कंपनी ला बोर्ड (सीएलबी) द्वारा दूरसंचार कंपनी यूनीनॉर के नीलामी संबंधी नोटिस पर 3 अगस्त 2012 को रोक लगाई गई. कंपनी ला बोर्ड (सीएलबी) के अध्यक्ष न्यायाधीश न्यायामूर्ति डीआर देशमुख ने नीलामी की सारी योजना को नियमों के विरुद्ध माना और यूनीनोर तथा अन्य पक्षों से इस संबंध में अपना उत्तर 6 अगस्त तक दाखिल करने का आदेश दिया.
नार्वे की दूरसंचार कंपनी टेलीनॉर और भारतीय कंपनी यूनीटेक के इस संयुक्त उद्यम की नीलामी का प्रस्ताव विदेशी कंपनी की ओर से आया है और भारतीय भागीदार ने इसको कंपनी ला बोर्ड (सीएलबी) में चुनौती दी. टेलीनॉर इस संयुक्त उद्यम को समाप्त कर कारोबार को नयी कंपनी के तहत लाना चाहता है ताकि नए सिरे से लाइसेंस के लिए आवेदन कर सके.
विदित हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने 2 फरवरी 2012 में 122 लाइसेंस रद्द किए थे, जिनमें यूनिनॉर के लाइसेंस भी थे.
यूनिनॉर
यूनिनॉर नार्वे की दूरसंचार कंपनी टेलीनॉर और भारतीय कंपनी यूनीटेक का संयुक्त उद्यम है. यूनिनॉर ब्रांड का परिचालन यूनिटेक वायरलैस प्राइवेट कंपनी करती है जिसमें यूनिटेक की 32.75 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यूनीनॉर ने अपने भारतीय दूरसंचार व्यापार की बिक्री के लिए न्यूनतम मूल्य 4 हजार करोड़ रुपए तय किया हैं.
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