श्वेत क्रांति का जनक किसे कहा जाता है, जानें जवाब
डॉ. वर्गीज कुरियन (1921–2012) को श्वेत क्रांति का जनक माना जाता है। उन्होंने 1970 में ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत की। इस कार्यक्रम ने 'अमूल' के सहकारी मॉडल का इस्तेमाल करके लाखों छोटे किसानों को सीधे शहरी बाजारों से जोड़ा। इस कामयाबी ने भारत को दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना दिया, जिससे ग्रामीण आय और सशक्तीकरण में काफी बढ़ोतरी हुई।
डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत में "श्वेत क्रांति का जनक" माना जाता है। उन्होंने सहकारी डेयरी आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसे ऑपरेशन फ्लड के नाम से जाना जाता है। इस आंदोलन के जरिए उन्होंने भारत को दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना दिया।
श्वेत क्रांति का जनक किसे कहा जाता है?
डॉ. वर्गीज कुरियन को श्वेत क्रांति का जनक माना जाता है। उन्हें प्यार से "मिल्कमैन ऑफ इंडिया" भी कहा जाता है।
उन्होंने ऑपरेशन फ्लड का नेतृत्व किया। यह दुनिया के सबसे बड़े डेयरी विकास कार्यक्रमों में से एक था। इसने भारत को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया और बाद में दूध का अतिरिक्त उत्पादन करने वाला देश बना दिया। आज भारत दुनिया के कुल दूध उत्पादन में लगभग एक-चौथाई का योगदान देता है।
वर्गीज कुरियन को यह उपाधि क्यों दी गई है?
अपने "एक अरब लीटर के विचार" को लागू करते हुए, कुरियन ने लाखों छोटे किसानों को डेयरी सहकारी समितियों के एक राष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से सीधे शहरी बाजार से जोड़ा। इससे किसानों को उचित मूल्य मिला और ग्राहकों को सस्ता दूध उपलब्ध हुआ।
ऑपरेशन फ्लड के निर्माता और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ जैसे प्रमुख संस्थानों के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उन्होंने एक ऐसा एकीकृत मॉडल बनाया, जिसने ग्रामीण आय में वृद्धि की। इस मॉडल ने लगभग तीन दशकों में भारत के दूध उत्पादन को चार गुना बढ़ा दिया।
मुख्य योगदान और विरासत
-उन्होंने 'आनंद' सहकारी डेयरी मॉडल का नेतृत्व किया। इससे "अमूल" एक घरेलू नाम बन गया और किसान-स्वामित्व वाले ब्रांडों का पर्याय बन गया।
-उन्होंने लाखों छोटे और सीमांत किसानों, खासकर महिलाओं को सशक्त बनाया। उन्होंने दूध की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री पर उन्हें मालिकाना हक और नियंत्रण दिया।
-उनके काम के लिए उन्हें कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। इनमें रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, विश्व खाद्य पुरस्कार, पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण शामिल हैं।
-हर साल 26 नवंबर को भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है। यह दिन उनके जन्मदिन और श्वेत क्रांति में उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।
श्वेत क्रांति क्या है?
श्वेत क्रांति: 1970 में शुरू किया गया ऑपरेशन फ्लड एक चरणबद्ध डेयरी विकास कार्यक्रम था। इसका उद्देश्य दूध संग्रह केंद्रों का विस्तार करना, सहकारी समितियों को मजबूत करना और बुनियादी ढांचे में सुधार करना था। इस कार्यक्रम ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाया।
ऑपरेशन फ्लड क्या था?
ऑपरेशन फ्लड को कुरियन ने डिजाइन किया था और इसका नेतृत्व भी उन्होंने ही किया था। इसका उद्देश्य एक राष्ट्रीय मिल्क ग्रिड बनाना, मौसमी और क्षेत्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करना और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को एक नियमित आय सुनिश्चित करना था।
इस कहानी में अमूल क्यों महत्त्वपूर्ण है?
गुजरात के आनंद में स्थित अमूल एक प्रोटोटाइप सहकारी समिति थी, जिसने राष्ट्रीय मॉडल को प्रेरित किया। अमूल के साथ कुरियन के काम ने यह साबित कर दिया कि किसानों के स्वामित्व वाले ब्रांड बाजार में बहुत प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकते हैं।
डॉ. वर्गीज कुरियन को श्वेत क्रांति का जनक इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने इंजीनियरिंग, प्रबंधन और सहकारी सिद्धांतों को मिलाकर भारत के डेयरी क्षेत्र को किसानों को केंद्र में रखकर फिर से डिजाइन किया। उनके दृष्टिकोण ने न केवल देश के लिए दूध सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण रोजगार और सशक्तीकरण आंदोलनों में से एक का निर्माण भी किया। उनकी यह विरासत आज भी हर साल राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर मनाई जाती है।
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