Zika virus in UP: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस का कहर, जानें इसके लक्षण

Nov 3, 2021, 15:58 IST

Zika virus in UP: जीका एक मच्छर से फैलने वाला वायरस है जो एडीज एजिप्टी नाम की प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है. 

Zika virus case detected in Kanpur, first in Uttar Pradesh
Zika virus case detected in Kanpur, first in Uttar Pradesh

Zika virus in UP: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस के एक साथ 14 मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है. शहर में अब जीका से संक्रमित 25 मरीज हो चुके हैं. उधर, एक साथ इतने केस मिलने पर डीएम ने सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है. कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है. वहीं भारत कोविड-19 के के साथ ही कई अन्य बीमारियों से भी लड़ रहा हैं. 

दरअसल इन दिनों जीका वायरस के कई मामले सामने रहे हैं. वहीं दिल्ली और बिहार में भी जीका वायरस के खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है.  बता दें कि इस साल की शुरुआत में सबसे पहले केरल में जीका वायरस का मामला सामने आया था. वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना, डेंगू के साथ ही जीका वायरस के मामलों ने काफी चिंता बढ़ा दी है. इन तीनों बीमारियों में अंतर कर पाना कठिन हो सकता है.

जीका वायरस क्या है?

जीका एक मच्छर से फैलने वाला वायरस है जो एडीज एजिप्टी नाम की प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एडीज मच्छर आमतौर पर दिन के दौरान काटते हैं. ये वही मच्छर है जो डेंगू, चिकनगुनिया फैलाता है. हालांकि, ज्यादातर लोगों के लिए जीका वायरस का संक्रमण कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन ये प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए खासतौर से भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है.

इसके लक्षण क्या हैं?

जीका वायरस के कुछ खास लक्षण नहीं है. शरीर में जीका वायरस के प्रवेश करने के तीन से 14 दिन के भीतर लक्षण दिखने लगते हैं. इसके लक्षण भी आमतौर पर डेंगू जैसे ही होते हैं जैसे बुखार आना, शरीर पर चकत्ते पड़ना और जोड़ों में दर्द होना. केरल में जीका के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिले हैं. एक बच्चे ने इस वायरस की वजह से अपनी जान भी गंवा रखी है.

मौत होने की आशंका बहुत कम

सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के अनुसार, जीका वायरस से मरीज की मौत होने की आशंका बहुत कम होती है. इसके साथ ही केवल गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है. केरल में इस साल 8 जुलाई को जीका वायरस का पहला मामला सामने आया था.

जीका वायरस कितना खतरनाक है?

यदि कोई गर्भवती महिला इससे संक्रमित हो जाती है तो इससे उसके होने वाले बच्चे पर गंभीर असर पड़ सकता है. सीडीसी के अनुसार, गर्भवती महिला के संक्रमित होने से उसके पैदा होने वाले बच्चे में कोई दिमागी बीमारी हो सकती है. इसके अतिरिक्त इससे गर्भपात और मृत बच्चे के पैदा होने का भी खतरा रहता है.

इसका इलाज क्या है?

अभी तक जीका वायरस का कोई इलाज नहीं है. केवल डॉक्टरी देखभाल ही ठीक हुआ जा सकता है. इसके साथ ही मच्छरों के काटने से बचकर और मच्छरों के प्रसार को रोककर ही बचने की कोशिश कर सकते हैं. वहीं, अभी तक इसकी कोई वैक्सीन भी नहीं है.

जीका वायरस का पहला केस

जीका वायरस का संक्रमण सबसे पहले अफ्रीका के पूर्वी-मध्य क्षेत्र के युगांडा के जंगल में अप्रैल 1947 में बंदरों की प्रजाति रीसस मकाक में पाया गया था. अध्ययन के बाद साल 1952 में इसका नाम जीका रखा, क्योंकि युगांडा के जीका फारेस्ट (जंगल) में वायरस पाया गया था. मनुष्य में जीका वायरस पहली बार वर्ष 1954 में दक्षिण अफ्रीका के नाइजीरिया में मिला था.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
... Read More

यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, डिफेन्स और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नवीनतम दैनिक, साप्ताहिक और मासिक करेंट अफेयर्स और अपडेटेड जीके हिंदी में यहां देख और पढ़ सकते है! जागरण जोश करेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें!

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS

Trending

Latest Education News