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भारत विश्व का चौथा सबसे सहिष्णु देश: Ipsos MORI सर्वेक्षण

सर्वेक्षण द्वारा यह सामने आया कि 53 प्रतिशत भारतीय दूसरे समुदाय, संस्कृति या दृष्टिकोण वाले लोगों से मेलजोल बढ़ने पर आपसी समझ और सम्मान की भावना पैदा होती महसूस करते हैं.

Apr 26, 2018 09:39 IST

विश्वभर में सहिष्णुता के पैमाने को मापने के लिए Ipsos MORI द्वारा हाल ही में एक सर्वेक्षण किया गया जिसके अनुसार विभिन्न देशों को रैंकिंग प्रदान की गई. विश्व पटल पर सहिष्णुता के पैमाने पर भारत चौथे स्थान पर है.

भारत में पिछले कुछ समय से सहिष्णुता को लेकर सवाल उठाये जाते रहे हैं लेकिन इस सर्वेक्षण में भारत को चौथा स्थान दिया गया है. पहले स्थान पर कनाडा, दूसरे और तीसरे स्थान पर चीन एवं मलेशिया हैं.

भारत के संदर्भ में सहिष्णुता सर्वेक्षण के मुख्य तथ्य

•    यह सर्वेक्षण Ipsos MORI  द्वारा किया गया था. इस सर्वेक्षण में 27 देशों के करीब 20 हजार लोगों का इंटरव्यू किया गया.

•    इसमें उन तथ्यों को सामने लाने की कोशिश की गई जो कि नागरिकों के अनुसार मतांतर अथवा समाज को बांटने का काम करते हैं.

•    सर्वे के अनुसार 63 प्रतिशत भारतीय अलग-अलग समुदाय, संस्कृति या दृष्टिकोण वाले लोगों के मत पर भारत को सहिष्णु देश मानते हैं.

•    सर्वेक्षण द्वारा यह सामने आया कि 53 प्रतिशत भारतीय दूसरे समुदाय, संस्कृति या दृष्टिकोण वाले लोगों से मेलजोल बढ़ने पर आपसी समझ और सम्मान की भावना पैदा होती महसूस करते हैं.

•    भारत में लगभग 49 प्रतिशत लोगों को लगता है कि राजनीतिक विचारों में मतभेद समाज में तनाव का कारण बनते हैं.

•    48 प्रतिशत लोग इसके लिए धर्म और 37 प्रतिशत लोग सामाजिक-आर्थिक अंतर को इसका कारण मानते हैं.


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सर्वेक्षण में अन्य देशों की स्थिति


•    विश्व भर के तीन चौथाई लोगों को लगता है कि उनके देश में समाज पहले की अपेक्षा अधिक बंटा हुआ है. विशेषकर यूरोप के लोग मानते हैं कि पिछले 10 वर्षों की तुलना में उनके देश में असहिष्णुता बढ़ी है.

•    राजनीतिक विचारों में मतभेद को सबसे अधिक असहिष्णुता का कारण बताया गया है जबकि अमीरी और गरीबी इसके बाद आते हैं.

•    जो देश विभाजन के बारे में सबसे ज्यादा चिंतित हैं उनमें सर्बिया के ज्यादातर लोग (93%) कहते हैं कि उनका समाज विभाजित है.

•    इसके बाद पेरू और चिली (दोनों 90%), सऊदी अरब (34%) चीन (48%) और जापान (52%) का स्थान आता है.

•    इसी प्रकार सर्वेक्षण में पाया गया कि स्पेन के 77% लोगों का मानना है कि उनके देश में पिछले 10 वर्षों में समाज में विभाजन बढ़ा है.

Ipsos MORI  के बारे में जानकारी

यह लोगों, बाजारों,  ब्रांड्स और समाज के बारे में उत्सुकता से सर्वेक्षण कराने वाली एक कंपनी है. Ipsos MORI सूचना और विश्लेषण प्रदान करती है जिससे जटिल प्रश्नों के बारे में जाना जा सके तथा बेहतर निर्णय लिए जा सकें.

डिडिएर ट्रुचोट, इप्सोस के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. इसका मुख्यालय पेरिस में है जबकि विश्व के विभिन्न देशों में इसके कार्यालय मौजूद हैं.