अगस्त 2012 में आठ मुख्य उद्योगों की विकास दर केवल 2.1 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2011 के इसी महीने में यह दर 3.8 प्रतिशत थी. इसका मुख्य कारण कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, उर्वरक और सीमेंट के उत्पादन में कमी है. यह आंकड़े 28 सितंबर 2012 को जारी किए गए.
जारी आंकड़ों के अनुसार वृद्धि दर वर्ष 2011 की 5.5 प्रतिशत के मुकाबले वित्तवर्ष 2012-13 में अप्रैल से अगस्त तक 2.8 प्रतिशत रही. ऐसा इस्पात, बिजली, प्राकृतिक गैस, सीमेंट और कच्चे तेल के उत्पादन में कमी के कारण से हुआ.
प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का उत्पादन वर्ष 2011 के 13.5 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2012 में 0.6 प्रतिशत रह गया. इस अवधि में उर्वरक में 2.1 प्रतिशत और सीमेंट उत्पादन में 2.4 प्रतिशत की कमी आई.
इस्पात उत्पादन में 1.8 प्रतिशत तथा बिजली उत्पादन 1.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. परन्तु कोयला और पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
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