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जानें पेट्रोल पम्प खोलने की पूरी प्रक्रिया क्या होती है?

पेट्रोल पंप के लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पात्रता मानदंड तैयार किये गए है. नई प्रक्रिया के मुताबिक, यदि आप पहले से तय योग्यता मानदंडों के पहले चरण को पास कर लेते हैं इसके बाद ही आपको दूसरे चरण में प्रवेश मिलेगा. यह लेख भारत में पेट्रोल पम्प खोलने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहा है.
Mar 8, 2018 04:24 IST
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What is the complete process to get a petrol pump lisence
What is the complete process to get a petrol pump lisence

ज्ञातव्य है कि भारत अपनी जरुरत का केवल 20% कच्चा तेल ही उत्पादित कर पाता है और बकाया का अन्य देशों से आयात करना पड़ता है. भारत में डीजल और पेट्रोल बेचने वाली प्रमुख कंपनियों में; भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड आदि प्रमुख हैं. ये कम्पनियाँ पूरे भारत में डीलरों को पेट्रोल पम्पों का आवंटन करतीं हैं और इन्ही पेट्रोल पम्पों के माध्यम से पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री होती है. भारत में अभी लगभग 60 हजार के लगभग पेट्रोल पंप हैं.

यह लेख इस बात पर प्रकाश डालेगा कि भारत में पेट्रोल पम्पों का लाइसेंस कैसे प्राप्त किया जाता है, इसके लिए किस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और कितने रुपयों के निवेश की जरुरत पड़ती है.

पेट्रोल पंप के लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक नया पात्रता मानदंड तैयार किया गया है. नई प्रक्रिया के मुताबिक, यदि आप पहले से तय योग्यता मानदंडों के पहले चरण को पास कर लेते हैं तो इसके बाद ही आपको दूसरे चरण में प्रवेश मिलेगा.

तो आइये जानते हैं कि प्रथम और द्वितीय चरण की चयन प्रक्रिया में क्या-क्या देखा जाता है.

प्रक्रिया का प्रथम चरण:

पात्रता मापदंड:-

1. आवेदक को एक भारतीय नागरिक और भारत का निवासी होना चाहिए अर्थात यदि कोई NRI है तो उसे कम से कम 180 दिनों तक भारत में रहना चाहिए.

2. आवेदक की आयु 21 से 55 साल के बीच होनी चाहिए (स्वतंत्रता सेनानियों को छूट प्राप्त है)

3. अपनी उम्र का सही प्रमाण देने के लिए आवेदक को 10 कक्षा की मार्कशीट की फोटोकॉपी लगानी होगी.

4. अगर कोई आवेदक गाँव में रहता है और SC/ST/OBC केटेगरी से सम्बन्ध रखता है तो उसका केवल 10 कक्षा पास होना जरूरी है लेकिन सामान्य केटेगरी के आवेदक के लिए 10+2 पास होना जरूरी है.

5. अगर कोई शहरी इलाके में पेट्रोल पम्प खोलना चाहता है तो उसे ग्रेजुएट होना चाहिए.

6. स्वतंत्रता सेनानियों के मामले में पढाई-लिखाई की न्यूनतम शिक्षा का नियम लागू नहीं है.

कितने न्यूनतम फंड की आवश्यकता होगी:-

1. यदि पेट्रोल पम्प को ग्रामीण इलाकों में खोला जाना है तो न्यूनतम 12 लाख रुपयों की जरुरत होगी लेकिन यदि शहरी इलाकों में खोला जाना है तो कम से कम 25 लाख रुपयों की जरुरत होगी. इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ये रुपये किस रूप में होने चाहिए;

ध्यान रहे कि ये रुपये; गहनों और नकदी के अलावा निम्न स्रोतों में रखे जा सकते हैं;

बचत खातों में जमा के रूप में , बैंकों में फिक्स्ड जमा के रूप में, पंजीकृत कंपनी में निवेश, डाक योजना में निवेश, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र में निवेश, बांड्स में निवेश, किसी सूचीबद्ध कंपनी के शेयर ले रखे हो लेकिन डीमैट खाते में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश. यहाँ पर यह ध्यान रहे कि शेयर, म्यूचुअल फंड्स और बांड्स में निवेश की गयी राशि का केवल 60% मूल्य ही पात्रता मानदंडों में जोड़ा जायेगा.

भूमि की आवश्यकता –

तेल कम्पनियाँ पेट्रोल पम्प का आवंटन देने से पहले यह जरूर देखतीं है कि जिस जगह पर पेट्रोल पम्प खोला जाना है वह जगह कितनी अहम् है; क्या वहां पर अच्छी बिक्री होगी या नही. कभी-कभी तेल कम्पनियाँ खुद निविदा के माध्यम से बतातीं है कि उन्हें किस जगह पर पेट्रोल पम्प खोलना है.

इस प्रकार पेट्रोल पम्प आवंटन में जमीन एक बहुत अहम् रोल निभाती है. आवेदक के पास उस क्षेत्र में स्वयं की भूमि होनी चाहिए जहां वह पेट्रोल पम्प खोलना चाहता है यदि उसके पास स्वयं की जमीन नही तो वह जमीन को लीज पर ले सकता है (कितने समय के लिए लीज पर लेना है यह तेल कम्पनी बताती है) या फिर जमीन को खरीद भी सकता है. भूमि के स्वामित्व को साबित करने के लिए आपको विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों को भी दिखाना होगा.

साधारणतः एक पेट्रोल पम्प खोलने के लिए 800 वर्ग मीटर से 1200 वर्ग मीटर (हाईवे के लिए) जगह की जरुरत होती है.

पेट्रोल पम्प के लिए लाइसेंस शुल्क और एप्लीकेशन शुल्क :-

वर्तमान में, पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस शुल्क मोटर स्पिट के लिए 18 रु./किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल के लिए 16 रु./किलोलीटर है (जिनके पास “B”/“DC केटेगरी के पेट्रोल पम्प पहले से उपलब्ध हैं).  इसके अलावा मोटर स्पीड के लिए 48 रु./किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल के लिए 41 रु./किलोलीटर (जिनके पास “A” / “CC” केटेगरी के रिटेल पेट्रोल पम्प पहले से ही उपलब्ध हैं).

आवेदन शुल्क (Application Fees):-

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एप्लीकेशन फीस 100 रुपये है जबकि अन्य जगहों के लिए 1000 रुपये है. आवेदन शुल्क का भुगतान संबंधित तेल कंपनी के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के रूप में किया जाना चाहिए. आवेदन शुल्क वापस नही किया जायेगा. कृपया ध्यान दें कि एक आवेदक एक से अधिक स्थान के लिए आवेदन नहीं कर सकता है. दूसरे शब्दों में, एक व्यक्ति, एक एप्लीकेशन, एक जगह का नियम लागू होगा.

यदि किसी जगह पर तेल कम्पनी की जमीन है और उस जगह पर पेट्रोल पम्प लगना है तो आवेदक को ग्रामीण क्षेत्र में 5 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 15 लाख रुपये का भुगतान तेल कम्पनी को करना होगा जो कि वापस नही किया जायेगा.

प्रक्रिया का दूसरा चरण:

पेट्रोल पम्प खोलने के लिए आवेदन कैसे करें:-

सबसे पहले, आपको तेल कंपनी द्वारा समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापन को देखना होगा. ये विज्ञापन सम्बंधित तेल कम्पनी की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किए जाते हैं. इन विज्ञापनों में यह भी लिखा होता है कि तेल कम्पनी को किस जगह पर पेट्रोल पम्प लगाना है. इच्छुक उम्मीदवार वांछित राज्य/शहर/क्षेत्र में पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

जब तेल कंपनी को काफी बड़ी संख्या में आवेदन मिल जाते हैं तो वह लॉटरी के माध्यम से विजेता के नाम की घोषणा करती है और जिसका नाम लॉटरी में निकलता है उसको सभी सम्बंधित दस्तावेज तेल कम्पनी के पास जमा कराने पड़ते हैं.

नोट: पेट्रोल पम्प का लाइसेंस मिलने के बाद आवेदक को वस्तु एवं सेवा कर (GST) देने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपने पेट्रोल पम्प के नाम से एक कर्रेंट अकाउंट भी खुलवाना होगा.

तो इस प्रकार से आपने पढ़ा कि पेट्रोल पम्प का लाइसेंस लेने के लिए एक बहुत ही पेचीदा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और यदि कोई आवेदक पेट्रोल पम्प के लिए पात्र हो भी जाता है तो उसे बहुत रुपयों की जरुरत होती है जो कि हर व्यक्ति के लिए आसान नही है.

क्या आप पेट्रोल पम्प पर अपने अधिकारों के बारे में जानते हैं?