हमारे ग्रह पृथ्वी से डायनासोर और उनकी कई अन्य प्रजातियों का बड़े पैमाने पर विलुप्त होना 66 मिलियन वर्ष पहले हुआ था और जिसे व्यापक रूप से मेसोज़ोइक युग के अंत के रूप में स्वीकार किया गया है. लेकिन अब, वैज्ञानिकों ने इस बात का भी पता लगा लिया है कि, इस विनाशक क्षुद्रग्रह की उत्पत्ति हमारे सौर मंडल में कहां से हुई थी.
हमारी पृथ्वी से डायनासोर का पूरी तरह सफाया करने के लिए जिम्मेदार क्षुद्रग्रह/ एस्टेरोयड मौजूदा मेक्सिको के पास गिरा था. चिक्सुलब प्रभावक के रूप में पहचानी गई इस बड़ी चट्टानी वस्तु की अनुमानित चौड़ाई लगभग 06 मील (10 किमी) थी.
डायनासोर का अंत करने वाले क्षुद्रग्रह की खोज: हम क्या जानते हैं?
वैज्ञानिक यह पता लगाने में सक्षम हैं कि, इस विनाशक क्षुद्रग्रह की उत्पत्ति कहां से हुई.
कंप्यूटर मॉडल के उपयोग के साथ, शोधकर्ताओं ने 1,30,000 मॉडल क्षुद्रग्रहों का अध्ययन किया और यह निष्कर्ष निकाला है कि, इसने पृथ्वी से टकराने से पहले मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट में अन्य क्षुद्रग्रहों के साथ सूर्य की परिक्रमा की थी.
टेक्सास स्थित साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं के अनुसार, यह संभावित प्रभावक मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट के बाहरी आधे हिस्से से आया था जो मंगल और बृहस्पति के बीच है.
उन्होंने आगे यह कहा कि, उस क्षेत्र से बड़े क्षुद्रग्रहों को पृथ्वी पर पहुंचाने वाली प्रक्रियाएं पहले के अनुमान की तुलना में कम से कम 10 गुना अधिक बार होती हैं.
प्रमुख शोधकर्ता डॉ. डेविड नेस्वोर्नी और उनके सहयोगियों डॉ. सिमोन मार्ची और डॉ. विलियम बॉटके ने यह भी बताया कि, पिछले एक दशक में डायनासोरों के बड़े पैमाने पर विलुप्त होने पर कई अध्ययन पूरे किए गए थे लेकिन प्रत्येक अध्ययन ने नए प्रश्नों को जन्म दिया था.
वह क्षुद्रग्रह जिसने किया डायनासोर्स का अंत: यह नवीनतम खोज महत्वपूर्ण सवालों के देती है जवाब
डॉ. बॉटके के अनुसार, दो महत्त्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित रह गए थे. उनमें से एक प्रभावक के स्रोत के बारे में था और दूसरा इन पृथ्वी से इन क्षुद्रग्रहों के टकराने की घटनाओं की आवृत्ति के बारे में था.
इसलिए, वैज्ञानिकों ने क्षुद्रग्रह के बारे में अधिक जानना शुरू कर दिया, जिससे उन्हें चिक्सुलब प्रभावक की पहचान कार्बनयुक्त कोन्ड्राइट के रूप में हुई. पृथ्वी के आस-पास की कई वस्तुओं की रचनायें इस प्रभावक क्षुद्रग्रह के समान हैं लेकिन ये आकार में बहुत छोटी थीं.
डॉ. नेस्वोर्नी आगे यह भी कहते हैं कि, टीम ने यह देखने का फैसला किया है कि, चिक्सुलब प्रभावक के भाई-बहन कहां छिपे हो सकते हैं.
शोधकर्ताओं ने तब नासा के प्लेइड्स सुपरकंप्यूटर का उपयोग किया और उन्हें काफी आश्चर्य हुआ जब, उन्होंने यह पाया कि, क्षुद्रग्रह बेल्ट के बाहरी आधे हिस्से से ये 06 मील चौड़े क्षुद्रग्रह पृथ्वी पर पहले की तुलना में कम से कम 10 गुना अधिक बार टकराते हैं.
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