जब पूरी दुनिया एक ग्लोबल विलेज के तौर पर सिमट गई है तो ऐसे में देश-दुनिया में एजुकेशन का महत्त्व दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में, मॉडर्न टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट के साथ-साथ देश-दुनिया में एजुकेशन के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और इसलिए हमारे देश में भी अब अत्यधिक स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स होने के बावजूद इंटरनेट/ डिजिटल और ऑनलाइन एजुकेशन के काफी प्रयास किए जा रहे हैं. जी हां! नेशनल रिपॉजिटरी ऑफ़ ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज (NROER) भी मिनिस्ट्री ऑफ़ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट, भारत सरकार का एक ऐसा ही प्रोजेक्ट है जो भारत के स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए एक बेहतरीन ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है. यहां स्टूडेंट्स और टीचर्स को अपने काम के सभी उपयोगी एजुकेशनल रिसोर्सेज मिल जायेंगे. कोविड-19 के लॉकडाउन के दिनों में आप अपने घर पर बैठकर ही इस प्लेटफ़ॉर्म सदुपयोग करके अपना ज्ञान और जानकारी बढ़ाने के साथ ही अपनी एकेडमिक स्टडीज़ भी कर सकते हैं. आइये इस आर्टिकल को पढ़कर NROER के बारे में अधिक जानकारी हासिल करें.
नेशनल रिपॉजिटरी ऑफ़ ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज (NROER) का परिचय
मिनिस्ट्री ऑफ़ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट, भारत सरकार का यह प्रोजेक्ट NCERT और CIET के द्वारा भारत में स्कूल एजुकेशन के तीव्र प्रचार-प्रसार के लिए तैयार किया गया है. इसका शुभारंभ 13 अगस्त, 2013 को इनफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की नेशनल कांफ्रेंस के दौरान किया गया था. NROER में प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी क्लासेज में पढ़ाये जाने वाले विभिन्न विषयों के लिए भारत की विभिन्न भाषाओँ में अत्यधिक एजुकेशनल रिसोर्सेज उपलब्ध हैं. ये रिसोर्सेज विभिन्न फॉर्मेट्स में उपलब्ध हैं जैसेकि, वीडियोज़, इमेजेज, ऑडियो, डॉक्यूमेंट्स और इंटरेक्शन. यहां स्टूडेंट्स के लिए NCERT की सभी किताबें भी उपलब्ध हैं. NROER प्लेटफ़ॉर्म का मुख्य उद्देश्य ऐसी जगहों और ऐसे स्टूडेंट्स को देश की मेन एजुकेशनल स्ट्रीम से जोड़ना है जिनके लिए समुचित मात्रा में लेटेस्ट एजुकेशनल रिसोर्सेज उपलब्ध नहीं हैं.
NROER की प्रमुख विशेषताएं
यहां हम आपके लिए NROER के कुछ विशेष पॉइंट्स की चर्चा कर रहे हैं जैसेकि:
- इस प्लेटफ़ॉर्म के लगभग 17 हजार यूजर्स हैं.
- इस प्लेटफ़ॉर्म में स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए 17.5 हजार से अधिक ई-रिसोर्सेज हैं.
- ई-पाठशाला में आप भारत की विभिन्न भाषाओं में क्लास 1 – 12 तक की ई-बुक्स फ्री में पढ़ सकते हैं.
- NROER प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल वेबसाइट के साथ मोबाइल एप के माध्यम से भी किया जा सकता है.
- भारत के टीचर्स के लिए निष्ठा के जरिये इस प्लेटफ़ॉर्म में इंटीग्रेटेड टीचर ट्रेनिंग उपलब्ध है ताकि वे एजुकेशन की लेटेस्ट डेवलपमेंट्स और बदलावों से परिचित हो सकें.
- किशोर मंच NCERT का 24x7 डायरेक्ट टू होम चैनल है जिसे आप स्वयं प्रभा चैनल के माध्यम से देख सकते हैं.
- इस प्लेटफ़ॉर्म में आपके लिए कई ई-कोर्सेज उपलब्ध हैं.
- इन रिसोर्सेज को आप अन्य स्टूडेंट्स/ टीचर्स के साथ शेयर कर सकते हैं.
- NROER प्लेटफ़ॉर्म पर सभी ई-रिसोर्सेज फ्री ऑफ़ कॉस्ट हैं.
- NROER प्लेटफ़ॉर्म की सबसे अहम खासियत तो यह है कि इसे सभी टीचर्स और स्टूडेंट्स अपनी जरूरत और इच्छा के मुताबिक इस्तेमाल कर सकते हिहं.
- अगर आप एक ऐसे सब्जेक्ट एक्सपर्ट/ टीचर या स्कॉलर हैं जो NROER प्लेटफ़ॉर्म में अपना योगदान देना चाहते हैं तो समुचित प्रक्रिया और लाइसेंस लेकर आप भी इस प्लेटफ़ॉर्म में अपना योगदान दे सकते हैं.
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NROER प्लेटफ़ॉर्म के प्रमुख उद्देश्य
अगर आप इस प्लेटफ़ॉर्म के विभिन्न उद्देश्यों को समझ लें तो आपके लिए NROER का इस्तेमाल करना बहुत सुगम हो जाएगा. NROER के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- भारत में एजुकेशनल क्वालिटी में लगातार सुधार करना.
- स्टूडेंट्स और टीचर्स को NCERT बेस्ड प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध करवाना.
- स्टूडेंट्स और टीचर्स के विभिन्न डिजिटल रिसोर्सेज को सुरक्षित रखने के साथ अन्य स्टूडेंट्स और टीचर्स को उपलब्ध करवाना.
- सभी ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज को स्टूडेंट्स और टीचर्स द्वारा शेयर करने के लायक बनाना.
- विभिन्न एजुकेशनल रिसोर्सेज में इनोवेशन्स को बढ़ावा देना.
- टीचर्स अपने टीचिंग और लर्निंग रिसोर्सेज को तैयार कर सकें और फिर अन्य टीचर्स के साथ शेयर कर सकें.
- डिजिटल रिसोर्सेज को डेवलप और शेयर करने के लिए एक्सपर्ट कम्युनिटी की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध करवाना.
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NROER प्लेटफ़ॉर्म के प्रमुख भागीदार
- NCERT – नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एजुकेशनल सर्वे डिवीज़न)
- SCERT – स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
- विज्ञान प्रसार
- सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग
- CIET – सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी
- SIERT – स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल रेसेराच एंड ट्रेनिंग
- CCERT – काउंसिल ऑफ़ कंप्यूटर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग
- गुजरात इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी
- गांधी स्मृति और दर्शन समिति
- विद्या ऑनलाइन
- अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी
स्वयं प्रभा डीटीएच चैनल्स के जरिये स्टूडेंट्स करें घर बैठे पढ़ाई
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