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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र ने पूरे किए 20 साल

स्टेशन के संचालन का काम प्रमुख रूप से अमेरिका और रूस के हाथ में है. इनके सहयोग हेतु जापान, कनाडा और यूरोपीय संघ भी शामिल हैं.

Nov 22, 2018 10:46 IST

अंतरिक्ष में 20 नवम्बर 2018 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र ने 20 साल पूरे किए. अंतरिक्ष को करीब से जानने समझने के लिए 20 नवंबर 1998 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आइएसएस) को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था.

यह स्टेशन 17,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी का चक्कर लगा रहा पृथ्वी से अंतरिक्ष में भेजी गई अब तक की सबसे बड़ी वस्तु है. पृथ्वी के अधिकतर हिस्से से बिना किसी उपकरण के देखा जा सकने वाला यह केंद्र आकार में किसी फुटबाल मैदान जितना बड़ा है.

नासा द्वारा तैयार:

20 नवंबर 1998 को इस केंद्र के पहले हिस्से को भेजा गया था, जिसे नासा ने तैयार किया था. इसके बाद रूस ने अपना हिस्सा भेजा. एक के बाद पहुंचे हिस्से को अंतरिक्ष में ही जोड़कर केंद्र तैयार किया गया. आइएसएस का हर हिस्सा अपने आप में एक यान है जो वैज्ञानिकों की भाषा में मॉड्यूल कहलाता है. ये आपस में रोबोटिक तरीके से जुड़े रहते हैं और इनके किसी हिस्से में आई खराबी को स्वत: तरीके से ठीक कर लिया जाता है.

अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण और संचालन:

स्टेशन के संचालन का काम प्रमुख रूप से अमेरिका और रूस के हाथ में है. इनके सहयोग हेतु जापान, कनाडा और यूरोपीय संघ भी शामिल हैं. इस अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण और संचालन में अमेरिका की नासा और रूस की स्पेस एजेंसी रॉस्कॉस्मॉस की प्रमुख भागेदारी होती है.

खगोल विज्ञान से जुड़े मामलों की बड़ी हिस्सेदारी:

1500 खोजों में खगोल विज्ञान से जुड़े मामलों की बड़ी हिस्सेदारी है. इसके अलावा जीव विज्ञान, भौतिकी, मौसम विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में अहम शोध हुए हैं. आकाशीय बिजली की तस्वीर जैसे छोटे काम से लेकर डार्क मैटर की खोज की जा चुकी है. डस्ट प्लाज्मा में छिद्र का पता यहीं लगा.

रखरखाव पर खर्च:

इस केंद्र के रखरखाव पर वर्ष 2010 तक 150 अरब डॉलर खर्च हो चुका था जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा नासा द्वारा वहन किया गया. इस स्टेशन को चलाने और अनुसंधान कार्यों हेतु रूस द्वारा वर्ष 2024 तक का और अमेरिका द्वारा वर्ष 2025 तक का बजट पारित किया जा चुका है. इनके अलावा इन्हें जापान, कनाडा और अन्य सदस्य देश भी फंड करते हैं.

अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष केन्द्र:

अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष केन्द्र (आईएसएस) बाहरी अन्तरिक्ष में अनुसंधान सुविधा या शोध स्थल है जिसे पृथ्वी की निकटवर्ती कक्षा में स्थापित किया है. आईएसएस कार्यक्रम विश्व की कई स्पेस एजेंसियों का संयुक्त उपक्रम है.

इसे बनाने में संयुक्त राज्य की नासा के साथ रूस की रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी (आरकेए), जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए), कनाडा की कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) और यूरोपीय देशों की संयुक्त यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ईएसए) काम कर रही हैं.

इनके अतिरिक्त ब्राजीलियन स्पेस एजेंसी (एईबी) भी कुछ अनुबंधों के साथ नासा के साथ कार्यरत है. इसी तरह इटालियन स्पेस एजेंसी (एएसआई) भी कुछ अलग अनुबंधों के साथ कार्यरत है.

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में स्थित एक वेधशाला के तौर पर कार्य करता है. अन्य अंतरिक्ष यानों के मुकाबले इसके कई फायदे हैं जिसमें इसमें रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स को अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहकर काम करने का मौका मिलता है.

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