भारत में कहां छापे जाते हैं नोट, जानें
सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) एक मिनीरत्न श्रेणी- I सीपीएसई है और भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुसूची 'ए' कंपनी है, जो सुरक्षा कागजात के निर्माण, सिक्कों की ढलाई, बैंक नोटों की छपाई, गैर-न्यायिक स्टांप पेपर, डाक टिकट और यात्रा दस्तावेज आदि
सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) एक मिनीरत्न श्रेणी- I सीपीएसई है, और भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुसूची 'ए' कंपनी है, जो सुरक्षा कागजात के निर्माण, सिक्कों की ढलाई, बैंक नोटों की छपाई, गैर-न्यायिक स्टांप पेपर, डाक टिकट और यात्रा दस्तावेज काम करती है।
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भारत में सुरक्षा पत्रों की छपाई और ढलाई
-इंडिया सिक्योरिटी प्रेस ( नासिक रोड) - डाक सामग्री, डाक टिकट, गैर-डाक टिकट, न्यायिक और गैर न्यायिक टिकट, चेक, बांड, एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र), किसान विकास पत्र, राज्य सरकारों की प्रतिभूतियां, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और वित्तीय निगम।
-सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस ( हैदराबाद) - दक्षिणी राज्यों द्वारा डाक सामग्री की मांग को पूरा करने के लिए 1982 में स्थापित की गई थी। यह देश की केंद्रीय उत्पाद शुल्क टिकटों की मांग को भी पूरा करती है।
-करेंसी नोट्स प्रेस ( नासिक रोड)- 1991 से यह प्रेस रुपये के करेंसी नोट छापती है, जिसमें 1 रु, 2 रु, 5 रु, 10 रु, 50 और 100 रु के नोट शामिल हैं।
-बैंक नोट्स प्रेस ( देवास ) - 20 रु, 50 रु, 100 रु और 500 रु. यहां से मुद्रित हैं। करेंसी नोट प्रेस, नासिक रोड और बैंक नोट प्रेस, देवास जो अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके हमारे देश के साथ-साथ विदेशों के लिए भी बैंक नोटों के उत्पादन में लगे हुए हैं। भारत में प्रसारित 40% से अधिक मुद्रा नोट इन इकाइयों द्वारा मुद्रित किए जाते हैं।
इन दो इकाइयों (देवास और नासिक रोड) का पूर्वी अफ्रीका, इराक, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार व भूटान आदि देशों में बैंक नोटों के निर्यात का इतिहास है। बैंक नोट प्रेस, देवास विभिन्न सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रकार की सुरक्षा स्याही भी बनाता है।

-आधुनिकीकृत मुद्रा नोट प्रेस - दो नए आधुनिक मुद्रा नोट प्रेस मैसूर (कर्नाटक) और सालबोनी (पश्चिम बंगाल) में स्थापित हैं।
-सिक्योरिटी पेपर मिल, होशंगाबाद-- सिक्योरिटी पेपर मिल (एसपीएम), होशंगाबाद की स्थापना 1968 में हुई थी और इसे वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत गैर-वाणिज्यिक उपक्रम के रूप में अधिसूचित किया गया था।
-सिक्के चार स्थानों पर ढाले जाते हैं - टकसाल मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में स्थित हैं, जिनके पास समृद्ध और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने की विरासत है। ये टकसाल देश में प्रचलित सभी सिक्कों की ढलाई का कार्य कर रहे हैं।
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