उत्तर प्रदेश का सबसे कम पढ़ा-लिखा जिला कौन-सा है, जानें
उत्तर प्रदेश उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल है। आर्थिक, राजनितिक और भौगोलिक रूप से इस राज्य का विशेष महत्व है, जो कि वर्षों से देश के विकास में अपना योगदान देता आया है। आपने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप इस राज्य की साक्षरता दर के बारे में जानते हैं। वहीं, इस राज्य का कौन-सा जिला सबसे कम पढ़ा-लिखा है।
भारत में उत्तर प्रदेश राज्य उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का यह राज्य चौथा स्थान रखता है, वहीं जनसंख्या के मामले में भारत के इस राज्य का स्थान पहला है।
राजनीतिक, आर्थिक और भौगोलिक रूप से उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण राज्य है, जो कि भारत के आर्थिक विकास के पहिये को रफ्तार देने के साथ-साथ अनूठी परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और एतिहासिक स्थलों का घर है।
भारत की आजादी में संघर्ष की बात हो या फिर औद्योगिक क्रांति की, उत्तर प्रदेश का सराहनीय योगदान रहा है। भारत के इस राज्य में अलग-अलग शहरों में कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान हैं, जहां पढ़ने के लिए दूर-दूर से छात्र आते हैं।
हाालंकि, क्या आप जानते हैं कि इस राज्य की अपनी साक्षरता दर क्या है और सबसे कम पढ़ा-लिखा कौन-सा जिला है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर
उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर की बात करें, तो साल 2011 में देशभर में जनगणना के दौरान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की साक्षरता दर रिकॉर्ड की गई थी। यहां की साक्षरता दर 67.72 फीसदी है।
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उत्तर प्रदेश में पुरुषों की साक्षरता दर
उत्तर प्रदेश में यदि पुरुषों की साक्षरता दर की बात करें, तो यह कुल साक्षरता दर से अधिक है। यहां पुरुषों की साक्षरता दर 77.30 फीसदी है।

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की साक्षरता दर
उत्तर प्रदेश में यदि महिलाओं की कुल साक्षरता दर की बात करें, तो यह कुल साक्षरता दर से भी कम है। यहां महिलाओं की साक्षरता दर 57.20 फीसदी है। ऐसे में यहां पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता दर में 20.10 फीसदी अंतर है।
उत्तर प्रदेश के सबसे कम पढ़े-लिखे जिले
उत्तर प्रदेश के सबसे कम पढ़े-लिखे जिले की बात करें, तो वह श्रावस्ती जिला है। यहां की साक्षरता दर कम है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश का बहराइच और बलरामपुर सबसे कम साक्षर जिला है।
उत्तर प्रदेश का परिचय
उत्तर प्रदेश के पुराने नाम की बात करें, तो यह राज्य पहले 1836 से उत्तर-पश्चिम प्रांत के नाम से जाना जाता था। इसके बाद 1877 से यह आगरा और अवध प्रांत के नाम से जाने जाना लगा। वहीं, 1907 से यह संयुक्त प्रांत आगरा और अवध के नाम से जाना जाने लगा।
इसके बाद 1937 में इसका नाम संयुक्त प्रांत कर दिया गया है, जिसे अंग्रेजी में United Provinces कहते थे। वहीं, देश के आजाद होने के बाद 24 जनवरी, 1950 से इसका नाम यूनाइटेड प्रोविंसेस की जगह उत्तर प्रदेश कर दिया गया। इस राज्य में कुल 75 जिले और 18 मंडल हैं।
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