विदेशी वनस्पतियां ऐसे वनस्पति को कहते हैं जो सामान्यतः विदेशी मूल के होते हैं एवं किसी विशेष जैव विविधता के अंतर्गत पाये जाने वाले मूल पौधों और जानवरों के अस्तित्व के ऊपर सवालिया निशान लगाते हैं। इस तरह के वनस्पति समूह में पाये जाते हैं तथा ये अपने अस्तित्व को बचाने के लिए किसी विशेष क्षेत्र की मूल वनस्पतियों के अस्तित्व को समाप्त करने की ताकत रखते हैं।
इस लेख में हम भारत में पाये जाने वाली विदेशी वनस्पतियो की सूची दे रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।
भारत में पाये जाने वाली विदेशी वनस्पतियो की सूची
विदेशी वनस्पती | विवरण |
सुई वाली झाड़ी | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय दक्षिण अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह कांटेदार झाड़ी या छोटे पेड़ होते हैं जो सुखे वन तथा घनी चट्टानों के बीच में पाये जाते हैं। |
काली बाली | उद्गम स्थान: दक्षिण पूर्व ऑस्ट्रेलिया भारत में वितरण: पश्चिमी घाट विशेषताएं: पश्चिमी घाटों में वनीकरण के लिए लाया गया। इन पौधों की खासियत यह है की जंगल में आग लगने के बाद ये बहुत तेज़ी से विकसित हो जाते हैं । यह ऊंचाई वाले क्षेत्र जैसे जंगलों और चराई भूमि में पाये जाते हैं। |
बकरी की घास | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह बागानों, खेतों और जंगलों पाये जाने वाले घास है जो बहुत तेज़ी से विकसित होते हैं। |
अल्टरेंथेरा पैरानीचियोइड्स | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह ऐसे घास हैं जो नमी वाले क्षेत्र में पनामते हैं जैसे टैंक, नाली और दलदली भूमि |
कांटेदार पोस्ता | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय मध्य और दक्षिण अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: इस तरह के घास सर्दियो में खेत, झाड़ी वाली भूमि तथा जंगलो में पनमते हैं
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ब्लूमे एरियांथा | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह बहुत तेज़ी से विकसित होने वाले घास हैं जो रेलवे ट्रैक, सड़क के किनारे पक्षों और अवक्रमित वनों में प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। |
पाल्मारा, टॉडी पाम | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अफ्रीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह तेज़ी से फैलना वाला घास है जिसको स्वयं बोया जाता है और बागानों, खेतों, बंजर भूमि और जंगलों पाये जाते हैं। |
कैलोट्रोपिस / मदर, स्लोलो पौधा | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अफ्रीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: बागानों, खेतों और जंगलों पाये जाते हैं। |
दशौरा, पाद पौधा, थॉर्न सेब | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: तेज़ी से फैलना वाला घास है जो ज्यादातर अवांछित भूमि, बंजर तथा सूखे जंगलो में विकसित होते हैं। |
जल कुंभी | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में पाये जाने वाले एक तरह का घास है जो पानी के ऊपर तैरने वाला घास है। |
प्रभावशाली बाल्म | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह रेलवे ट्रैक के आस-पास पाये जाने वाले घास हैं। |
इपोमोए / सुबह में खिलने वाला एक तरह का पौथा (Pink morning glory) | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं : यह बहुत तेज़ी से विकसित होने वाले घास हैं जो रेलवे ट्रैक, सड़क के किनारे और अवक्रमित वनों में प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। |
लान्ताना कैमारा / लांताना, वन्य ऋषि | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय अमरीका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: यह सामान्य उगने वाले घास है जो जंगलों, वृक्षारोपण, निवास, अपशिष्ट की भूमि और स्क्रब भूमि में पाये जाते हैं। |
ब्लैक मिमोसा | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय उत्तरी अमेरिका भारत में वितरण: हिमालय, पश्चिमी घाट विशेषताएं: इस तरह के घास बाढ़ के कारण विकसित होते हैं।
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छुई मुई, स्लीपिंग ग्रास | उद्गम स्थान: ब्राज़िल भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: खेतों, जंगलों, चराई वाले इलाके , अवांछित भूमि और उद्यान में विकसित होते हैं। |
चार बजिया (4’ O Clock plant) | उद्गम स्थान: पेरू भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: बगीचों में पाये जाने वाले जंगली घास हैं जो बहुत तेज़ी से फैलते हैं।
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पार्थेनियम / कांग्रेस घास, पार्थेनियम | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय उत्तरी अमेरिका भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: खेतों, जंगलों, चराई वाले इलाके , अवांछित भूमि और उद्यान में विकसित होते हैं। |
प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा / मेसक्वाइट | उद्गम स्थान: मेक्सिको भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: तेज़ी से फैलना वाला घास है जो ज्यादातर अवांछित भूमि, बंजर तथा सूखे जंगलो में विकसित होते हैं। |
टाउनसेंड घास | उद्गम स्थान: उष्णकटिबंधीय पश्चिम एशिया भारत में वितरण: पूरे भारत में विशेषताएं: नदियों के किनारो पर प्रचुर मात्रा में मिलते हैं |
विदेशी प्रजातियों द्वारा जैविक आक्रमण देशी प्रजातियों और पारिस्थितिकी प्रणालियों के प्रमुख खतरों में से एक माना जाता है। उपरोक्त लेख में हमने भारत में पाये जाने विदेशी वनस्पतियो की सूची दिया है जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।
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