दोहरे (ड्यूल) डिग्री कोर्सेज : आधे समय में दोगुना लाभ

मैनेजमेंट कॉलेजों के दोहरी डिग्री कोर्सेज लगभग आधे समय में छात्रों को दोगुना लाभ पहुंचाते हैं.

Updated: Nov 1, 2017 11:25 IST
Dual degree courses: Double benefits in half the time
Dual degree courses: Double benefits in half the time

मैनेजमेंट कॉलेजों के दोहरी डिग्री कोर्सेज लगभग आधे समय में छात्रों को दोगुना लाभ पहुंचाते हैं. भारत में ये कोर्सेज अपने अनगिनत फायदों के कारण बहुत हिट हुए हैं. नीचे हमने इस लेख में दोहरे डिग्री कोर्सेज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की है.

डबल डिग्री प्रोग्राम क्या है ?

डबल डिग्री प्रोग्राम के अंतर्गत आप-अलग पाठ्यक्रमों को एक साथ संयुक्त रूप से एक ही समय में पढ़ते हैं.  उदाहरण के लिए बीटेक की डिग्री के साथ साथ एमबीए की डिग्री करना. इससे फायदा यह होता है कि डिग्री लेने के बाद छात्र दोनों ही क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं.

दोहरी डिग्री के फायदे

जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि दोहरी डिग्री कार्यक्रम कम समय में दो डिग्री पूरा करने की अनुमति देता है, जिससे पैसे और समय दोनों की बचत होती है. इन कोर्सेज को करने से नौकरी के बेहतर विकल्प भी मिलते हैं,क्योंकि कंपनियों को पता होता है कि एक उम्मीदवार प्रबंधन और तकनीकी दोनों ही विषयों का जानकार होने के कारण उनके लिए बहुत फायदेमंद है. इसलिए

यह कहने की आवश्यक्ता नहीं है कि आपके पास एक क्षेत्र में अपना करियर बनाने का विकल्प हमेशा मौजूद रहता है लेकिन यदि आप कुछ विशेष करना चाहते हैं तथा एक साथ कई स्किल्स में माहिर होना चाहते हैं तो आप दोहरी डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं.

वैसे कभी कभी यह बहुत मुश्किल लग सकता है लेकिन यदि आप विभिन्न विषयों को एक साथ सीखने में रूचि रखते हैं तो यह कोर्स आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है. छात्रों की सुविधा के अनुसार ही इन कोर्सेज का स्ट्रक्चर बनाया गया है.

प्लेसमेंट के दौरान कंपनियों द्वारा हमेशा दोहरे डिग्री कोर्सेज करने वाले छात्रों को वरीयता दी जाती है. क्योंकि कोई भी कंपनी किसी एक छात्र को प्रशिक्षित करने के बजाय दो विषयों की अच्छी समझ वाले उम्मीदवार का चयन करने को फायदे का सौदा समझती है. 

चुनौतियां

इसमें कोई शक नहीं है कि एक ही समयांतराल में दो दो डिग्री करना थोड़ा कठिन है. यदि आप इस तरह का कोर्स करने का फैसला लेते हैं तो आपको कड़ी मेहनत के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना पड़ेगा. इसके लिए आपको एकाग्र और एकनिष्ठ होकर अपना अध्ययन करना पड़ेगा वरना पूरे सेमेस्टर पढ़ाई आपके सर के ऊपर से ही होकर गुजरेगी. अर्थात आप तथ्यों को सही तरीके से समझ नहीं पायेंगे.

एकीकृत डिग्री

एक एकीकृत डिग्री लगभग दोहरी डिग्री के समान ही है, केवल अंतर यह है कि एक एकीकृत डिग्री के पूरा होने पर आप केवल एक पाठ्यक्रम या कार्यक्रम के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करते हैं. उदाहरण के लिए बी.टेक और एम.टेक प्रोग्राम को एकीकृत प्रोग्राम के रूप में जाना जाता है और इसकी पढ़ाई करने वालों को अंत में एम.टेक की डिग्री प्राप्त होती है. भारत में शिक्षा के क्षेत्र में क्रन्तिकारी परिवर्तन के तहत ऐसे कई कार्यक्रमों की संरचना की गयी है.

एकीकृत डिग्री प्रोग्राम भारत और दुनिया भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा कराये जाते हैं.

एक एकीकृत डिग्री के पूरा होने पर छात्रों को मिलने वाले लाभ के कारण शिक्षा विभाग ने इन कोर्सेज में विद्यार्थियों के नामांकन के लिए दरवाजे खोल दिए हैं

कोई भी छात्र कक्षा 12 के बाद इन पाठ्यक्रमों में शामिल हो सकता है और कम समय में उच्च डिग्री प्राप्त कर सकता है.इस तरह की डिग्री आम तौर पर 4-5 वर्षों में मिल जाती है. 12 वीं कक्षा के बाद इन एकीकृत डिग्री कोर्सेज को कर लेने के बाद डॉक्टरेट भी किया जा सकता है.

भारत में दोहरी डिग्री और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी)

यह संस्थान साइंस ग्रेजुएट और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और भौतिकी में एक एकीकृत डॉक्टरेट प्रोग्राम कराता है.

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलयू)

इस  यूनिवर्सिटी में पांच साल की संयुक्त बैचलर ऑफ़ आर्ट (बीए) / बैचलर ऑफ लॉज (एलएलबी (ऑनर्स) में डिग्री प्रोग्राम कराया जाता है.

हाल ही में स्थापित राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों में से अधिकांश ने समान डिग्री ढांचे की पेशकश की है तथा संयुक्त एलएलबी विकल्प जैसे बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी) / एलएल.बी (ऑनर्स); बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) / एलएल.बी (ऑनर्स) और बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) / एलएल.बी (ऑनर्स), आदि की डिग्री प्रदान करते हैं.

कुछ सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों ने पारंपरिक तीन साल के कार्यक्रमों के अलावा पांच साल के संयुक्त कानून कार्यक्रमों की पेशकश भी शुरू कर दी है. इन कार्यक्रमों की सफलता ने भारत के  अन्य राज्यों को नए लॉ विश्वविद्यालयों को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया है.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)

इस संस्थान द्वारा पांच साल का मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) और मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए) प्रोग्राम कराया जाता है. हाल के कुछ वर्षों में इस संस्थान द्वारा भी दोहरी डिग्री प्रोग्राम को प्रोत्साहित किया गया है. यहाँ पांच साल में बी टेक और एमटेक की कंबाइंड डिग्री प्रदान की जाती है. जबकि आमतौर पर एम टेक करने में दो साल का अतिरिक्त समय लगता है. इसके अतिरिक्त यहाँ एकीकृत एमएससी / पीएचडी प्रोग्राम भी कराये जाते हैं.

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (IISST):

यहाँ अंतरिक्ष संबंधित विषयों पर विशेष जोर देने के साथ एप्लाइड साइंसेज (एमएससी) में पांच साल का एक एकीकृत मास्टर प्रोग्राम कराया जाता है.

हैदराबाद विश्वविद्यालय

इस विश्वविद्यालय में समन्वित कार्यक्रमों के लिए समर्पित एक पूर्ण विभाग है. यहां निम्नांकित पाठ्यक्रम कराये जाते हैं -

मास्टर डिग्री (5-वर्षीय एकीकृत) विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विषयों में

एमएससी (5-वर्षीय एकीकृत) साइंस स्कूल्स के प्रोग्राम

एमएससी (5-वर्षीय एकीकृत) अर्थ साइंस

एमएससी (5 वर्षीय एकीकृत) हेल्थ साइकोलॉजी प्रोग्राम )

एमए (5-वर्षीय एकीकृत) ह्यूमिनिटी प्रोग्राम.

एमएए (5-वर्षीय एकीकृत) स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज और स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स प्रोग्राम

एमए (5 वर्षीय एकीकृत) मानविकी और सामाजिक विज्ञान प्रोग्राम

दोहरी डिग्री कार्यक्रमों में उनकी प्रकृति की वजह से अत्यधिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है. अतः ऐसे कोर्सेज को करने के लिए आपको कठिन मेहनत के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा. लेकिन एक बार ऐसे कोर्सेज को अच्छे नम्बरों से पूरा करे लेने पर आपके लिए करियर के कई विकल्प खुल जाते हैं.

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