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Arun Goel: फॉर्मर आईएएस ऑफिसर अरुण गोयल बने नए इलेक्शन कमिश्नर, जानें इनके बारें में

New election commissioner: फॉर्मर आईएएस ऑफिसर अरुण गोयल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है. तत्कालीन चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनने के बाद से इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं हुई थी. जानें इलेक्शन कमिश्नर के बारें में.

फॉर्मर आईएएस ऑफिसर अरुण गोयल बने भारत के इलेक्शन कमिश्नर
फॉर्मर आईएएस ऑफिसर अरुण गोयल बने भारत के इलेक्शन कमिश्नर

New election commissioner: फॉर्मर आईएएस ऑफिसर अरुण गोयल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) नियुक्त किया है. पंजाब कैडर के अरुण ने हाल ही में वोलंटरी रिटायरमेंट लिया था जिसके बाद उनको इस पद पर नियुक्त किया गया है. 

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने प्रेस रिलीज़ के माध्यम से इस बात की जानकारी दी है. इलेक्शन कमिश्नर का यह पद 15 मई से रिक्त था. तत्कालीन चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनने के बाद से इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं हुई थी. सुशील चंद्रा के रिटायर होने के बाद राजीव कुमार नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर बने थे.

अरुण गोयल ने आज पद संभाला:

अरुण गोयल ने इलेक्शन कमिश्नर के रूप में आज अपना पद संभाल लिया है. अब वह चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार और इलेक्शन कमिश्नर अनूप चंद्र पांडे के साथ इलेक्शन कमीशन के पैनल में शामिल हो गए है. गुजरात इलेक्शन को देखते हुए उनकी नियुक्ति को अहम् माना जा रहा है.

कौन है अरुण गोयल?

अरुण गोयल 1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी है. गोयल ने हाल ही में भारी उद्योग मंत्रालय में सचिव पद से उन्होंने स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया था.

वह इस वर्ष 31 दिसम्बर को रिटायर होने वाले थे, उन्होंने संस्कृति मंत्रालय में भी अपनी सेवाएँ दी है.

इलेक्शन कमिश्नर के रूप में गोयल दिसम्बर 2027 तक रहेंगे, इससे यह भी उम्मीद बढ़ जाती है की वह चीफ इलेक्शन कमिश्नर का भी पद संभाल सकते है.

इलेक्शन कमिश्नर के बारें में:

  • राष्ट्रपति चीफ इलेक्शन कमिश्नर के साथ-साथ इलेक्शन कमिश्नर की भी नियुक्ति करता है. चीफ इलेक्शन कमिश्नर दोनों इलेक्शन कमिश्नर की मदद से भारत में आम चुनाव और राज्यों के चुनाव सहित अपने अधिकार क्षेत्र के चुनाव को संपन्न कराता है.
  • आवश्कता पड़ने पर इलेक्शन कमीशन से परामर्श के बाद प्रेसिडेंट क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति भी कर सकते हैं. 
  • इलेक्शन कमिश्नर के कार्यालय का कार्यकाल और सेवा की शर्तें देश के राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती है.

इलेक्शन कमीशन का स्ट्रक्चर:

भारत इलेक्शन कमीशन के स्ट्रक्चर में एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर और दो इलेक्शन कमीशन शामिल होते है. भारत के राष्ट्रपति द्वारा चीफ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य इलेक्शन कमिश्नर की नियुक्ति की जाती है. इनका कार्यकाल 06 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है.

भारतीय संविधान के पार्ट XV में इलेक्शन कमीशन के बारें में चर्चा की गयी है. साथ ही आर्टिकल 324-329 भारत के इलेक्शन कमीशन से सम्बंधित है.

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