लाहौर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (President Asif Ali Zardari) के एक साथ दो पदों पर बने रहने को असंवैधानिक करार दिया. यह निर्देश 12 मई 2010 को लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एजाज अहमद चौधरी की अध्यक्षता वाली चार न्यायाधीशों की खंड पीठ ने निर्देश दिया है कि आसिफ अली जरदारी राजनीतिक गतिविधियां छोड़ें तथा निष्पक्ष होकर राष्ट्रपति के रूप में काम करें. आसिफ अली जरदारी (President Asif Ali Zardari) पाकिस्तान के राष्ट्रपति होने के साथ-साथ सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी, Pakistan Peoples Party) के सभी बैठकों की अध्यक्षता करते हैं.
अधिवक्ता एके डोगर ने याचिका दायर कर जरदारी को राष्ट्रपति पद के अयोग्य घोषित करने या दो पदों में से एक पद से हटाने की मांग की थी. पाकिस्तान के संविधान के अनुसार कोई व्यक्ति राष्ट्रपति तथा किसी राजनीतिक दल का अध्यक्ष एक साथ नहीं रह सकता.
विदित हो कि उनके पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (President Asif Ali Zardari) के पुत्र बिलावल पीपीपी के अध्यक्ष हैं. परन्तु ब्रिटेन में पढ़ाई करने के कारण वे राजनीतिक गतिविधियां शुरू नहीं कर पाए. लाहौर उच्च न्यायालय (Lahore High Court) के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एजाज अहमद चौधरी की नियुक्ति राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 9 दिसंबर 2010 को की थी. एके डोगर जमात-उद-दावा के प्रमुख तथा मुंबई हमले के आरोपी हाफिज मुहम्मद सईद का भी अधिवक्ता है.
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