के द्वारा जा सकते हैं .मैत्री एक्सप्रेस बांग्लादेश की राजधानी ढाका को भारत में कोलकाता से जोड़ने वाली एक अंतरराष्ट्रीय सीमा ट्रेन है. यह भारत और बांग्लादेश के बीच ऐसा रेलवे लिंक है, जो हर तरफ से सप्ताह में छह दिन चलता है. 

यह ट्रेन 9 घंटे से भी कम समय में लगभग 375 किलोमीटर की दूरी तय करती है. ट्रेन दो प्रमुख नदी क्रॉसिंग को भी पार करती है, पद्म नदी पर 100 साल पुराना हार्डिंग ब्रिज और जमुना नदी पर बंगबंधु ब्रिज. दोनों रिवर क्रॉसिंग बांग्लादेश में हैं. 

पहले दोनों देशों के बीच ट्रेन सेवाएं अंग्रेजों द्वारा भारत के विभाजन से पहले अस्तित्व में थीं और मैत्री एक्सप्रेस ने 43 साल तक बंद रहने के बाद 2008 में ढाका और कोलकाता के बीच इस कनेक्शन को फिर से स्थापित किया गया. इस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग कोलकाता से होती है और इसके लिए वैध और मान्य बांग्लादेश वीज़ा होना चाहिए.

बंधन एक्सप्रेस (Bandhan Express)

इस ट्रेन के द्वारा भी भारत और बांग्लादेश के बीच का सफ़र तय किया जाता है दरअसल यह भारत-बांग्लादेश को जोड़ने वाली दूसरी ट्रेन है. 

2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था. यह एक अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस रेल सेवा है जो हर हफ्ते भारतीय शहर कोलकाता और बांग्लादेशी शहर खुलना के बीच चलती है. यह दूसरा आधुनिक, भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच पूरी तरह से वातानुकूलित यात्री ट्रेन लिंक है. 

बंधन एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट खरीदने से पहले एक वैध वीज़ा और पासपोर्ट का होना ज़रुरी है. टिकट बांग्लादेश के खुलना रेलवे स्टेशन और कोलकाता, भारत के चितपुर स्टेशन पर मिलता है. ट्रेन यात्रियों को चढ़ाने के लिए जेस्सोर में 3 मिनट के लिए रूकती है.

बंधन एक्सप्रेस बरिसाल एक्सप्रेस के बाद कोलकाता और खुलना को जोड़ने वाली पहली ट्रेन है, जिसे 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के कारण रोक दिया गया था. 

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मिताली एक्सप्रेस (Mitali Express)

यह एक अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस रेल सेवा है जो हर हफ्ते भारत के दो शहरों जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी को बांग्लादेश की राजधानी ढाका सेजोड़ती है. यह भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच तीसरी आधुनिक पूरी तरह से वातानुकूलित यात्री ट्रेन लिंक है.

दोनों पड़ोसी देशों के दोनों प्रधानमंत्रियों ने मार्च 2021 को ढाका से नए लगभग 513 किलोमीटर मार्ग पर दस डिब्बों वाली नॉन-स्टॉप यात्री ट्रेन का आधिकारिक उद्घाटन किया, जिस दिन बांग्लादेश ने अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मनाई थी. 

मिताली एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट खरीदने के लिए पहले से एक वैध वीज़ा और पासपोर्ट का होना अनिवार्य है. टिकट ढाका, बांग्लादेश में छावनी रेलवे स्टेशन और सिलीगुड़ी, भारत में न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से लिया जा सकता है.

समझौता एक्सप्रेस (Samjhauta Express)

यह एक द्वि-साप्ताहिक ट्रेन है यानी एक हफ्ते में दो बार चलती है. यह भारत में दिल्ली और अटारी और पाकिस्तान में लाहौर के बीच चलती है. 1976 में इसे पहली बार शुरू किया गया था और 1994 तक ये रोज़ाना चलने वाली ट्रेन हुआ करती थी. 

इस ट्रेन का टिकट अमृतसर के अटारी जंक्शन से लिया जा सकता है लेकिन इसके लिए पाकिस्तान का वैध वीज़ा होना ज़रुरी है. यह ट्रेन केवल पंजाब के वाघा स्टेशन पर रुकती है. 2019  में इस सेवा को निलंबित कर दिया गया था.

थार लिंक एक्सप्रेस (Thar link Express)

यह एक अंतरराष्ट्रीय यात्री ट्रेन है जो भारतीय राज्य राजस्थान में जोधपुर के उपनगरीय इलाके भगत की कोठी और सिंध के पाकिस्तानी प्रांत में कराची के कराची छावनी के बीच चलती है. इस ट्रेन का नाम थार रेगिस्तान एक उपमहाद्वीप के रेगिस्तान से लिया गया है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है. भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी कनेक्टिविटी के लिए समझौता एक्सप्रेस के बाद यह दूसरी ट्रेन है. 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण थार एक्सप्रेस को अगली सूचना तक रद्द कर दिया गया था.

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भारत को विभिन्न देशों से जोड़ने वाले प्रोजेक्ट्स 

भारत पड़ोसी देशों के साथ अपने रेलवे नेटवर्क का विस्तार कर रहा है जिसके लिए निम्नलिखित प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है. 

भारत-भूटान रेल लिंक परियोजना: 

भविष्य में ट्रेनों के माध्यम से भारत और भूटान के बीच यात्रा संभव हो पाएगी. रेलवे बोर्ड द्वारा पड़ोसी देशों, भारत और भूटान के बीच सीमा पार रेल लिंक प्रदान करने के लिए मुजनाई-न्योएनपालिंग (Mujnai-Nyoenpaling ) लाइन की स्थापना के लिए एक सर्वेक्षण शुरू किया गया था जो की अब पूरा हो चुका है. यह भारतीय रेलवे की भूटान के बीच एक रेल प्रणाली बनाने की योजना है जो भारत से जुड़ी होगी.

केंद्रीय रेल मंत्रालय ने मणिपुर की राजधानी इंफाल को म्यांमार की सीमा से लगे मोरेह (Moreh) से जोड़ने के लिए प्रस्तावित 111 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी गई थी. 

लाइन का होगा रणनीतिक महत्त्व 

गुनीत कौर, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के अनुसार, "एक बार बनने के बाद यह नई लाइन रणनीतिक महत्व की होगी और प्रस्तावित ट्रांस-एशियन रेलवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी जो भारत को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ेगी." 

22 फरवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि म्यांमार-थाईलैंड को जोड़ने वाले राजमार्ग के पूरा होने के बाद मणिपुर पूर्वी एशिया संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा. उन्होंने कहा, "रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन में सुधार होगा. यह युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा.

 राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी में भी पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व काम हुआ है." और भी कई परियोजना पर अध्ययन किया जा रहा है. भविष्य में भारत के रेल नेटवर्क में काफी विकास होने की संभावना है.

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