ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने 9 अगस्त 2017 को दो महिलाओं को उपराष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया है. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अपने मंत्रिमंडल में किसी महिला मंत्री को नामांकित नहीं करने पर सुधारवादियों के निशाने पर आने के एक दिन बाद दो महिलाओं को उपराष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया हैं. वर्ष 1980 में अमेरिकी दूतावास में बंधक संकट के दौरान प्रवक्ता के रूप में अपनी भूमिका के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली मास्सोमेह एबतेकार को महिला मामलों के प्रभारी के रूप में उपराष्ट्रपति नियुक्त किया हैं. इससे पहले वे हसन रूहानी के कार्यालय में पर्यावरण मामलों से जुड़ी हुई थी.
इसके अतिरिक्त लाया जोनेयदी को कानूनी मामलों के लिए उपराष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया हैं. शाहिनदोख्त मोवलावर्दी को नागरिक अधिकारों का विशेष सलाहकार नामांकित किया गया हैं.
8 अगस्त 2017 को घोषित हसन रूहानी के नये मंत्रियों में किसी महिला को शामिल नहीं किये जाने की उनके सुधारवादी सहयोगियों ने कड़ी आलोचना की थी. उनका कहना था कि हसन रूहानी धार्मिक संगठनों के दबाव के आगे झुक गये हैं. हसन रूहानी ने नागरिक अधिकारों में सुधार और पश्चिमी देशों के साथ संबंधों के पुनर्निर्माण के संकल्प के बाद मई में सुधारवादियों के समर्थन से कट्टरपंथी इब्राहिम रेइसी पर जीत दर्ज की थी.
ईरान में कुल 12 उपराष्ट्रपति हैं जो राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े संगठनों का नेतृत्व करते हैं. उल्लेखनीय है कि वर्ष 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद से मंत्रिमंडल में केवल एक ही महिला मंत्री शामिल होती रही हैं. इतना ही नहीं मंत्रिमंडल में सुन्नी मुसलमान को भी जगह नहीं मिली है, जबकि देश की कुल आबादी में उनकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है. रूहानी मई में रूढ़ीवादी इब्राहिम रईसी को हराकर राष्ट्रपति बने थे. उन्होंने ईरान में नागरिक स्वतंत्रता को बेहतर बनाने और पश्चिम देशों के साथ संबंधों के पुनर्निर्माण का प्रण किया था.

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