केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा 12 जनवरी 2012 को की. इस योजना को गरीबी रेखा से रहने वाले परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना के रूप में 1 अक्टूबर 2007 को शुरू किया गया था. अप्रैल 2008 में इसे अमल में लाया गया.
इस योजना की प्रमुख बातें इस प्रकार है:-
1. भारत सरकार वार्षिक प्रीमियम का 75 प्रतिशत देती है. राज्य सरकारें 25 प्रतिशत योगदान करती है. पूर्वोत्तरर क्षेत्र और जम्मू कश्मीर के मामले में प्रीमियम का अनुपात 90 और 10 है.
2. लाभान्वित होने वाले परिवार को पंजीकरण/नवीनीकरण शुल्क के रूप में प्रतिवर्ष प्रति परिवार 30 रूपए का भुगतान करना होता है. प्रशासनिक लागत राज्य सरकारें वहन करती है.
3. लाभान्वित होने वाला प्रत्येक परिवार प्रतिवर्ष स्मार्ट कार्ड आधारित 30 हजार रूपए का कैशलैस स्वास्थ्य बीमा लाभ ले सकता है.
4. पहले से मौजूद सभी बीमारियों का कवरेज
5. मातृत्व लाभ सहित अस्पताल में भर्ती होने के खर्च का कवरेज.
6. जांच के लिए हर बार 100 रूपए के परिवहन खर्च का भुगतान.
31 दिसंबर 2011 को करीब 2 करोड़ 57 लाख स्मार्ट कार्ड चलन में थे और 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 29 लाख 25 हजार से ज्यादा लोग अस्पाताल में भर्ती होने की सुविधा का लाभ ले चुके थे. यह योजना निम्नलिखित व्यावसायिक समूहों के लिए भी शुरू की गई है:-
1. बिल्डिंग एवं अन्य निर्माण मजदूर.
2. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) से लाभान्वित होने वाले लोग.
3. रेहड़ी पटरी वाले.
4. बीड़ी मजदूर
5. घरेलू नौकर
इस योजना को असंगठित मजदूरों के कुछ खण्डों के लिए भी शुरू किया गया है भविष्य में इसका और विस्तांर होने की सम्भावना है.
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