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Lance Naik Manju: लांस नायक मंजू भारतीय सेना की पहली महिला स्काई डाइवर बनीं, जाने उनके बारे में?

Lance Naik Manju: लांस नायक मंजू भारतीय सेना की पहली महिला सोल्जर स्काई डाइवर बन गयी है. वह सैन्य पुलिस कोर, ईस्टर्न कमांड में तैनात है. उन्होंने 10,000 फीट से छलांग लगाकर यह उपलब्धि हासिल की है. जाने उन्होंने  कैसे हासिल की यह उपलब्धि?

लांस नायक मंजू भारतीय सेना की पहली महिला स्काई डाइवर बनीं
लांस नायक मंजू भारतीय सेना की पहली महिला स्काई डाइवर बनीं

Lance Naik Manju: लांस नायक मंजू भारतीय सेना की पहली महिला सोल्जर स्काई डाइवर बन गयी है. वह सैन्य पुलिस कोर, ईस्टर्न कमांड में तैनात है. उन्होंने 10,000 फीट से छलांग लगाकर यह उपलब्धि हासिल की है. जो देश की सेना में तैनात अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा.

'ध्रुव' हेलीकाप्टर से लगाया जम्प:

लांस नायक मंजू ने अपने इस कारनामे को उन्नत हल्के हेलीकाप्टर (ALH) ध्रुव से अंजाम दिया. ध्रुव हेलीकाप्टर से 10,000 फुट की ऊंचाई पर जाने के बाद उन्होंने वहां से जम्प करके इस यूनिक उपलब्धि को हासिल किया है. सेना के ईस्टर्न कमांड ने ट्वीट के माध्यम से इस बात की जानकारी दी है.

लांस नायक मंजू के बारे में:

ईस्टर्न कमांड के सैन्य पुलिस कोर में तैनात है. मंजू हरियाणा के जींद की रहने वाली है. वह भारतीय सेना की एडवेंचर विंग की स्काईडाइविंग प्रशिक्षण टीम द्वारा प्रशिक्षित है.

उन्हेंने यह मुकाम हासिल करने के बाद कहा कि ''पक्षी ने जब अपने पंखों पर भरोसा करना सीख लिया, तो समझों उसने आकाश को जीत लिया''. भारतीय सेना की पहली महिला सैनिक स्काइडाइवर के रूप में उन्होंने अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है.

रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी:

  • भारतीय सेना में में अब महिलाओं को भी विशेष स्थान मिल रहा है. देश के रक्षा मंत्रालय भी महिलाओं की भागीदारी के मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है. 
    वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने सेना की नॉन कॉम्बैट सपोर्ट यूनिट्स में महिलाओं अधिकारियों को पुरुष समकक्षों की तरह परमानेंट कमीशन का अहम् फैसला सुनाया था.
  • लांस नायक मंजू का कारनामा सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का ही परिणाम है. सरकार के ऐसे प्रयास देश की महिलाओं को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी करते है.
  • अभिलाषा बराक ने भी उदाहरण पेश करते हुए, भारतीय सेना में पहली महिला कॉम्बैट एविएटर बनी थी. उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई से ट्रेनिग ली थी.
  • इंडियन नेवी ने भी 2021 में चार महिला अधिकारियों को युद्धपोतों पर तैनात किया था जो अपने आप में एक शानदार पहल थी.
  • आज महिलाएं भारत की तीनों सेनाओं में अहम् पदों पर तैनात है. जो देश के रक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में अपना अहम् योगदान दे रही है.

ईस्टर्न कमांड के बारे में:

ईस्टर्न कमांड इंडियन आर्मी की छह परिचालन कमांड में से एक है. इसका गठन 1 नवंबर 1920 में किया गया था. इसका मुख्यालय कोलकाता शहर के फोर्ट विलियम में स्थित है. ईस्टर्न कमांड का 1971 के इंडो-पाक वॉर में अहम् रोल था. वर्तमान में इसके जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता है.

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