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आईआईटी में एडमिशन लेने में असफल रहे भावी इंजीनियर्स के लिए 5 प्रभावी टिप्स

Jul 30, 2018 17:16 IST
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5 Tips for Every Aspiring Engineer Who did not make it to an IIT
5 Tips for Every Aspiring Engineer Who did not make it to an IIT

वर्षों से भारत में ऐसा माना जाता आ रहा है कि प्रतिभाशाली भावी इंजीनियर्स को अवश्य ही आईआईटी का स्टूडेंट होना चाहिए. या यूँ कहें कि बिना आईआईटी में पढ़े कोई प्रतिभाशाली इंजीनियर नहीं बन सकता है. आईआईटी ग्रेजुएट्स को ब्रिलिएंट और टैलेंटेड मानते हुए इंडस्ट्री जगत में इनकी हायरिंग अच्छे पैकेज तथा पद पर की जाती है.

इस वर्ष लगभग 11 लाख छात्रों ने जेईई मेन का एग्जाम दिया और जेईई एडवांस्ड के लिए केवल 2 लाख का ही चयन हो पाया.यह चेन या पूल उस समय और सीमित हो जाता है जब सिर्फ 10,000 छात्रों को आईआईटी या आईआईएससी में एडमिशन दिया जाता है. और बाकी बचे स्टूडेंट्स का क्या ? मैं इस बात को कत्तई स्वीकार नहीं कर सकता कि भारत में केवल 10,000 स्टूडेंट्स ही ऐसे हैं जिनमें इंजीनियर बनने की क्षमता या प्रतिभा है या फिर सिर्फ इन्हें ही इंजीनियर बनाया जा सकता है.

मैं आईआईटी का पूर्व छात्र हूं और मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें बताना चाहता हूँ. विश्वास रखिये आप किसी आईआईटी इंस्टीट्यूट में पढ़े बिना भी एक सफल और अमेजिंग(अदभुत) इंजीनियर बन सकते हैं. आईआईटी वास्तव में एक महान इंस्टीट्यूट है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इंजीनियरिंग सीखने का यह एकमात्र संस्थान है. एक इंजीनियर का मतलब है उचित मार्गदर्शन में किसी स्किल के विषय में जानना, खोजना,सीखना तथा अंततः उसकी पूर्ण जानकारी प्राप्त करना. ध्यान रखिये वह मार्गदर्शन सिर्फ आपके प्रोफेसरों या आपके कॉलेज तक ही सीमित नहीं है,इसके लिए आपके पास संसाधनों का एक ब्रह्मांड मौजूद है जिससे आप अपनी पूरी प्रतिभा के साथ कुछ जान या सीख सकते हैं और अपने अन्दर स्किल्स का विकास कर सकते हैं

अपने अन्दर ऐसे गुणों या स्किल्स के विकास में सहयोगी कुछ महत्वपूर्ण युक्तियों का वर्णन नीचे किया गया है -

1. बहुत सारे ऐसे इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जो समय की मांग को पूर्णतः पूरा करते हैं (समय की मांग पर खरे उतरे हैं)

भारत में कुछ ऐसे बड़े कॉलेज हैं जो आईआईटी के अंतर्गत नहीं आते हैं लेकिन ये कॉलेज नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के अनुसार भारत के टॉप 25 सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल कॉलेज हैं.इनमें से अधिकतर कॉलेजों में आईआईटी इंस्टीट्यूट की तुलना में बेहतर शिक्षण संसाधन (टीएलआर) उपलब्ध है.

अन्ना विश्वविद्यालय

रैंक: 8

एंट्रेंस एग्जाम : तमिलनाडु इंजीनियरिंग एडमिशन (टीएनईए)

पूर्व छात्र: वर्गीस कुरियन (भारत के मिल्कमैन), माल्स्वामी अन्नदुराई - इसरो में वैज्ञानिक

रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (केमिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी)

रैंक: 10

एंट्रेस एग्जाम : एमएच-सीईटी

पूर्व छात्र: मुकेश धीरूभाई अंबानी - रिलायंस उद्योग

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुचिराप्पल्ली (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तिरुचिराप्पल्ली)

रैंक: 11

एंट्रेंस एग्जाम : जेईई मेन

पूर्व छात्र: नटराजन चंद्रशेखरन - टाटा संस के अध्यक्ष, राजेश गोपीनाथन - टीसीएस के सीईओ

जादवपुर यूनिवर्सिटी

रैंक: 12

एंट्रेंस एग्जाम: डब्ल्यूबीजेईई

पूर्व छात्र : के.एस. दासगुप्त - निदेशक, भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, सुबीर राह - ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,राउरकेला)

रैंक: 15

एंट्रेंस एग्जाम : जेईई मेन

पूर्व छात्र : सीपी गुरानी - टेक महिंद्रा के सीईओ

2.  सुगमता से प्राप्त उपलब्ध महान शिक्षण संसाधनों तक पहुंचने का प्रयास करें

आपकी शिक्षा सिर्फ आपके कॉलेज या उसके प्रोफेसर तक ही सीमित नहीं है. वास्तव में आपको इससे आगे जा कर क्लास और प्रोफेसर की दुनिया से अलग यह देखने का प्रयास करना चाहिए कि किस संसाधन के जरिये और बेहतर किया जा सकता है.हर एक रिसोर्स पर बारीकी से सोचते हुए उसका पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए.

एक इंजीनियर के रूप में इंडस्ट्री में हो रहे टेक्नीकल बदलाव और प्रोग्रेस से अपडेटेड रहने की कोशिश करनी चाहिए. चूँकि एक भावी इंजीनियर के रूप में इस फील्ड में आपका आगमन 4 वर्ष पहले ही हो चुका है इसलिए जितना संभव हो सके अपने इन्ट्रेस्ट की चीजों को सीखने में अपने इन 4 वर्षों का प्रयोग करें.

आईआईटी प्रोफेसर से सीखें

अपने प्रतिभाशाली और महान फैकल्टी के कारण ही आईआईटी बहुत लोकप्रिय है.अनुभवी शिक्षकों द्वारा दी गयी अंतर्दृष्टि छात्रों के लिए हमेशा उत्साह वर्धक तथा प्रेरणादायी होती है. सही फैकल्टी या टीचर वही होता है जो अपने छात्रों को हमेशा मोटिवेट करे. इनेक द्वारा दिए गए लेक्चर्स को आप आसानी से घर बैठे बैठे भी सुन सकते हैं.

एनपीटीईएल एक ऐसी वेबसाइट है जहां कई आईआईटी प्रोफेसर अनेक समसामयिक विषयों पर अपने लेक्चर  अपलोड करते हैं. एक आईआईटीयन नही होने के बावजूद भी आप अपने पसंदीदा प्रोफेसर द्वारा पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को सुनने के लिए इन वेबसाईट पर अपने को रजिस्टर्ड कर सकते हैं,वीडियो एक्सेस कर सकते हैं, असाइनमेंट और चर्चा मंचों में भाग ले सकते हैं.

अन्य प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के बीच एमआईटी, हार्वर्ड, बर्कले के फैकल्टी से कुछ सीखने का प्रयास करें.

आप आईआईटी को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रोफेसरों से इंटेल प्राप्त करके आईआईटी को बहुत पीछे छोड़ सकते हैं. आप एडैक्स पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने-माने विश्वविद्यालयों के फैकल्टी द्वारा पाइथन से डेटा साइंस तक कुछ भी सीख सकते हैं. यह सिर्फ विश्वविद्यालयों तक ही सीमित नहीं है, यहां तक कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी बुनियादी पाठ्यक्रम की सुविधा प्रदान करती हैं, जिनसे आप लाभ उठा सकते हैं.

3. विशिष्ट पाठ्यक्रमों के साथ अपनी रुचियों का भी विकास करें

यदि आपकी रूचि एथिकल हैकिंग, साइबर सुरक्षा या एडब्ल्यूएस आदि में है तो आप इनमें से किसी भी में मास्टरक्लास ले सकते हैं और उडेमी पर बहुत कुछ कर सकते हैं. इन कोर्सेज की फी नाममात्र है और यहाँ आपको विषय से जुड़ी अधिकतम सामग्री मिलती है. यह आपके क्लासरूप नॉलेज के पूरक के रूप में कार्य करता है.

जितना हो सके उतना एक्सपोजर प्राप्त करें

सीखना इंजीनियरिंग का एक पहलू है. अपने एजुकेशन को अप्लाई करना सीखें .इंडस्ट्री में मान्यता प्राप्त करने तथा अपनी पहचान बनाने के कई तरीके हैं जिससे ग्रेजुएशन करने के बाद आप आसानी से नौकरी प्राप्त कर सकते हैं.

एक रिसर्च पेपर लिखें

आप जिस किसी विषय या टॉपिक में रूचि रखते हैं उनके विषय में रिसर्च पेपर लिखें.इससे आपको अपने इन्ट्रेस्ट के विषय के साथ साथ इंजीनियरिंग के महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन जानकारी मिलेगी. इसके जरिये बुनियादी पाठ्यक्रम के मुकाबले बहुत कुछ सीखा जा सकता है. आप चाहें तो इस शोध पत्र को बहुत सारी साइटों पर प्रकाशित कर सकते हैं और अपनी एक पहचान बना सकते हैं.साथ ही अपने जान पहचान के इंडस्ट्री वाले मित्रों से इस सम्बन्ध में बात चित भी कर सकते हैं.

इंटर्नशिप

किसी भी क्षेत्र में इंटर्नशिप कुछ अनुभव पाने का एक शानदार तरीका है. आपको यह देखने का मौका मिलेगा कि भविष्य में आपको किस तरीके से काम करने की जरुरत होगी? इसमें आप अपने सीनियर्स को कार्य करते देख उनसे काम करने का तरीका सीख सकते हैं तथा अपनी कमियों में सुधार कर सकते हैं.

4. एक बाहरी व्यक्ति के रूप में भी एक आईआईटी से लाभ प्राप्त करें

किसी संस्थान में दाखिल होने के लिए सिर्फ आईआईटीयन होना ही एकमात्र उपाय नहीं है. आप एक गैर आईआईटीयन के रूप में भी आईआईटी से जुड़े ज्ञान का लाभ उठा सकते हैं तथा इसके लिए आपके पास कई रिसोर्सेज उपलब्ध है.

टेकफेस्ट

यदि आप एथिकल हैकिंग सीखना चाहते हैं या फिर नैनो टेक्नोलॉजी किस तरह काम करती है ? इस विषय में जानना चाहते हैं तो  आप एक आईआईटी टेकफेस्ट में भाग ले सकते हैं और इंडस्ट्री वर्कशॉप के जरिये बहुत कुछ सीख सकते हैं. टेकफेस्ट की मदद से आईआईटीयन के मध्य आप अपना आकलन आसानी से कर सकते हैं. आप यह समझ सकते हैं कि आप उनसे किस क्षेत्र में आगे हैं तथा किस क्षेत्र में उनसे कुछ सीखने की जरुरत है ? अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने की कोशिश करें. अपनी खुद की कोई रेस कार बनाइये.हो सके तो रोबोटिक्स में हिस्सा लें.

शॉर्ट टर्म कोर्सेज

यदि आप मैग्नेटिज्म, डिजिटल सिस्टम या जीवविज्ञान के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप आईआईटी में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. लगभग प्रत्येक आईआईटी में शॉर्ट टर्म कोर्सेज चलाये जाते हैं जो मामूली फी वाले होते हैं तथा एक हफ्ते तक चलते हैं. इस कोर्स में अभ्यास सामग्री, नोट्स के साथ साथ अनुभव भी मिलता है तथा इसमें  आईआईटी प्रोफेसरों द्वारा पढ़ाया जाता है.

टीचिंग असिस्टेंट

टीचिंग असिस्टेंट और रिसर्च असिस्टेंट सामान्य रूप से एक प्रोफेसर की देखरेख में किया जाने वाला एक इंटर्नशिप है. आईआईटी एक टीए की पोजीशन ऑफर करता है जहाँ आप सप्ताह में 8 घंटे काम करके छात्रवृति की एक अच्छी रकम प्राप्त कर सकते है. आर्थिक लाभ के अतिरिक्त यहाँ से बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है.

5. आईआईटी स्टैम्प के बगैर बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट से मिलने का प्रयास करें

इंजीनियर्स का आईआईटी की तरफ झुकाव का मुख्य कारण बेहतर प्लेसमेंट है. इसमें कोई दो राय नहीं कि कुछ बेहतरीन कंपनियां आईआईटी से ही रिक्रूटमेंट करती हैं. लेकिन कुछ इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए आईआईटी की तुलना में बेहतर प्लेसमेंट होती हैं. यहां कुछ लीडिंग इंडस्ट्रीज के नाम दिए गए हैं जिन्होंने आईआईटी के अलावा अन्य इंस्टीट्यूट्स से आईआईटी ग्रेजुएट्स की रिक्रूटमेंट की है.

  • अन्ना यूनिवर्सिटी : गूगल, एडोब सिस्टम, अमेज़ॅन, ईबे, फ्लिपकार्ट, फोर्ड इत्यादि.
  • जादवपुर यूनिवर्सिटी : डेलोइट, फेसबुक, रिलायंस, पेप्सिको इत्यादि.
  • एनआईटी त्रिची : माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, टाटा मोटर्स, गोदरेज, सोनी इत्यादि.
  • बीआईटीएस पिलानी: बैन, मैककिंसे, महिंद्रा, श्लमबर्गर इत्यादि.
  • वीआईटी : मित्रा, गोदरेज, पेपैल, होंडा इत्यादि.

विशेषज्ञ के बारे में:

मनीष कुमार ने वर्ष 2006 में आईआईटी, बॉम्बे से मेटलर्जिकल एंड मेटीरियल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. उसके बाद इन्होंने जॉर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, यूएसए से मेटीरियल्स साइंस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की और फिर इंडियन स्कूल फाइनेंस कंपनी ज्वाइन कर ली, यहाँ वे बिजनेस स्ट्रेटेजीज एंड ग्रोथ की देख रेख करने वाली कोर टीम के सदस्य रहें. वर्ष 2013 में, इन्होंने एसईईडी स्कूल्स की सह-स्थापना की. ये  स्कूल्स भारत में कम लागत वाली के-12 एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार लाने पर अपना फोकस रखते हैं ताकि क्वालिटी एजुकेशन सभी को मुहैया करवाई जा सके. वर्तमान में ये टॉपर.कॉम के प्रोडक्ट – लर्निंग एंड पेडागॉजी  विभाग में वाईस प्रेसिडेंट हैं.

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