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मैथ्स फोबिया: इन टिप्स को करें फ़ॉलो और बनें मैथ्स एक्सपर्ट्स

जग-जाहिर है कि मैथ्स से अधिकतर स्टूडेंट्स काफी डरते हैं और मैथ्स एक ऐसा सब्जेक्ट है जो आपको शानदार करियर गोल हासिल करने में स्टेपिंग-स्टोन है. इस आर्टिकल में आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स पेश हैं जिन्हें फ़ॉलो करके आप बन सकते हैं एक मैथ्स एक्सपर्ट. 

Feb 11, 2020 14:50 IST
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बेशक यह सच है कि देश-दुनिया के अधिकतर स्टूडेंट्स जहां एक तरफ मैथ्स से डरते हैं, वहीँ दूसरी तरफ अपनी 11वीं क्लास में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) का कॉम्बिनेशन लेकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं. दरअसल, सिर्फ मेडिकल लाइन के अलावा PCM का कॉम्बिनेशन स्टूडेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, सीए, एमबीए आदि सहित कोई भी मनचाही करियर लाइन चुनने के लिए जरुरी है. इसी तरह, स्कूल की पढ़ाई के बाद भी अन्य सब्जेक्ट्स जैसे फिजिक्स और केमेस्ट्री में भी मैथ्स की जरुरत पड़ती है. लेकिन, प्रॉब्लम वही रहती है कि देश-दुनिया के अधिकतर स्टूडेंट्स के मन में मैथ्स को लेकर डर समाया रहता है. इस वजह से स्टूडेंट्स मैथ्स में बहुत कम मार्क्स लेकर पास होते हैं या फिर बहुत बार फेल ही हो जाते हैं और यह लगातार मिलने वाली असफलता उन स्टूडेंट्स के मन में मैथ्स फोबिया को जन्म देती है. हालांकि, मैथ्स विषय में की जाने वाली रिसर्च द्वारा साबित किये जाने के साथ ही मैथ्स एक्सपर्ट्स यह बात लगातार स्टूडेंट्स को समझाते हैं कि, मैथ्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अगर एक बार आपकी रूचि इस सब्जेक्ट में हो जाय तथा यह आपकी समझ में अच्छी तरह से आ जाय तो यह बहुत ही स्कोरिंग सब्जेक्ट है. अगर स्टूडेंट्स मैथ्स विषय को गंभीरता से लें और इस विषय में  खूब मेहनत करें तो वे मैथ्स को अच्छी तरह समझने लगेंगे और मैथ्स की लगातार प्रैक्टिस करने पर स्टूडेंट्स मैथ्स में सौ फीसदी मार्क्स भी हासिल कर सकते हैं. आइये इस आर्टिकल में कुछ खास टिप्स के बारे में पढ़ें जिन्हें फ़ॉलो करके स्टूडेंट्स अपने मैथ्स फोबिया को दूर हटाकर एक मैथ्स एक्सपर्ट बन सकते हैं:

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·         मैथ्स एक्सपर्ट बनने के लिए करें मैथ्स की रोज़ाना खूब प्रैक्टिस

मैथ्स एक्सपर्ट बनने का एकमात्र तरीका इसका अधिकतम से अधिकतम प्रैक्टिस करना है. इसके लिए सबसे पहले स्टूडेंट को चाहिए कि वे मैथ्स के विभिन्न कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह से समझें और फिर मैथ्स की लगातार प्रैक्टिस जारी रखें.  पहले दिन से ही स्टूडेंट्स को मैथ्स की अच्छी प्रैक्टिस शुरू कर देनी चाहिए. ऐसा करने पर, एग्जाम के दिन तक स्टूडेंट्स को सभी कॉन्सेप्ट्स अच्छी तरह से समझ में आ जायेंगे. अगर कभी कभी ऐसा संभव नहीं हो पाता है तो इसके लिए चिंतित होने की जरुरत नहीं है लेकिन बेहतर यही होगा की आप अपनी प्रैक्टिस को निरंतर बनाये रखें

·         एग्जाम्पल्स करें सॉल्व

अपनी शुरुआत कभी भी किसी मुश्किल सवाल को सॉल्व करने से नहीं करें. अगर आपने अभी अभी कोई चैप्टर समाप्त किया है और उसके जटिल सवालों को हल करना शुरू कर दिया, तो हो सकता है कि आप गलत उत्तर दें और इससे हतोत्साहित हो जाएं. तब ऐसा भी हो सकता है कि आप मैथ्स फोबिया के शिकार बन जायें. स्टूडेंट्स सबसे पहले अपनी मैथ्स टेक्स बुक में दिए गए एग्जाम्प्ल्स को सॉल्व करें.

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इसके साथ ही स्टूडेंट्स मैथ्स की प्रॉब्लम सॉल्व करते समय अपने सभी स्टेप पर पूरा ध्यान दें. जब आपके सभी स्टेप्स सहीं हों तो आप अब सिंपल सवालों को सॉल्व करें और उसके बाद फिर कठिन सवालों में एक्सपर्ट बनें.

·         डाउट्स क्लियर करना है जरूरी

मैथ्स के सवालों को हल करते समय कोई डाउट होने पर सबसे पहले उसे सही तरीके से समझते हुए दूर करने की कोशिश करें. मैथ्स के डाउट्स को छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश हरगिज मत कीजिये. किसी भी टॉपिक से जुड़े डाउट को आप जितना जल्दी हल करते हैं उतना ही आपकी उस टॉपिक पर पकड़ मजबूत बनती है. आप अपने डाउट्स को दूर करने में अपने टीचर,फ्रेंड या ऑनलाइन एप्स की मदद ले सकते हैं.

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·         सभी फॉर्मूला करें नोट और अच्छी तरह से कर लें याद

आप अधिकांश समय ज्यादातर चीजों को अपने मेमोरी में कलेक्ट करके रखते हैं. लेकिन कभी कभी यह अवचेतन मन में होने के कारण पूरी तरह से याद नहीं आता है. इसलिए आपने देखा होगा अक्सर लोग फ़ॉर्मूला तथा डायग्राम को अपने टेबल के सामने लगाकर रखते हैं. अगर संभव हो सके तो आप सभी फ़ॉर्मूला को नोट डाउन करके रखें और खूब अच्छी तरह याद भी कर लें. इसी तरह, जरुरत पड़े तो अपने स्टडी रूम या टेबल पर चिपका कर रखें ताकि हमेशा आपकी नजर उस पर पड़ती रहे.

·         फ़ॉर्मूला डिराइवेशन और फ़ॉर्मूला अप्लाई करना सीखें

अपने मैथ्स के एग्जाम के लिए स्टूडेंट्स मैथ्स के विभिन्न फ़ॉर्मूलाज़ को सीधे सीधे रटने की बजाय उसकी डिराइवेशन को समझें. इसे समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन एक बार उसकी डिराइवेशन या व्युत्पति को समझ गए तो समझ लीजिये जिंदगी भर के लिए उसपर आपकी पकड़ बहुत मजबूत हो गई और अब आप उससे जुड़े हुए किसी भी सवाल को आसानी से सॉल्व कर सकते हैं. स्टूडेंट्स हमेशा फ़ॉर्मूला रटने के बजाय उसके पीछे के लॉजिक को समझने की कोशिश करें. उदाहरण के लिए आपको सिर्फ फ़ॉर्मूला सीखने और नंबर रिप्लेस करना सीखने की बजाय यह जानना चाहिए कि क्यों गति केवल दुरी और समय का कार्य हैं ? यदि आप इसे सिर्फ सीखते या रटते हैं तो हो सकता है कि बाद में आप इसे भूल जाएं लेकिन अगर आपका कॉन्सेप्ट क्लियर हो गया तो इसे आजीवन याद रखना संभव होगा.

·         मैथ्स के बेसिक्स हमेशा आयेंगे काम

स्टूडेंट्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण है मैथ्स के बेसिक्स को अपने ध्यान में रखना. यहां तक ​​कि अगर आप जेईई के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको 12 से लेकर 9 वीं क्लास तक के सभी मैथ्स बेसिक्स को ध्यान में रखना होगा तभी आप मैथ्स के क्वेश्चन पेपर को हल कर पाएंगे. मैथ्स में अधिकतर चैप्टर्स पिछले चैप्टर पर आधारित होते हैं. अगरआपकी बेसिक्स उतनी मजबूत नहीं है तो आप पिछले साल के सवालों को हल करते समय सभी बेसिक्स को दुबारा से सीखने और समझने की कोशिश करें.

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ये टिप्स इतने कारगर हैं कि अगर स्टूडेंट्स इन टिप्स पर 1-2 साल भी गंभीरतापूर्वक अमल करें तो फिर वे यकीनन एक मैथ्स एक्सपर्ट बनकर अपना मनचाहा करियर गोल हासिल कर लेंगे. स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि मैथ्स विषय पर आधारित कई करियर ऑप्शन्स ऐसे हैं जिनमें स्टूडेंट्स को लाखों रुपये सैलरी पैकेज के जॉब ऑफर मिल सकते हैं.

लेखक के बारे में:

मनीष कुमार ने वर्ष 2006 में आईआईटी, बॉम्बे से मेटलर्जिकल एंड मेटीरियल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. उसके बाद इन्होंने जॉर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, यूएसए से मेटीरियल्स साइंस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की और फिर इंडियन स्कूल फाइनेंस कंपनी ज्वाइन कर ली, जहां वे बिजनेस स्ट्रेटेजीज एंड ग्रोथ के लिए जिम्मेदार कोर टीम के सदस्य थे. वर्ष 2013 में, इन्होंने एसईईडी स्कूल्स की सह-स्थापना की. ये स्कूल्स  भारत में कम लागत की के-12 एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार लाने पर अपना फोकस रखते हैं ताकि क्वालिटी एजुकेशन सभी को मुहैया करवाई जा सके. वर्तमान में ये टॉपर.कॉम के प्रोडक्ट – लर्निंग एंड पेडागोजी विभाग में वाईस प्रेजिडेंट हैं.

 

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