जानिए अभ्यर्थी में कौन सी क्वालिटी देखना चाहता है नियोक्ता ?

Oct 11, 2017, 12:10 IST

हर जॉब चाहने वाले को इन्टरव्यू के दौर से गुजरना पड़ता है.इन्टरव्यू में सफल होने के बाद ही नौकरी मिल पाती है तथा आप आपने करियर की शुरुआत कर पाते हैं.

हर जॉब चाहने वाले को इन्टरव्यू के दौर से गुजरना पड़ता है.इन्टरव्यू में सफल होने के बाद ही नौकरी मिल पाती है तथा आप आपने करियर की शुरुआत कर पाते हैं. इसलिए इन्टरव्यू में सफल होने की तकनीक का पता होना आज के समय की मांग है. आपको पता होना चाहिए कि इन्टरव्यू के दौरान नियोक्ता आपके किस क्वालिटी को देखना तथा परखना चाहता है. ध्यान रखिये किसी भी पद पर नियुक्ति करते समय नियोक्‍ता के दिमाग में पहले से यह तय होता है कि उसकी कंपनी के लिए उसे कैसा कैंडिडेट चाहिए और उसमें क्‍या क्‍वालिटीज होनी चाहिए ? अगर आपको इन क्वालिटीज के बारे में पता हो जाय तो निःसंदेह आप किसी भी इन्टरव्यू को क्रैक करने में बड़ी आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते हैं. आगे हम आपको ऐसी ही कुछ क्वालिटीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके विषय में प्रायः हर नियोक्ता जानना चाहता है -

1. आई क्यू लेवल

इन्टरव्यू के दौरान नियोक्ता सबसे पहले अभ्यर्थी का आई क्यू लेबल तथा उसके निर्णय लेने की क्षमता को देखना चाहता है. कोई भी अभ्यर्थी अपनी आई क्यू लेवल के आधार पर ही अपने काम को कम या अधिक समय में पूरा करता है तथा दिए गये टारगेट को डेड लाइन के अंतर्गत पूरा करता है. शोध बताते हैं कि किसी भी व्‍यक्‍ति के 76 प्रतिशत काम की क्षमता की पहचान उसकी बुद्धिमता से की जाती है. अतः जिस जॉब के लिए इन्टरव्यू देने जा रहे हैं उस जॉब प्रोफाइल एवं कंपनी के बारे में पूर्ण जानकारी रखें तथा इंटरव्यू के दौरान हर सवाल का जवाब  कुछ इस तरह दें कि नियोक्ता को ऐसा लगे कि आपको जॉब से जुड़ी हर चीज की पर्याप्त जानकारी है.

2. टीम बिल्डिंग या टीम वर्क के कल्चर में विश्वास करना

चूँकि ऑफिस का हर कार्य आप अकेले पूरा नहीं कर सकते हैं.किसी भी ऑफिस का काम श्रम विभाजन के आधार पर ही चलता है. इसलिए यदि आपको अपना अधिकांश कार्य अकेले करने में मजा आता है तो जॉब करते समय आपको अपनी यह आदत बदलनी होगी. जब भी आप कोई कंपनी ज्वॉइन करते हैं, तो आपको अपना टारगेट टीम के साथ मिलकर पूरा करना होता है. इसलिए इंटरव्यू में नियोक्ता हमेशा इस बात का परीक्षण करना चाहता है कि आप टीम के साथ किस तरह एडजस्ट कर पाएंगे ?

3. जैक इन ऑल ट्रेड्स अर्थात मल्टीटास्किंग क्वालिटी

यूँ तो नियोक्ता एक निर्धारित जॉब के लिए ही इंटरव्‍यू लेता है, लेकिन हमेशा उसकी यही इच्छा होती है कि उसकी कंपनी में अधिक से अधिक ऐसे लोगों की नियुक्ति की जाय जो जैक इन ऑल ट्रेड्स अर्थात मल्टीटास्किंग क्वालिटी वाले हों.अर्थात अपने काम के आलावा उन्हें दूसरी फील्‍ड के काम की भी पर्याप्त जानकारी हो. इसलिए  अगर आपको एक अच्छी जॉब की तलाश है तो आप अपने आप को हरफनमौला बनायें तथा ऑफिस में अपने काम से जुड़े अन्य कार्यों तथा स्किल्स की भी जानकारी रखनी चाहिए. अगर आप अपने आप को मल्टी टास्किंग अभ्यर्थी के रूप में पेश करेंगे तो इन्टरव्यू के दौरान आपके चयन की संभावना अधिक बढ़ जाएगी.

4. सही कम्यूनिकेशन स्किल

वस्तुतः जीवन के हर क्षेत्र में सही संवाद शैली का अहम रोल होता है. अगर आपकी संवाद शैली प्रभावी और आकर्षक नहीं है तथा आप अपने विचारों को सही तरीके से अभिव्यक्त नहीं कर पाते हैं,तो हो सकता है कि जॉब में आपके सीनियर तथा जूनियर दोनों को इससे परेशानी हो तथा टारगेट पूरा करने में व्यवधान उपस्थित हो. अतः सही कम्यूनिकेशन स्किल का होना अति आवश्यक है तथा इन्टरव्यू के दौरान आपको हर हालत में नियोक्ता को अपने संवाद शैली से प्रभावित करने की यथासंभव कोशिश करनी चाहिए.कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी नहीं होने पर नियोक्‍ता को ऐसा लगता है कि आप ठीक से काम नहीं कर पाएंगे. अतः हमेशा अपने इस स्किल पर विशेष रूप से ध्यान दें.

5. लीडरशिप क्वालिटी

जब टीम वर्क की बात आती है तो लीडरशिप क्वालिटी का होना बहुत जरुरी है. बिना लीडरशिप क्वालिटी के किसी भी टीम का संचालन सही तरीके से नहीं किया जा सकता है. इसलिए किसी भी नियुक्ति से पहले नियोक्ता यह जानना चाहता है कि अभ्यर्थी की नेतृत्व क्षमता कैसी है ? यह किसी टीम को सही तरीके से हैंडल कर सकता है या नहीं. अभ्यर्थी की नेतृत्‍व क्षमता से नियोक्ता यह पता लगाने की कोशिश करता है कि आपके अंदर किसी काम की जिम्‍मेदारी लेने की क्षमता है या नहीं. इसलिए इंटरव्यू के दौरान नियोक्‍ता के सामने हमेशा यह सिद्ध करने की कोशिश करें कि आप किसी प्रोजेक्ट को पूरी तरह लीड करने की क्षमता रखते हैं.

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