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JNPA: जेएनपीए ने 'कंटीन्यूअस मरीन वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन' को किया लांच, जानें इसके बारें में

JNPA: जेएनपीए ने 'कंटीन्यूअस मरीन वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन' को लांच किया साथ ही एक इलेक्ट्रिक पर्यावरण निगरानी वाहन (EV) को भी लांच किया गया है. यह पोर्ट क्षेत्र में मरीन वाटर और एयर क्वालिटी के मैनेजमेंट में मदद करेगा.

कंटीन्यूअस मरीन वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन
कंटीन्यूअस मरीन वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन

JNPA: जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) ने , IIT मद्रास के साथ मिलकर सतत समुद्री जल गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CMWQMS) को डेवलप किया और साथ ही एक इलेक्ट्रिक पर्यावरण निगरानी वाहन (EV) को भी लांच किया गया है. इसके लिए IIT मद्रास के सिविल इंजीनियरिं डिपार्टमेंट ने सहयोग किया है.

इस सुविधा का उद्घाटन जेएनपीए के चेयरमैन संजय सेठी ने किया है. इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जेएनपीए स्थिरता में नेतृत्व हासिल करने और व्यापार के लिए वैल्यू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मानकों में दर्शाया है.   

इस मॉनिटरिंग स्टेशन की क्या है उपयोगिता?

'कंटीन्यूअस मरीन वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन' और इलेक्ट्रिक मॉनिटरिंग व्हीकल पोर्ट क्षेत्र में मरीन वाटर और एयर क्वालिटी के मैनेजमेंट में मदद करेगा. 

यह सिस्टम इस पोर्ट क्षेत्र के जल गुणवत्ता स्टेशनों के डेटा, पोर्ट एस्टेट के आसपास पर्यावरणीय गुणवत्ता के अनुपालन की जाँच के अतिरिक्त पोर्ट व्हीकल के ग्रीनहाउस गैस फुटप्रिंट को कम करने में मदद करेगा.

यह पहल भारत के इस पोर्ट क्षेत्र को इको फ्रेंडली बनाने में काफी मददगार साबित होगा, जिससे वहां कार्य कर रहे लोगों का इसका अधिक लाभ मिलेगा.

इलेक्ट्रिक मॉनिटरिंग व्हीकल की उपयोगिता:

इसकी सहायता से पोर्ट क्षेत्र में पर्यावरणीय गुणवत्ता को विनियमित किया जायेगा साथ ही पोर्ट के आसपास के एयर क्वालिटी को बेहतर करने में मदद करेगा.

ई-वाहन की मदद से पोर्ट क्षेत्र की एयर क्वालिटी और नॉइज़ एक्टिविटी को मॉनिटर करेगा.

जेएनपीए की क्या है योजना?

जेएनपीए ने पोर्ट क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए अनेक ग्रीन पहल की शुरुआत की है. जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ-साथ ग्रीन पोर्ट पहल की भी शुरुआत की है.

जेएनपीए ने एक अन्य पहल में पोर्ट क्षेत्र के टाउनशिप में एलईडी लैंप में भी बदलाव की शुरुआत की है. साथ ही साथ केंद्रीयकृत पार्किंग प्लाजा में यातायात की आसानी के लिए नई पहल की है.

पोर्ट क्षेत्र में ऑइल लिकेज प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उठाये गए कदम के अलावा मैंग्रोव प्रबंधन पर भी नई पहल की शुरुआत की गयी है.

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट:

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट भारत का दूसरा सबसे बड़ा बड़ा कंटेनर पोर्ट है जो नवी मुंबई के रायगढ़ जिले में स्थित है. इसे न्हावा शेवा पोर्ट के नाम से भी जाना जाता है. यह भारत सरकार का एक उपक्रम है. इस पोर्ट की स्थापना 26 मई 1989 को गया था. मुंद्रा पोर्ट के बाद जवाहरलाल नेहरू पोर्ट भारत में दूसरा सबसे बड़ा कंटेनर हैंडलिंग पोर्ट है.

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