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बजट 2019: प्रमुख घोषणाएं, टैक्स छूट की सीमा 5 लाख रुपये तक की गई

पीयूष गोयल द्वारा 01 फरवरी 2019 को संसद में अंतरिम बजट पेश किया गया. बड़ी घोषणाओं में 5 लाख रु. तक टैक्स में छूट और 'राष्ट्रीय कामधेनु आयोग' का गठन मुख्य रूप से शामिल रहे.

Feb 2, 2019 12:41 IST
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Budget 2019:  अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल द्वारा 01 फरवरी 2019 को संसद में अंतरिम बजट पेश किया जा रहा है. पीयूष गोयल द्वारा बजट भाषण की शुरुआत बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाओं से की गई. बजट 2019 में किसानों और मध्यम वर्ग के लिए घोषणाएं की गईं.

बजट 2019 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:

•  बैंक से मिलने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.

•  1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. तीन करोड़ लोगों को लाभ होगा.

•  मध्यम वर्ग के लिए आय कर (Income Tax) की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई. अब पांच लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगेगा.

• अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए सहायता राशि 62474 करोड़ से बढ़ाकर 76800 करोड़ रुपये (35%) प्रतिशत की गई.

•  वर्ष 2019-20 में वित्तीय घाटा GDP का 3% रहने का अनुमान.

•  विज़न 2030 इंडिया -  डिजिटलाईज़ेशन, वाहनों को इलेक्ट्रिक उर्जा से चलाना, ग्रामीण क्षेत्रों का सशक्तिकरण, साफ़ नदियां, तटीय क्षेत्रों की स्वच्छता और सुरक्षा, अन्तरिक्ष योजनायें (गगनयान), खाद्य सुरक्षा और उपलब्धता, स्वस्थ भारत (आयुषमान भारत), मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस.

•  जिन लोगों की आय 5 करोड़ सालाना से कम है उसे तीन महीने में एक बार रिटर्न भरना पड़ेगा.

•  GST लागू कर सरकार ने इतिहास रचा. नई कंपनियों को 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना होगा.

•  अगले दो सालों में लगभग सभी टैक्स scrutiny और मूल्यांकन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किये जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जायेगा. अब टैक्स ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा.

•  अगले पांच सालों में एक लाख डिजिटल गांव बनाए जायेंगे. पिछले पांच सालों में मोबाइल डेटा का उपयोग 50% बढ़ा है.

•  मछलीपालन और पशुपालन को प्रमोट करने के लि‍ए 10 हजार करोड़ के दो फंड बनाए का प्रस्ताव.

•  42 मेगा फूड पार्क को अत्‍याधुनि‍क बनाने का वादा. मछलीपालन और पशुपालन को प्रमोट करने के लि‍ए 10 हजार करोड़ के दो फंड बनाए का प्रस्ताव

•  2000 करोड़ रुपये का कृषि बाजार और संरचना कोष बनाने की घोषणा.

•  कोलकाता से वाराणसी के बीच सागरमाला के तहत फ्रेट कॉरिडोर बनाया गया. आज पूरे देश में ब्रॉडगेज पर एक भी मानवरहित क्रासिंग नहीं बची है.

•  उड़ान योजना से घरेलू हवाई यातायात दोगुना हुआ है. नौकरियां बढ़ी हैं. भारत में प्रतिदिन 27 किलोमीटर हाईवे बनाया जा रहा है.

•  राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर घोषणा - रक्षा बजट पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये का हो गया है. वर्ष 2019-20 के लिए डिफेन्स बजट की घोषणा.

• आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर राष्ट्रीय कार्यक्रम, नेशनल सेंटर ऑन आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) की स्थापना की जाएगी. आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पोर्टल की स्थापना की घोषणा.

•  वेलफेयर डेवलेपमेंट बोर्ड का गठन करेगी सरकार, जिसके तहत सरकारी योजनाओं को लागू करने में सहायता होगी.

•  ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के लिए - उज्ज्वला योजना के तहत अगले वर्ष तक 8 करोड़ कनेक्शन दिए जायेंगे.

•  घरेलू कामगारों को आयुष्मान भारत के तहत और जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा दिया जायेगा. 'प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना' की घोषणा, जिनकी मासिक आय 15,000 रूपये होगी उनको लाभ की व्यवस्था होगी. इस योजना में 500 करोड़ रुपये दिए जायेंगे आवश्यकता पड़ने पर अधिक राशि दी जाएगी.

•  ग्रेच्युटी भुगतान 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया.

•    पशुपालन के लिए मछुआरो को ब्याज में 2% की छूट.

•    आपदा प्रभावित लोगों को ब्याज में 5 प्रतिशत की छूट.

•    राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ताकि गाय की नस्लों को सुधार जा सके. कामधेनु योजना पर 750 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.

•    प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना को आरंभ करने की योजना. योजना के तहत गरीब किसानों को, 2 हेक्टेयर तक की जमीन वालों को. उनके अकाउंट में प्रतिवर्ष 6 हज़ार रुपये दिए जायेंगे.

•    किसानों की उन्नति और आय वृद्धि के लिए, फसल का पूरा दाम दिलाने और आय दोगुनी करने की घोषणा के तहत MSP 50% की घोषणा.

•    22वां एम्स हरियाणा में बनाया जायेगा. देश में अब तक 21 एम्स काम कर रहे हैं.

•    मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़ रुपये का आवंटन दिया जायेगा, आवश्यकता पड़ने पर राशि बढ़ाई जा सकती है.

•    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 19 हज़ार करोड़ रुपये आवंटित जो पिछली बार 15 हज़ार करोड़ रुपये थे.

अंतरिम बजट क्या होता है?

•    अंतरिम बजट चुनावी वर्ष में एक प्रकार की आर्थिक व्यवस्था है जिसके तहत सरकार बनने तक सरकारी खर्चों का इंतजाम करने की औपचारिकता पूरी की जाती है.

•    नई सरकार बनाने के लिए जो समय होता है, उस अवधि के लिए अंतरिम बजट संसद में पेश किया जाता है.

•    इस बजट में कोई भी ऐसा फैसला नहीं किया जाता है जिसमें ऐसे नीतिगत फैसले हों जिसके लिए संसद की मंजूरी लेनी पड़े या फिर कानून में संशोधन की जरूरत हो.

बजट 2019: इस बार अंतरिम बजट, जानिए अंतरिम और पूर्ण बजट में अंतर

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