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भारत में श्वेत क्रांति

श्वेत क्रांति दूध-उत्पादकता में तीव्र वृद्धि से संबंधित है। भारत में श्वेत क्रांति को ऑपरेशन फ्लड के नाम से भी जाना जाता है| भारत को दुग्ध-उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1970 के दशक में इसकी शुरूआत की गई थी| डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत में श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है। वर्तमान में भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है|
Jan 10, 2017 09:55 IST
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भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है| वर्ष 2014-15 में भारत में 146.31 मिलियन टन दूध का उत्पादन किया गया| भारत में दूध उत्पादकता की दर पश्चिमी देशों की तुलना में कम है, लेकिन देश में मवेशियों की बड़ी संख्या की वजह से यह दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादक देशों की सूची में सबसे ऊपर है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पंजाब और हरियाणा भारत में प्रमुख दूध उत्पादक राज्य हैं। इसके अलावा भारत दुनिया में भैंस के दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश भी है|

इतिहास: 1964-65 के दौरान देश में “गहन पशु विकास कार्यक्रम (ICDP)” की शुरूआत की गई थी जिसके तहत देश में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए पशु मालिकों को पशुपालन में सुधार हेतु एक पैकेज की व्यवस्था की गई थी| बाद में श्वेत क्रांति की गति को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (National Diary Development Board) द्वारा देश में एक नये कार्यक्रम “ऑपरेशन फ्लड” की शुरूआत की गई थी|

भारत में “ऑपरेशन फ्लड” की सफलता के पीछे के मुख्य कारण निम्न थे?

(i) पशुपालन में नए तरीकों को अपनाना

(Ii) पशुओं की भोजन सामग्री में उन्नत पदार्थों का मिश्रण

भारत में विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की सूची

ऑपरेशन फ्लड को तीन चरणों में शुरू किया गया था:

1. 1970-1980 के दौरान पहले चरण में विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से यूरोपीय संघ (तत्कालीन यूरोपीय आर्थिक समुदाय) द्वारा दान के रूप में प्राप्त “स्किम्ड मिल्क पाउडर” और “बटर ऑयल” की बिक्री के द्वारा राजस्व इकट्ठा किया गया था।

2. 1981-1985 के दौरान दूसरे चरण में दूध के भण्डार-गृहों की संख्या को 18 से बढ़ाकर 136 किया गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में दूध की 290 के दुकानें (outlet) खोली गयी थी| 1985 के अंत तक  ऑपरेशन फ्लड के अंतर्गत 42,50,000 दूध उत्पादकों के साथ 43,000 गांव के सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर बनाया गया।

3. 1985-1996 के दौरान तीसरे चरण में दूध के अतिरिक्त उत्पादन के भण्डारण एवं खरीद के लिए आवश्यक बाजार एवं बुनियादी ढांचे के विस्तार हेतु डेयरी सहकारी समितियों को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया| इस चरण में 30000 नए डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया जिसके कारण उस समय देश में डेयरी सहकारी समितियों की कुल संख्या लगभग 73000 तक पहुँच गई थी|

भारत में हरित क्रांति

State in Milk Production in India

Image source:Listz

डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत में श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है। दुनिया में उत्पादित कुल दूध में भारत की हिस्सेदारी लगभग 17% है। देश में उत्पादित कुल दूध में संगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 80% है, जबकि शेष 20% हिस्सेदारी में सहकारी समितियां और निजी डेयरी संघ समान रूप से साझीदार हैं| भारत में 1.50 लाख से अधिक ग्रामीण स्तरीय डेयरी सहकारी समितियां हैं जो  देश के 265 से अधिक जिलों में फैले हुए हैं| इन डेयरी सहकारी समितियों द्वारा प्रति दिन लगभग 26 मिलियन लीटर दूध एकत्रित किया जाता है|

milkman of india

image source:google.com

भारत में दूध उत्पादन और प्रति व्यक्ति उपलब्धता

वर्ष

दुग्ध उत्पादन (मिलियन टन)

प्रति व्यक्ति उपलब्धता (ग्राम / दिन)

1950-51

17

124

1960-61

20

124

1970-71

22

112

1980-81

31.6

128

1991-92

53.9

176

2000-01

80.6

220

2005-06

97.1

241

2009-10

116.4

273

2010-11

121.8

281

2011-12

127.9

290

2012-13

132.4

298

2013-14

137.7

311

2014-15

146.31

350

Source: ministry of Agriculture, Govt. of India

अंत में यह कहा जा सकता है कि भारत में श्वेत क्रांति की शुरूआत किसानों की मदद के लिए की गई थी| इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसके अंतर्गत किसान खुद से ही अपने विकास को सुनिश्चित करते थे क्योंकि विकास के सारे संसाधन किसानों के नियंत्रण में ही थे|

भारत में दुग्ध उत्पादन से सम्बन्धित तथ्य