Right Way of Flag Hoisting on Republic Day: 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था। ऐसे में यह दिन भारत की गणतांत्रिक शक्तियों का दिन है। इसी दिन भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस विशेष अवसर पर हमें कर्तव्य पथ से लेकर लोगों के घरों की छत पर शान से लहराता हुआ तिरंगा दिखता है। हालांकि, राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के नियम हैं, जिनके तहत ही ध्वज को फहराया जा सकता है।
राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के क्या हैं नियम
भारत में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को फहराने के लिए कुछ विशेष नियम और प्रोटोकॉल निर्धारित हैं, जो भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India, 2002) और संविधान के अनुसार बनाए गए हैं। ये नियम तिरंगे के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए हैं।
राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के तरीके
तिरंगे की संरचना और रंगों की पहचान:
-ऊपरी पट्टी (केसरिया रंग): शक्ति और साहस का प्रतीक।
-मध्य पट्टी (सफेद रंग): शांति और सत्य का प्रतीक।
-नीचे की पट्टी (हरा रंग): उन्नति और समृद्धि का प्रतीक।
-चक्र: मध्य में अशोक चक्र (24 तीलियों वाला नीला चक्र) होता है, जो धर्म और गति का प्रतीक है।
क्या होता है फहराने का समय
आपको बता दें कि राष्ट्रीय ध्वज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जा सकता है, चाहे वह किसी भी सार्वजनिक, शैक्षणिक या निजी स्थान पर हो क्यों न हो। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि रात में केवल विशेष परिस्थितियों में ही ध्वज फहराने की अनुमति होती है, वह भी तब, जब उचित रोशनी की व्यवस्था है।
क्या फहराने की प्रक्रिया
सार्वजनिक अवसर
ध्वज को पहले मोड़ा हुआ रखा जाता है। इसके बाद रस्सी खींचकर इसे फहराया जाता है। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान के साथ होती है। तिरंगे को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जाता और न ही इसे झुकाया जाता है।
क्या होती है फहराने की दिशा
ध्वज को हमेशा खुले आसमान की ओर फहराया जाना चाहिए। साथ ही, तिरंगे को हमेशा अन्य झंडों के मुकाबले ऊंचे स्थान पर रखा जाना चाहिए। ध्यान रखें कि तिरंगा फहराते समय केसरिया पट्टी हमेशा सबसे ऊपर होनी चाहिए।
तिरंगे के साथ व्यवहार
हमारे राष्ट्रीय ध्वज को कभी भी फाड़ा, जलाया या गंदा नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, इसका इस्तेमाल पोशाक, यूनिफॉर्म, पर्दा या सजावट के लिए नहीं किया जा सकता। ध्यान देने बात यह भी है कि ध्वज पर किसी भी प्रकार की लिखावट, चित्र या वस्त्र लगाना वर्जित है।
आधे झुके झंडे का क्या है प्रोटोकॉल
आपको बात दें कि राष्ट्रीय शोक के समय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है। हालांकि, ऐसा करने से पहले ध्वज को पूरी तरह से फहराया जाता है।
अवकाश और राष्ट्रीय दिवस पर फहराने का तरीका
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस):
राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं और यह "ध्वजारोहण" (hoisting) की प्रक्रिया कहलाती है।
15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस):
प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं, जिसे "ध्वज फैराना" (unfurling) कहते हैं।
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