भारत से पाकिस्तान बहने वाली नदियां कौन-सी हैं, देखें लिस्ट
भारत में हजारों नदियों का प्रवाह होता है। इस बीच नदियां कई राज्यों को पार करते हुए महासागर में जाकर मिल जाती हैं। वहीं, कुछ नदियां ऐसी भी हैं, जो कि देश-विदेश तक बहती हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत से पाकिस्तान की तरफ बहने वाली नदियां कौन-सी हैं। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में नदियों का विशेष महत्व है। एक तरफ ये पीने के पानी से लेकर कृषि की जरूरतों को पूरा करने का काम करती हैं, तो दूसरी तरफ नदियों पर संयंत्र स्थापित कर बिजली परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाता है, जिससे कई घर रौशन होते हैं।
इसके साथ-साथ नदियों से लोगों की आस्था भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है और यहां पर नदियों को पूजा जाता है। भारत में हजारों नदियों का प्रवाह है, जो कि पर्वत की चोटियों से सफर शुरू कर मैदानी इलाकों को पार कर महासागर में जाकर समा जाती हैं।
हालांकि, इस बीच यह कई राज्यों और देशों के बीच होकर गुजरती हैं। इस कड़ी में कुछ नदियां ऐसी भी हैं, जो कि भारत से पाकिस्तान की तरफ बह रही हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत से पाकिस्तान की तरफ बहने वाली कौन-सी नदियां हैं। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत से पाकिस्तान की तरफ बहने वाली नदियां
सिंधु नदी
सिुंध नदी का उद्गम स्थल तिब्बत के पास सिन-का-बाब नामक जलधारा को माना जाता है। यहां से निकलने के बाद यह नदी तिब्बत और कश्मीर के बीच बहती है और नंगा पर्वत के उत्तर भाग से घूमने के बाद यह नदी पाकिस्तान से गुजरती है और अंत में अरब सागर में जाकर मिल जाती है।
इस नदी का अधिकांश भाग पाकिस्तान में ही है और यह पाकिस्तान की राष्ट्रीय नदी भी है। नदी की कुल लंबाई 3610 किलोमीटर है। इस नदी की पांच उपनदियां हैं, जो कि झेलम, चंद्रभागा, ईरावती, विपासा और सतलुज नदी है।
झेलम नदी
झेलम नदी के मूल वैदिक संस्कृत नाम की बात करें, तो इसे वितस्ता नदी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी का उद्गम जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में वेरीनाग नामक जगह से होता है।
वहीं, इस नदी के अंत की बात करें तो, तो इस नदी का अंत पाकिस्तान प्रांत में झंग जिले में त्रिम्मू नामक स्थान पर चेनाब नदी के साथ मिलकर होता है। इस नदी की कुल लंबाई 725 किलोमीटर है।
चिनाब नदी
चिनाब नदी का पानी हिमाचल प्रदेश में बारा लाचा दर्रे से आता है। यहां से दक्षिण की तरफ बहने वाली नदी को चंद्रा कहा जाता है और उत्तर की तरफ बहने वाली नदी को भागा कहा जाता है।
हिमाचल के टांडी गांव में इन दो नदियों का संगम होता है, जिससे चिनाब नदी बनती है। यह नदी जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र से होकर पाकिस्तान के मैदानी इलाकों में बहती है और सिंधु जल समझौते के तहत यह महत्वपूर्ण नदी है। इस नदी का कुल लंबाई 960 किलोमीटर है।
रावी नदी
रावी नदी को लहौर नदी भी कहा जाता है। इस नदी का उद्गम हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे से होता है। इसके बाद यह नदी जम्मू-कश्मीर और पंजाब होते हुए पाकिस्तान में झांग जिले में चिनाब नदी से मिल जाती है। यह नदी अमृतसर और गुरदासपुर की सीमा भी बनाती है और इसका कुल लंबाई 720 किलोमीटर है।
सतलुज नदी
सतलुज नदी के पौराणिक नाम की बात करें, तो इसका पौराणिक नाम शुतुद्रि है। आपको बता दें कि पंजाब में बहने वाली पांच नदियों में इसका लंबाई सबसे अधिक है। इसका उद्गम स्थल दक्षिण-पश्चिम तिब्बत में राक्षसताल हिमनद से होता है।
यहां से निकलने के बाद यह नदी हिमाचल प्रदेश में यात्रा करने के बाद पंजाब के रूपनगर जिले में प्रवेश करती है यहां लुधियाना और मोगा से बहते हुए रोपड़ जिले में शिवालिक पहाड़ियों के बीच बहती है। यही वह स्थान है, जहां यह पहाड़ी इलाकों को छोड़कर मैदानी इलाकों में पहुंचती है। भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा बनाते हुए यह नदी पाकिस्तान में फाजिल्का के पश्चिम में बहती है।
पढ़ेंः किस नदी को बोला जाता है दक्षिण भारत की गंगा, जानें
पढ़ेंः भारत में बहने वाली 10 सबसे लंबी नदियां
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.