भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अपनी जांच शाखा, महानिदेशक (DG) को व्हाट्सएप की नई अद्यतन गोपनीयता नीति और सेवा की शर्तों की विस्तृत जांच करने और 60 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.
यह आदेश प्रथम दृष्टया (प्राइमा फेसी) आधार पर दिया गया है जिसमें यह पाया गया है कि व्हाट्सएप ने अपनी नीति अद्यतन करने के बहाने से अपने "शोषणकारी और बहिष्कृत आचरण" के माध्यम से प्रतिस्पर्धा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया है. यह आदेश तब दिया गया जब आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के साथ-साथ व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं और बाजार के लिए इस नीति और शर्तों के संभावित प्रभाव पर ध्यान दिया.
मुख्य विशेषताएं
• भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग ने यह उल्लेख किया है कि, व्हाट्सएप ने अपनी गोपनीयता नीति और सेवा की शर्तों को अपडेट किया है, जिसे उपयोगकर्ताओं को अपनी संपूर्णता में अनिवार्य तौर पर स्वीकार करना होगा.
• आयोग ने यह कहा कि, टेक-इट-या-लीव-इट-नेचर ऑफ प्राइवेसी पॉलिसी’ और व्हाट्सएप की सेवा की शर्तें और सूचना साझाकरण, विशेष रूप से व्हाट्सएप द्वारा बाजार की शक्ति का इस्तेमाल करने को ध्यान रखते हुए, विस्तृत जांच के लिए प्रेरित करते हैं.
• व्हाट्सएप का यह दावा है कि, उनका वर्ष, 2021 का अपडेट फेसबुक के साथ डाटा साझा करने की उनकी क्षमता का विस्तार नहीं करता है और यह वास्तव में, उपयोगकर्ताओं को यह बताने के लिए और अधिक पारदर्शिता प्रदान करने का इरादा रखता है कि, व्हाट्सएप डाटा कैसे एकत्र, उपयोग और साझा करता है.
• भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने यह भी कहा कि, वे महानिदेशक द्वारा की गई जांच के दौरान इस तरह के दावों का सत्यापन करेगा.
• नियामक ने यह भी कहा कि, उपयोगकर्ताओं को व्हाट्सएप द्वारा अन्य फेसबुक कंपनियों के साथ अपना व्यक्तिगत डाटा साझा करने की सीमा, गुंजाइश और विशिष्ट उद्देश्य के बारे में सूचित करने का अधिकार है.
• यह नोट किया गया कि व्हाट्सएप की अद्यतन गोपनीयता नीति की सेवा की शर्तों में वर्णित कई सूचना श्रेणियां बहुत व्यापक, अस्पष्ट और अनपेक्षित थीं.
• इसमें आगे यह कहा गया है कि, ऐसी अस्पष्टता और अधूरे खुलासे वास्तविक डाटा लागत को छिपाते हैं जो उपयोगकर्ता व्हाट्सएप की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए खर्च करते हैं.
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