भारत में मौजूद है दुनिया का सबसे ऊंचा गांव, जानें
भारत विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं का घर है। इसके साथ ही यहां कई पर्यटन और दर्शनीय स्थल ऐसे हैं, जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से लोग पहुंचते हैं। इसकी कड़ी में भारत में एक ऐसा गांव भी मौजूद है, जो कि सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है। कौन-सा है यह गांव और कितनी ऊंचाई पर है स्थित, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें ।
भारत विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां की विविध संस्कृति, अनूठी परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं भारत को अन्य देशों से अलग देश बनाती है। इसके साथ ही यहां पर कई पर्यटन स्थल ऐसे भी हैं, जो एकाएक पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं और हर साल यहां देश-विदेशी सैलानी पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही भारत एक ग्राम प्रधान देश है, जहां की अधिकांश आबादी गांव में ही निवास करती है।
इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा गांव भी मौजूद है, जो कि भारत का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित गांव है। खास बात यह है कि यह गांव एक मोटरेबल रोड से जुड़ा हुआ है, यानि यहां वाहनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है, तो कौन-सा है यह गांव और भारत के किस राज्य में है स्थित, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
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किस राज्य में है भारत का सबसे ऊंचा गांव
यहां सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि भारत के किस राज्य में सबसे अधिक ऊंचाई पर गांव स्थित है, तो आपको बता दें कि भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में सबसे अधिक ऊंचाई पर मोटरेबल गांव मौजूद है।

यह है दुनिया का सबसे ऊंचा गांव
आपको बता दें कि दुनिया का सबसे ऊंचा गांव हिमाचल प्रदेश राज्य के स्पीति जिले में स्थित है, जिसे हम कौमिक गांव के नाम से जानते हैं। यह गांव मोटरेबल रोड से जुड़ा हुआ है। यानि यहां किसी भी मोटर गाड़ी के माध्यम से बहुत ही आसानी से पहुंचा जा सकता है।
कितनी ऊंचाई पर है दुनिया का सबसे ऊंचा गांव
अब सवाल है कि आखिर कितनी ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा गांव स्थित है, तो आपको बता दें कि कौमिक गांव समुद्र तल से 4587 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यानि यदि इसे किलोमीटर में मापें, तो यह 4.5 किलोमीटर से भी अधिक है।
जून में रहता है 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तापमान
अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां पूरे वर्ष मौसम ठंडा रहता है। वहीं, जून में जब समूचा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में होता है, तो पहाड़ी राज्यों का यह गांव ठंडी हवाओं की आगोश में होता है। यहां जून में भी 7 से 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया जाता है। वहीं, नवंबर के बाद से यह गांव धीरे-धीरे बर्फ से ढकना शुरू हो जाता है और दिसंबर व जनवरी के महीने में यह पूरी तरह बर्फ से ढक जाता है।
गोल आकार में बना हुआ है गांव
यदि इस गांव को ऊपर से देखा जाए, तो यह एक गोल आकार के रूप में दिखता है या फिर इसे एक कटोरा के आकार में भी कह सकते हैं। गांव के कुछ हिस्से में छोटे और बड़े मकान हैं। वहीं, कुछ हिस्से में कच्चे मकान भी मौजूद हैं। यदि आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हिमाचल प्रदेश के काजा में पहुंचकर यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां टैक्सी के साथ-साथ बस से भी पहुंचा जा सकता है, जो कि आपको काजा से मिल जाएगी।
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