ओलंपियन गीता फोगाट ने विश्व महिला कुश्ती प्रतियोगिता 2012 में 55 किग्रा रेपेचेज में यूक्रेन की सिनिशिन नतालिया को पराजित कर कांस्य पदक 29 सितंबर 2012 को जीत लिया. विश्व महिला कुश्ती प्रतियोगिता 2012 में भारत के लिए यह दूसरा कांस्य पदक है. हरियाणा (भारत) की निवासी गीता फोगाट से पहले इनकी बहन बबीता कुमारी ने रूस की रखमानोव जमीरा को 51 किग्रा रेपेचेज में हराकर 28 सितंबर 2012 को कांस्य पदक जीता था. इन दो पदकों के साथ भारत ने पहली बार विश्व महिला कुश्ती चैम्पियनशिप में दो पदक जीते. भारत का इससे पहले महिला विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में चीन में (एक पदक) था. तब अलका तोमर ने कांस्य पदक जीता था.
लंदन ओलंपिक-2012 में हिस्सा लेने वाली एकमात्र भारतीय महिला पहलवान गीता कुमारी प्रारम्भ में जापान की योशिदा साओरी से 0-2 से हार गई थी परन्तु ओलंपियन योशिदा साओरी ने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता जिसके कारण गीता फोगाट को रेपेचेंज में खेलने का अवसर मिल गया. इस अवसर का लाभ उठाकर उन्होंनें कांस्य पदक जीत लिया.
बबीता कुमारी ने भारत में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल-2010 में 51 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था.
विश्व महिला कुश्ती चैंपियनशिप 2012 कनाडा के स्ट्रैथकोना में 30 सितंबर 2012 सितंबर को संपन्न हुई.
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने महिला विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2012 में कांस्य पदक जीतने वाली गीता फोगाट और बबिता फोगाट दोनों को तीन-तीन लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की. ये दोनों पहलवान हरियाणा राज्य के भिवानी जिले के बलाली गांव की निवासी हैं.
भारत सभी सात भार वर्गों (48 किग्रा, 51 किग्रा, 55 किग्रा, 59 किग्रा, 63 किग्रा, 67 किग्रा और 72 किग्रा) में भाग लिया.शिल्पी शेरोन (59 किग्रा) और नवजौत कौर (67 किग्रा) अपने भार वर्गों में पांचवें स्थान पर रहीं.
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