प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2021 को भारतीय अंतरिक्ष संघ (Indian Space Association) की शुरुआत की. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की शीर्ष अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज जितनी निर्णायक सरकार भारत में है, उतनी पहले कभी नहीं रही.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है. इसी दिशा में अब एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अंतरिक्ष उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया.
चार स्तंभों पर आधारित
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम अंतरिक्ष सुधार की बात करते हैं, तो हमारी अप्रोच 4 स्तंभों पर आधारित है. पहला, प्राइवेट सेक्टर को इनोवेशन की आज़ादी, दूसरा, सरकार की अधिकार देने के रूप में भूमिका. तीसरा, भविष्य के लिए युवाओं को तैयार करना और चौथा, स्पेस सेक्टर को सामान्य मानवी की प्रगति के संसाधन के रूप में देखना.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के स्पेस स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को जो भी सुविधाएं चाहिए होंगी वो सब मिलेंगी. नीतियों में सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे. आपके सुझावों को शामिल किया जाएगा. क्योंकि हमारे इन्हीं प्रयासों की वजह से भविष्य में 25-30 साल बाद अगली पीढ़ियां हमें याद रखेंगी.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि स्पेस सेक्टर और स्पेस तकनीकी को लेकर आज भारत में जो बड़े बदलाव हो रहे हैं, वो भारत में निर्णायक सरकार होने की वजह से हैं. उन्होंने कहा कि हमारा स्पेस सेक्टर, 130 करोड़ देशवासियों की प्रगति का एक बड़ा माध्यम है.
- प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान केवल एक विजन नहीं है बल्कि एक सुविचारित, सुनियोजित, एकीकृत आर्थिक रणनीति भी है. उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि 20वीं सदी में स्पेस और स्पेस पर राज करने की प्रवृत्ति ने दुनिया के देशों को किस तरह विभाजित किया.
भारतीय अंतरिक्ष संघ: एक नजर में
'भारतीय अंतरिक्ष संघ' की शुरुआत अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिकी तथा अंतरिक्ष से जुड़े सभी विषयों में भारत को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने और नई मज़बूती देने के लिए की जा रही है. इसका लक्ष्य भारतीय तकनीक को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में और बेहतर बनाना भी है. साथ ही अंतरिक्ष संबंधी नीतियों के सही से क्रियान्वयन का कार्य भी यह संघ करेगा.
भारतीय अंतरिक्ष संघ के संस्थापक सदस्य
भारतीय अंतरिक्ष संघ के संस्थापक सदस्य भारतीय अंतरिक्ष संघ के संस्थापक सदस्यों में लार्सन एंड टुब्रो, भारती एयरटेल, मैपमाय इंडिया, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज़, अनंत टेक्नोलॉजी, नेल्को और वनवेब शामिल हैं.
130 करोड़ देशवासियों की प्रगति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा स्पेस सेक्टर, 130 करोड़ देशवासियों की प्रगति का एक बड़ा माध्यम है. हमारे लिए स्पेस सेक्टर यानी सामान्य मानवी के लिए बेहतर मैपिंग, इमेजिंग और कनेक्टविटी की सुविधा है.
‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय अंतरिक्ष संघ (ISPA) स्पेस इंडस्ट्री से संबंधित पॉलिसी पर काम करेगा, इसके साथ ही सरकार और उसकी एजेंसियों सहित भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करेगा.
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