सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग किन्हें कहा जाता है?

May 13, 2020, 19:19 IST

MSME परिभाषा 2020: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को MSME अधिनियम -2016 के अनुसार वर्गीकृत किया गया है.कोविड 19 से हुए आर्थिक नुकसान को कम करने के दिशा में कदम उठाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 3 लाख करोड़ ऋण प्रदान करने की घोषणा की है. इसके कारण देश में 45 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को फायदा होगा.

Definition of MSME Act-2006
Definition of MSME Act-2006

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) क्षेत्र पिछले पांच दशको में भारतीय अर्थव्यवस्था में एक अत्यधिक जीवंत एवं गतिशील क्षेत्र के रूप में उभरा है. इस क्षेत्र ने भारत की अर्थव्यवस्था को आर्थिक  मंदी के समय मंदी में फसने से बचाया था. कुल मिलाकर यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी जैसा रोल निभा रहा है.

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास बिल- 2005 (जो 12 मई, 2005 को संसद में प्रस्तुत किया गया था) को राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृति दे दी गई है और इस प्रकार एक अधिनियम बन गया था. इस अधिनियम को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 के रूप में नामित किया गया है.

आइये जानते है कि इस अधिनियम के अनुसार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम किन्हें कहा जायेगा?

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) विकास अधिनियम -2006 की नई परिभाषा; (New Definition of MSME 2020)
नई परिभाषा 7 अप्रैल,2018 से लागू है जिसे प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी की बैठक में अंतिम रूप दिया गया था. इस परिवर्तन के बाद अब “प्लांट और मशीनरी” में निवेश की जगह “टर्नओवर” के आधार पर MSMEs वर्गीकरण किया जायेगा.

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम की  पुरानी परिभाषा,2018

 

                                     विनिर्माण क्षेत्र     

 सूक्ष्म उद्योग

 सालाना टर्न ओवर रु. 5 करोड़ से कम

 लघु उद्योग

 सालाना टर्न ओवर रु. 5 करोड़ से 75 करोड़ के बीच

 मध्यम उद्योग

 सालाना टर्न ओवर रु. 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच

 

   सेवा क्षेत्र

 सूक्ष्म उद्योग

 सालाना टर्न ओवर रु. 5 करोड़ से कम

 लघु उद्योग

 सालाना टर्न ओवर रु. 5 करोड़ से 75 करोड़ के बीच

 मध्यम उद्योग

 सालाना टर्न ओवर रु. 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच

सरकार द्वारा इसकी नई परिभाषा इस प्रकार दी गयी है:- 2020 (New Definition of MSME 2020)

वर्गीकरण 

सूक्ष्म उद्योग

लघु उद्योग

माध्यम उद्योग

विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र

निवेश 1 करोड़ से कम &

टर्नओवर 5 करोड़ से कम  

 

निवेश 10 करोड़ से कम &

टर्नओवर  50 करोड़ से कम

 

निवेश 20 करोड़ से कम &

टर्नओवर  100 करोड़ से कम

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान इस प्रकार है. (Contribution of MSME Sector in the Indian Economy)
1. इस समय भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र की लगभग 36.1 मिलियन इकाइयाँ लगी हुई हैं.
2. वर्तमान में MSMEs ने भारत में 120 मिलियन लोगों को रोजगार दिलाया हुआ है.
3. MSMEs, भारत के कुल निर्यात में करीब 45% योगदान देते हैं.
4. MSMEs, भारत के विनिर्माण-सकल घरेलू उत्पाद में 6.11% का योगदान देते हैं, सेवा क्षेत्र से मिलने वाली GDP में 25% का योगदान देते हैं.
5. इस क्षेत्र ने लगातार 10% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर को बनाए रखा है.
6. देश के सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र का योगदान लगभग 8% का है.
7. MSMEs की बहुत सी इकाइयाँ ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थित है जिसके कारण गावों से शहरों की ओर पलायन रुका है.
उम्मीद है कि इस एक्ट में किये गए नए परिवर्तन आगे चलकर उद्योग क्षेत्र के विकास को और गति प्रदान करेंगे.

Hemant Singh is an academic writer with 7+ years of experience in research, teaching and content creation for competitive exams. He is a postgraduate in International
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