केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और कम्बोडिया के बीच निवेश को बढ़ावा देने हेतु द्वीपक्षीय निवेश संधि को मंजूरी दी

द्वीपक्षीय निवेश संधि का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय निवेश प्रवाहों को बढ़ाने के उद्देश्य से एक-दूसरे के क्षेत्र से किसी अन्य देश में निवेशों को बढ़ावा और संरक्षण प्रदान करना है.

Created On: Jul 29, 2016 11:23 ISTModified On: Jul 29, 2016 11:15 IST

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 27 जुलाई 2016 को भारत और कम्बोडिया के बीच निवेश को बढ़ावा देने हेतु द्वीपक्षीय निवेश संधि को मंजूरी दी. बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की.

इस संधि का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय निवेश प्रवाहों को बढ़ाने के उद्देश्य से एक-दूसरे के क्षेत्र से किसी अन्य देश में निवेशों को बढ़ावा और संरक्षण प्रदान करना है.

यह संधि दोनों देशों को अपने क्षेत्रों में निवेश प्राप्त करने हेतु अन्य देशों के निवेशकों के लिए अनुकूल स्थितियों को बनाने और अपने कानूनों के अनुसार निवेश स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करती है.

यह संधि दिसम्बर 2015 में मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर भारतीय मॉडल द्वीपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) के अनुसार पहली द्वीपक्षीय संधि है.

 

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