PRARAMBH 2026: क्या है ‘प्रारंभ’ अभियान जिसे केंद्र सरकार ने किया लांच? यहां देखें हर एक डिटेल्स
‘PRARAMBH 2026’ अभियान को निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया। इसका उद्देश्य नए आयकर अधिनियम 2025 (1 अप्रैल 2026 से लागू) के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म, कार्यशालाएं, बहुभाषी सामग्री और ‘Kar Saathi’ AI चैटबॉट के जरिए करदाताओं को सरल जानकारी और सहायता प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में ‘PRARAMBH 2026’ नामक देशव्यापी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान आयकर अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में नागरिकों को जागरूक करने के लिए तैयार किया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें प्रिंट, रेडियो, टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।
नया Income Tax Website 2.0 लॉन्च
इस मौके पर वित्त मंत्री ने आयकर विभाग की नई वेबसाइट 2.0 भी लॉन्च की। यह प्लेटफॉर्म अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल, सरल नेविगेशन और बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, जिससे करदाताओं को सुविधाजनक अनुभव मिल सके।
सरल, स्थिर और भरोसेमंद कर व्यवस्था पर जोर
अपने संबोधन में निर्मला सीतारमण ने नई कर व्यवस्था को सरल, स्थिर और न्यूनतम संशोधनों वाला बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कर प्रशासन को सहानुभूतिपूर्ण, तकनीक-आधारित और भरोसे पर आधारित होना चाहिए, ताकि करदाता स्वेच्छा से अनुपालन करें।
‘नागरिक देवो भव’ पर जोर
CBDT के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने ‘नागरिक देवो भव’ के सिद्धांत पर आधारित नागरिक-केंद्रित कर प्रणाली पर जोर दिया। वहीं, राजस्व सचिव अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया कि PRARAMBH 2026 के तहत देशभर में कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए क्षमता निर्माण किया जाएगा।
10 क्षेत्रीय भाषाओं में ब्रोशर
आयकर विभाग ने व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अंग्रेज़ी और हिंदी के अलावा 10 क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारीपूर्ण ब्रोशर जारी किए हैं। इसके साथ ही वीडियो, गाइडेंस मटेरियल, MyGov पहल और ‘Kar Saathi’ नामक AI-आधारित चैटबॉट भी लॉन्च किया गया है, जो करदाताओं को नए कानून, नियमों और फॉर्म्स से संबंधित सहायता प्रदान करेगा।
नए आयकर कानून का उद्देश्य और प्रभाव
आयकर अधिनियम, 2025 को अधिक स्पष्ट, सरल और विवाद-रहित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस कानून का लक्ष्य करदाताओं के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है, जिससे भ्रम और बचाव की प्रवृत्ति के बजाय विश्वास और स्वीकृति को बढ़ावा मिले। यह पहल भारत में एक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल कर प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Strait of Hormuz की कितनी है लंबाई है और किस सागर में है स्थित?
I want to convey a message to the Income Tax Department.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) March 20, 2026
You're not just tax collectors. You're the face of the government's relationship with the taxpayer.
Since you're the face of the government's relationship with the taxpayer, this new law gives you a clearer and leaner… pic.twitter.com/G5jpdVUhZn
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.