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Republic Day Speech in Hindi: 26 जनवरी पर पर इस तरह लिखें निबंध

Republic Day Speech in Hindi: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भारत में एतिहासिक दिन है। इस लेख में हम आपको 26 जनवरी के मौके पर निबंध लिखने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने स्कूल या संस्थान में 26 जनवरी पर एक अच्छा निबंध लिख सकते हैं।  

 

Republic Day 2023: 26 जनवरी पर पर इस तरह लिखें निबंध
Republic Day 2023: 26 जनवरी पर पर इस तरह लिखें निबंध

Republic Day 2023: 26 जनवरी उस दिन को याद दिलाता है, जब 1935 के भारत सरकार अधिनियम को भारतीय संविधान द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। इस वर्ष भारत अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जिसकी थीम 'जन-भागीदारी-लोगों की भागीदारी' है। इस साल गणतंत्र समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

गणतंत्र दिवस के मौके पर स्कूलों में नृत्य, गायन, निबंध और भाषण सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। ऐसे में हम आपको इस लेख के माध्यम से गणतंत्र दिवस पर लिखे जाने वाले निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने दोस्तों, सहकर्मियों और शिक्षकों को प्रभावित कर सकते हैं। 

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क्या होता है निबंध  

निबंध लेखन पाठ्यक्रम का एक अनिवार्य हिस्सा है। निबंध से शिक्षकों को पता चलता है कि छात्र की भाषा और व्याकरण पर कितनी पकड़ है। यही वजह है कि अक्सर कुछ प्रमुख विषयों पर निबंध लिखने के लिए दिया जाता है, जिससे छात्र का मूल्यांकन किया जा सके। साथ ही कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अभ्यर्थियों से निबंध लेखन कराया जाता है। 

एक निबंध के तीन मुख्य घटक होते हैं, जो कि इस प्रकार हैं,

परिचय

ढांचा

निष्कर्ष

एक अच्छा निबंध लिखने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

1.कुछ प्रारंभिक अध्ययन करें

2.अपने निबंध के लिए एक रूपरेखा तैयार करें

3.बॉडी पैराग्राफ लिखें

4.एक अच्छा परिचय लिखें

5.निष्कर्ष को क्रिस्प रखें।

6.लिखने के बाद कम से कम तीन बार संपादित करें।

हिंदी में गणतंत्र दिवस के लिए छोटा निबंध

हर साल 26 जनवरी को भारत के लोग बड़े गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ गणतंत्र दिवस मनाते हैं। इसे राष्ट्रीय अवकाश नामित किया गया है और इसे भारत के राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है। 26 जनवरी,1950 को भारत के संविधान को अपनाने के बाद इसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस ब्रिटिश शासन से भारत की ऐतिहासिक स्वतंत्रता को याद करने और जश्न मनाने का भी समय है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर विजय चौक से इंडिया गेट तक भारतीय सेनाओं की बड़ी परेड होती है। साथ ही इसमें विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति को भी झाकियों के माध्यम से दर्शाया जाता है।भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना भारत के राष्ट्रपति को सलामी भी देती हैं। इसके साथ ही  परेड में भारतीय सशस्त्र बल उन्नत हथियारों के साथ अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। इस अवसर पर स्कूलों और कॉलेजों में परेड, ध्वजारोहण समारोह, निबंध प्रतियोगिता, नाटक और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

वहीं, इस दिन पर होने वाला अवकाश हमारे महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों की याद दिलाता है, जो अपने या अपने परिवार के बारे में सोचे बिना देश के लिए कुर्बान हो गए। 

गणतंत्र दिवस पर इस तरह लिखें लंबा निबंध

भारत हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में गर्व और जोश के साथ मनाता है। यह हमारे संविधान को अपनाने की वर्षगांठ है। हमारी स्वतंत्रता प्राप्त करने के लगभग तीन साल बाद 26 जनवरी, 1950 को भारत एक संप्रभु, धर्मनिर्पेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ।

हमने 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी। लेकिन, इसके बाद हमारे पास लिखित संविधान नहीं था। भारत में राज्य के मामलों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक विशेषज्ञों और राजनीतिक ढांचे की भी कमी थी। 1935 का भारत सरकार अधिनियम, जिसमें औपनिवेशिक शासन की ओर एक मजबूत प्रवृत्ति थी, इसे शासन करने के लिए अनिवार्य रूप से संशोधित किया गया था। इसलिए यह आवश्यक था कि एक संपूर्ण संविधान का मसौदा तैयार किया जाए, जिसमें वह सब कुछ समाहित हो, जिसके लिए भारत खड़ा था।

आपको यह भी बता दें कि इसी दिन भारतीय संसद का पहला सत्र भी शुरू हुआ था। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी 26 जनवरी को पद की शपथ ली थी। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ब्रिटिश शासन के अंत और गणतंत्र राज्य के रूप में भारत की शुरुआत का प्रतीक है।

हर साल 26 जनवरी के मौके पर विजय चौक से इंडिया गेट तक विशाल परेड का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न राज्यों की झाकियां अपनी यहां की संस्कृति व कला का प्रदर्शन करती हैं। वहीं, देश की तीनों सेना यानि जल, थल और वायु सेना भारत के राष्टपति को सलामी देती हैं। इसके साथ ही अर्द्धसैनिक बल के जवान और पुलिस भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करती है। इस दौरान जवान आधुनिक हथियारों के साथ परेड में शामिल होते हैं। वहीं, सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली झांकी या सेना को सम्मानित भी किया जाता है। 

इन परेडों में कई स्कूल हिस्सा लेते हैं। वहीं, सैन्य बैंड 21 तोपों की सलामी के बाद राष्ट्रगान बजाता है और भारत के राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराया जाता है। 

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