Dhanteras 2023: यदि धरती पर मौजूद कीमती खनिजों की बात करें, तो इसमें सोना, चांदी व हीरे प्रमुख रूप से शामिल हैं। यही वजह है कि राजा-महाराजाओं के समय से लेकर अभी तक इन खनिजों का विशेष स्थान रहा है।
धनतेरस के पर्व पर बाजार में सोना-चांदी समेत अन्य धातुओं की खरीददारी चल रही है। जैसे कि हम जानते हैं कि सोने का रंग गहरा पीला होता है, लेकिन क्या आपने कभी सफेद सोना के बारे में सुना है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
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भारत में कहां से निकाला जाता है सोना
भारत में सबसे अधिक सोना कर्नाटक राज्य से निकाला जाता है। यहां मौजूद कोलार एहुट्टी और उटी नाम की खानों से सोना निकाला जाता है। वहीं, झारखंड और आंध्रप्रदेश राज्य से भी सोना निकलता है। यहां की हीराबुद्दीनी और केंदरुकोचा नाम की खानों से सोने का खनन किया जाता है।
कैरेट से कैसे होती है सोने की पहचान
आप जब भी बाजार से सोना खरीदते होंगे, तो उस पर कैरेट अंकित होता है। ऐसे में यदि 24 कैरेट सोना होता है, तो वह 99.99 फीसदी शुद्ध सोना है। वहीं, 22 कैरेट सोना में 91.67 शुद्ध सोना होता है। इसके अलावा 18 कैरेट सोना में 75 फीसदी शुद्ध सोना और 25 फीसदी तांबे व चांदी की मिलावट होती है।

क्या होता है सफेद सोना
सफेद सोने की बात करें, तो यह सबसे महंगी धातु कही जाने वाली Platinum का विकल्प होता है। पूरी तरह से शुद्ध सोने बहुत नरम होता है, ऐसे में इससे आभूषण बनाना मुश्किल होता है।
वहीं, इसमें कुछ सफेद धातुएं भी मिलाई जाती है, जिससे आभूषण बनाया जा सके। सफेद सोना बनाने के लिए 75 फीसदी शुद्ध सोना और 25 फीसदी में जिंक और निकेल का मिश्रण होता है। इन तीनों के मिश्रण से सफेद सोना तैयार होता है।
समय-समय पर कोटिंग कराना जरूरी
सफेद सोना समय के साथ-साथ पीला पड़ने लगता है। ऐसे में इसकी समय-समय पर रिकोटिंग करना जरूरी है। वहीं, सफेद सोने पर स्क्रैच पड़ना की संभावना रहती है। ऐसे में इसे अधिक रखरखाव की जरूरत होती है। यहां ध्याने देने वाली बात यह भी है कि जो लोग प्लैटिनम को नहीं खरीद सकते हैं, उनेक लिए सफेद सोना एक विकल्प के रूप में होता है।
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