This is an archived article last updated on Jun 5, 2025. The information may be outdated.

Paryavaran Diwas Speech in Hindi: विश्व पर्यावरण दिवस भाषण छात्रों और बच्चों के लिए

Last Updated: Jun 5, 2025, 12:23 IST

विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून को मनाया जाता है, जो हमें पर्यावरण संरक्षण के महत्व की याद दिलाता है। यह दिन प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने और प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर ध्यान देने का अवसर है। हमें अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखने और टिकाऊ जीवन शैली अपनाने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे। यह भाषण हमें पर्यावरण के प्रति जागरूक होने और हरित भविष्य के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करता है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 भाषण छात्रों और बच्चों के लिए हिंदी में
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 भाषण छात्रों और बच्चों के लिए हिंदी में

हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें अपनी पृथ्वी, अपने पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। यह केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक प्रतिज्ञा है कि हम अपने ग्रह को स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करेंगे। यह दिन दुनिया भर के लोगों को पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर सोचने और उनके समाधान के लिए प्रेरित करता है, ताकि हम सब मिलकर एक बेहतर और टिकाऊ भविष्य का निर्माण कर सकें।

आज जब हम पर्यावरण दिवस मना रहे हैं, तो हमें यह सोचना होगा कि हम प्रकृति से क्या ले रहे हैं और उसे बदले में क्या दे रहे हैं। हमारा पर्यावरण, जिसमें हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे और जीव-जंतु शामिल हैं, हमारे जीवन का आधार है। लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण यह गंभीर खतरों का सामना कर रहा है - प्रदूषण, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता का नुकसान। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें तुरंत और सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता है, और इसी दिशा में 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

World Environment Day 2025 Theme: विश्व पर्यावरण दिवस 2025 थीम

'प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करना'

Beat Plastic Pollution

Meaning: 'प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करना' का अर्थ है प्लास्टिक से होने वाले कचरे और उसके हानिकारक प्रभावों को पूरी तरह से रोकना। इसमें प्लास्टिक के उत्पादन को कम करना, उसका इस्तेमाल बंद करना या कम करना, और मौजूदा प्लास्टिक कचरे को ठीक से साफ करके निपटाना शामिल है। इसका लक्ष्य एक ऐसी दुनिया बनाना है जहाँ प्लास्टिक से पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुँचे।

10 Lines on World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस पर 10 पंक्तियाँ

  1. विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है।
  2. यह दिन हमें पर्यावरण की सुरक्षा और महत्व की याद दिलाता है।
  3. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करना है।
  4. प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और वनों की कटाई आज की बड़ी चुनौतियाँ हैं।
  5. हमें अपने आसपास की हवा, पानी और मिट्टी को स्वच्छ रखना चाहिए।
  6. अधिक से अधिक पेड़ लगाना और पानी बचाना बहुत ज़रूरी है।
  7. प्लास्टिक का उपयोग कम करें और कचरे को सही जगह पर डालें।
  8. यह दिन हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने की प्रेरणा देता है।
  9. पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
  10. आइए, मिलकर एक स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ भविष्य बनाएं।

Short Speech on World Environment Day (विश्व पर्यावरण दिवस पर छोटा भाषण)

नमस्कार दोस्तों, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों!

आज हम सब यहाँ एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर, 'विश्व पर्यावरण दिवस' के उपलक्ष्य में एकत्रित हुए हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं, हर साल 5 जून को हम यह दिन मनाते हैं। यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हम सभी के लिए एक बड़ी सीख और एक महत्वपूर्ण याद दिलाता है कि हमारा अस्तित्व सीधे तौर पर इस प्रकृति और हमारे पर्यावरण से जुड़ा हुआ है।

हमारी पृथ्वी, जिस पर हम रहते हैं, हमें शुद्ध हवा, पीने का पानी, उपजाऊ मिट्टी और जीवन के लिए आवश्यक हर चीज़ प्रदान करती है। पेड़-पौधे, नदियाँ, पहाड़, और सभी जीव-जंतु मिलकर एक सुंदर और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से, मानवीय गतिविधियों के कारण यह संतुलन बिगड़ता जा रहा है। प्रदूषण, वनों की अंधाधुंध कटाई, नदियों का दूषित होना, और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ आज हमारे सामने खड़ी हैं। ये समस्याएँ केवल पर्यावरण को ही नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य और हमारे भविष्य को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं।

हमें यह समझना होगा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार या कुछ बड़ी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। हममें से हर एक व्यक्ति अपने छोटे-छोटे प्रयासों से एक बड़ा बदलाव ला सकता है। सोचिए, यदि हम सब मिलकर बिजली बचाना शुरू कर दें, पानी का सही उपयोग करें, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें या पूरी तरह बंद कर दें, और अपने आसपास पेड़ लगाएँ, तो कितना फर्क पड़ सकता है! हमें अपने कचरे को सही तरीके से अलग करना और उसका निपटान करना सीखना होगा।

जलवायु परिवर्तन एक ऐसी चुनौती है जो हमारे सामने है और जिसका असर हम महसूस कर रहे हैं। गर्मी बढ़ रही है, प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़ और सूखा अधिक हो रहे हैं। यदि हम अभी नहीं जागे, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को एक बहुत ही मुश्किल और अस्वस्थ दुनिया का सामना करना पड़ेगा।

इसलिए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम सब मिलकर एक दृढ़ संकल्प लें। हम सिर्फ आज के दिन ही नहीं, बल्कि हर दिन पर्यावरण के प्रति सचेत रहेंगे। हम प्रकृति का सम्मान करेंगे, उसके संसाधनों का बुद्धिमानी से उपयोग करेंगे, और उसे साफ तथा स्वस्थ रखेंगे। याद रखें, 'पृथ्वी हमारी माँ है' और हमें अपनी माँ की रक्षा करनी चाहिए। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें जहाँ मनुष्य और प्रकृति सद्भाव में रहें।

Check: World Environment Day Essay 2025

Long Speech on World Environment Day (विश्व पर्यावरण दिवस पर लंबा भाषण)

नमस्कार दोस्तों, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण, मेरे प्यारे साथियों और यहाँ उपस्थित सभी महानुभावों!

आज हम सब यहाँ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक अवसर, 'विश्व पर्यावरण दिवस' के उपलक्ष्य में एकत्रित हुए हैं। हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला यह दिन, हमें हमारी पृथ्वी और उसके अनमोल पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। यह केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक आह्वान है, एक प्रतिज्ञा है कि हम अपने ग्रह को स्वस्थ, सुरक्षित और हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करेंगे, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ भी एक बेहतर जीवन जी सकें।

हमारा पर्यावरण, जिसमें हवा, पानी, मिट्टी, वनस्पति, जीव-जंतु और सभी प्राकृतिक संसाधन शामिल हैं, हमारे जीवन का आधार है। यह हमें वह सब कुछ प्रदान करता है जिसकी हमें जीवित रहने और समृद्ध होने के लिए आवश्यकता है। कल्पना कीजिए एक ऐसी सुबह की, जहाँ हवा इतनी प्रदूषित हो कि साँस लेना मुश्किल हो जाए; जहाँ पानी इतना दूषित हो कि पीने योग्य न रहे; और जहाँ पेड़-पौधे और हरियाली कहीं दिखाई न दे। यह कल्पना मात्र ही हमें सिहरा देती है, और यह वास्तविकता में बदल सकती है यदि हमने पर्यावरण के प्रति अपनी लापरवाही जारी रखी।

पिछले कुछ दशकों में, मानवीय गतिविधियों ने हमारे पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव डाला है। औद्योगिकीकरण की तीव्र गति, शहरीकरण का अंधाधुंध विस्तार, बढ़ती जनसंख्या, और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन - इन सभी ने मिलकर हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हमने अपनी सुविधाओं के लिए प्रकृति का अत्यधिक शोषण किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज हम कई गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं:

  • वायु प्रदूषण: शहरों में वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआँ हवा को जहरीला बना रहा है, जिससे श्वसन संबंधी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
  • जल प्रदूषण: औद्योगिक कचरा, सीवेज और कृषि अपशिष्ट नदियों, झीलों और भूजल को दूषित कर रहे हैं, जिससे पीने के पानी की समस्या गंभीर हो गई है।
  • वनों की कटाई: विकास परियोजनाओं और कृषि भूमि के विस्तार के लिए जंगलों को काटा जा रहा है, जिससे जैव विविधता का नुकसान हो रहा है और जलवायु परिवर्तन में तेजी आ रही है।
  • जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग: जीवाश्म ईंधन के जलने से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, और मौसम का मिजाज अप्रत्याशित हो गया है, जिससे बाढ़, सूखा और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएँ अधिक बार आ रही हैं।
  • जैव विविधता का नुकसान: प्रदूषण और आवास के विनाश के कारण अनगिनत प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बिगड़ रहा है।

ये चुनौतियाँ हमें स्पष्ट संदेश दे रही हैं कि अब समय आ गया है कि हम अपनी सोच और आदतों में बदलाव लाएँ। पर्यावरण का संरक्षण सिर्फ सरकारों या बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है, एक ऐसी जिम्मेदारी जिसे हमें व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर निभाना होगा। हर एक व्यक्ति का छोटा सा प्रयास भी, जब करोड़ों लोगों द्वारा किया जाता है, तो वह एक विशाल आंदोलन का रूप ले लेता है।

हम अपने दैनिक जीवन में कई छोटे-छोटे बदलाव करके पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं:

  • ऊर्जा बचाएँ: जब उपयोग न हो तो लाइट और पंखे बंद कर दें। ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग करें। सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ।
  • पानी बचाएँ: नहाने, कपड़े धोने और बर्तन साफ करते समय पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें। वर्षा जल संचयन (rainwater harvesting) को बढ़ावा दें।
  • प्लास्टिक का उपयोग कम करें: सिंगल-यूज प्लास्टिक जैसे प्लास्टिक की बोतलों, थैलियों और कटलरी का उपयोग बंद करें। इसके बजाय कपड़े के थैले, धातु की बोतलें और दोबारा उपयोग किए जाने वाले कंटेनर अपनाएँ।
  • पेड़ लगाएँ: अपने घर, स्कूल या आसपास के इलाकों में अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ। पेड़ हमें ऑक्सीजन देते हैं, हवा को शुद्ध करते हैं और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करते हैं।
  • कचरा प्रबंधन: कचरे को अलग-अलग करें - गीला और सूखा कचरा। रीसाइक्लिंग और कंपोस्टिंग को बढ़ावा दें।
  • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें: निजी वाहनों का कम उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन, साइकिल चलाने या पैदल चलने को प्राथमिकता दें ताकि वायु प्रदूषण कम हो।
  • जागरूकता फैलाएँ: अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय के सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करें।

बच्चों के रूप में, आपकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण है। आप कल के भविष्य हैं और आप आज से ही बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं। अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों को प्रेरित करें। छोटे-छोटे कदम उठाकर, आप एक बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। स्कूल में पर्यावरण क्लब में शामिल हों, सफाई अभियानों में भाग लें, और प्रकृति के साथ अपना संबंध मज़बूत करें।

इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम सब मिलकर एक दृढ़ संकल्प लें। हम न केवल आज के दिन, बल्कि हर दिन पर्यावरण के प्रति सचेत रहेंगे। हम प्रकृति का सम्मान करेंगे, उसके संसाधनों का बुद्धिमानी से उपयोग करेंगे, और उसे साफ तथा स्वस्थ रखेंगे। आइए हम सभी इस बात को आत्मसात करें कि हमारी पृथ्वी ही हमारा एकमात्र घर है, और इसकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। हमें एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना है जहाँ विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चलें, जहाँ मनुष्य और प्रकृति पूर्ण सामंजस्य और सद्भाव में रहें।

याद रखें, "पृथ्वी हमारी माँ है और हमें अपनी माँ की रक्षा करनी चाहिए।" जय हिंद! जय पर्यावरण!

धन्यवाद!

पर्यावरण दिवस के नारे (Paryavaran Diwas Slogans in Hindi)

यहाँ विश्व पर्यावरण दिवस के लिए कुछ प्रभावशाली नारे दिए गए हैं:

  1. पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ!
  2. प्रदूषण हटाओ, पर्यावरण बचाओ!
  3. जल है तो कल है!
  4. प्लास्टिक को ना कहो, धरती को हाँ कहो!
  5. स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन का आधार!
  6. अपनी धरती, अपनी जिम्मेदारी!
  7. आओ मिलकर करें पर्यावरण की रक्षा!
  8. प्रकृति का न करें शोषण, तभी होगा खुशहाल जीवन!
  9. पर्यावरण सुरक्षा, सबकी पहली शिक्षा!
  10. धरती माँ का करो सम्मान, यही है सबका कल्याण!
  11. पर्यावरण बचाओ, जीवन खुशहाल बनाओ!
  12. कम उपयोग, पुनः उपयोग, रीसायकल! (Reduce, Reuse, Recycle)
  13. हरियाली है जहाँ, खुशहाली है वहाँ!
  14. पर्यावरण का ध्यान रखें, तभी खुशियों से भरेंगे हम!
  15. जीवन का आधार, स्वच्छ पर्यावरण हमारा अधिकार!

Interesting Facts on World Environment Day: यहाँ विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के बारे में कुछ रोचक तथ्य दिए गए हैं

  1. स्थापना: विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1972 में मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन के उद्घाटन के दिन की गई थी।

  2. पहला उत्सव: पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1974 को "केवल एक पृथ्वी" (Only One Earth) थीम के साथ मनाया गया था।

  3. मेजबान देश: हर साल, विश्व पर्यावरण दिवस एक अलग मेजबान देश और एक नई थीम के साथ मनाया जाता है, जो किसी विशेष पर्यावरणीय चुनौती पर ध्यान केंद्रित करता है।

  4. सबसे बड़ा वैश्विक मंच: यह पर्यावरण सार्वजनिक आउटरीच के लिए सबसे बड़ा वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देश भाग लेते हैं।

  5. 2025 की थीम: इस साल (2025) विश्व पर्यावरण दिवस की थीम 'प्लास्टिक प्रदूषण को हटाना' (#BeatPlasticPollution) है।

  6. प्लास्टिक का कहर: हर साल अनुमानित 1.1 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश करता है, और माइक्रोप्लास्टिक मिट्टी व पानी में जमा हो रहा है।

  7. आर्थिक लागत: प्लास्टिक प्रदूषण की वार्षिक सामाजिक और पर्यावरणीय लागत 300 बिलियन से 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बीच अनुमानित है।

  8. वैश्विक संधि की दिशा में प्रगति: इस साल का पर्यावरण दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब देश प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए एक वैश्विक संधि पर काम कर रहे हैं।

  9. भारत की भूमिका: भारत ने भी कई बार विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी की है और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

  10. हर व्यक्ति का योगदान: यह दिन हमें याद दिलाता है कि बड़े पर्यावरणीय बदलावों के लिए हर व्यक्ति का छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण है, जैसे बिजली और पानी बचाना, पेड़ लगाना और प्लास्टिक का कम उपयोग करना।

Anisha Mishra
Anisha Mishra

Executive - Editorial

Anisha Mishra is journalist with over 3 years of experience in covering the Indian education sector. She has worked extensively in the K12 domain, with focus on the state board as well as central board examinations, policy structure of seconday and higher secondary education as well as the entrance examinations like JEE, NEET, CLAT, etc. Her extensive experience in the domain has helped her provide students with concise accurate information in all aspectes of school life and education. Her key interest lies in decoding the changes in the curriculum, NEP implementation and changing education ecosystem in the country. Besides working, she enjoys traveling, exploring new places and cultures, and painting.

... Read More
First Published: Jun 5, 2025, 12:23 IST

FAQs

  • विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    +
    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी जागरूकता फैलाना था। यह उन्हें प्रकृति के महत्व को समझने और उसके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित था।
  • हम पर्यावरण दिवस क्यों मनाते हैं?
    +
    इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी जागरूकता लाना है। यह प्रकृति की रक्षा के लिए सभी को प्रेरित करने और सक्रिय योगदान के लिए प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

आप जागरण जोश पर सरकारी नौकरी, रिजल्ट, स्कूल, सीबीएसई और अन्य राज्य परीक्षा बोर्ड के सभी लेटेस्ट जानकारियों के लिए ऐप डाउनलोड करें।

Trending

Latest Education News