दक्षिण भारत का सबसे बड़ा किला कौन-सा है, जानें यहां
भारत में आपने अलग-अलग किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा, जो कि देश में अलग-अलग दिशाओं में बने हुए हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दक्षिण भारत का सबसे बड़ा किला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हमें अलग-अलग किले देखने को मिलते हैं। कुछ किलों की पहचान दिशाओं की वजह से भी होती है। ऐसे में दक्षिण भारत में एक ऐसा किला मौजूद है, जिसे पूरे दक्षिण भारत का सबसे बड़ा किला कहा जाता है। आज भी यह किला अपने वास्तुकला और सैन्य रणनीतियों के लिए जाना जाता है। कौन-सा है यह किला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
दक्षिण भारत का सबसे बड़ा किला
दक्षिण भारत के सबसे बड़े किले की बात करें, तो यह गोलकुंडा किला है। यह किला कभी दक्षिण भारत में मजबूत सत्ता का केंद्र हुआ करता था और दक्षिण की राजनीति से यहां से तय होती थी। आज भी यह किला अपने वैभव और आकार के लिए जाना जाता है।
11 किलोमीटर लंबी दीवार के घेरे में है किला
गोलकुंडा किला एक पहाड़ी पर बना हुआ और इसके चारों ओर एक 11 किलोमीटर लंबी दीवार बनी हुई है। किले में प्रवेश और निकासी के लिए 8 दरवाजे बने हुए हैं और सुरक्षा व निगरानी के लिए यहां 80 से अधिक बुर्ज हैं। इन बुर्जों पर कभी तोपें तैनात रहती थीं। किले में आज भी एक फतेह दरवाजा है, जो कि अपनी मजबूती के लिए जाना जाता है। इस दरवाजे पर बड़ी-बड़ी लोहे की कीलें लगी हुई हैं।
साउंड सिस्टम के लिए जाना जाता है किला
गोलकुंडा किले को लेकर एक खास बात यह है कि यहां सुरक्षा के लिए आवाज का इस्तेमाल किया जाता था। किले में फतेह दरवाजा पर एक बिंदु पर ताली बजाने पर इसकी आवाज किले के सबसे ऊंचे बिंदु तक सुनाई देती है। यह तकनीक उस समय राजा को आक्रमण के संबंध में सूचित करने के लिए उपयोग होती थी।
हीरों की खदान हुआ करता था गोलकुंडा किला
गोलकुंडा किला अपने समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। इस समृद्धता में यहां मिलने वाले हीरे- जैसे कोहिनूर और दरिया-ए-नूर जैसे हीरे शामिल थे, जो कि कभी यहां की खदानों से निकले थे।
क्या है किले का इतिहास
गोलकुंडा किला शुरुआत में मिट्टी का किला हुआ करता था, जिसे काकतीय वंश ने 12वीं शताब्दी में बनवाया था। हालांकि, 16वीं शताब्दी तक यह सुल्तानों की राजधानी बना और उन्होंने किले का पुनर्निर्माण कराया। अंत में 1687 में मुगल सम्राट औरंगजेब ने लंबे समय तक किले की घेराबंदी की और इस किले को जीत लिया था।
कितना बड़ा है किला
गोलकुंडा किला करीब 3 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस किले के सबसे ऊपरी बिंदु तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को करीब 1000 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। यह किला इतना बड़ा है कि इसके अंदर खेती तक हुआ करती थी। किले में मस्जिद, मंदिर और अस्तबल बना हुआ है।
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