लोदी वंश दिल्ली सल्तनत का आखिरी वंश था। इसकी स्थापना बहलोल लोदी ने की थी.
बहलोल लोदी
सैय्यद वंश के आखिरी शासक को हटाकर बहलोल लोदी ने 1451 ई मे लोदी वंश की स्थापना की. बहलोल सरहिन्द का गर्वनर रहा था और एक अच्छा सैनिक था। उसने जौनपुर और उसके आस-पास के क्षैत्रो को दोबारा हासिल कर लिया। उसने सरहिन्द के एक हिंदू सुनार की बेटी से शादी की। बहलोल लोदी के बाद 1489 मे उसका बेटा सिकंदर लोदी सुल्तान बना।
सिकंदर लोदी
सिकंदर लोदी ने 1489 से 1517 ई तक शासन किया । उसने बंगाल ,बिहार,चंदैरी,अवध व बुदेलखंड के राजाओ पर नियंत्रण करके दिल्ली सल्तनत को दोबारा स्थापित करने का प्रयास किया।
सिकंदर लोदी के शासनकाल की प्रमुख विशेषताएं
• उसने 1503 ई मे आगरा शहर बसाया और 1506 ई मे अपनी राजधानी दिल्ली से आगरा ले आया।
• उसने हिंदू मंदिरो को नष्ट किया और हिंदूओ पर जज़िया लगाया।
• उसने ग्वालियर के किले पर पांच बार आक्रमण किया लेकिन राजा मानसिंह ने हर बार उसे हरा दिया।
• सिकंदर की मृत्यु 1517 ई मे हुई उसके बाद उसका बेटा इब्राहिम लोदी राजा बना।
इब्राहिम लोदी
इब्राहिम लोदी एक बहादुर राजा था लेकिन वह एक सफल प्रशासक साबित नहीं हो सका। उसके शासनकाल में बहुत से विद्रोह हुए। जौनपुर और अवध मे विद्रोह का नेतृत्व दरिया खान ने किया । दौलत खान ने पंजाब में विद्रोह किया। इब्राहिम के शासन काल में मेवाड़ मे राणा सांगा औऱ अधिक शक्तिशाली हो गया।
इब्राहिम लोदी इतना अलोकप्रिय हो गया कि उसका ज़मींदार व चाचा आलम खान काबुल भाग गया और बाबर को भारत पर हमला करने का न्यौता दिया । जल्द ही बाबर ने भारत पर आक्रमण करके इब्राहिम लोदी को हरा दिया।
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