लूसोफोनिया खेल-2014 की पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाले सुमित मलिक से उनका पदक 28 जनवरी 2014 को वापस ले लिया गया. इसका कारण सुमित मलिक द्वारा डोपिंग के नियमों का उल्लंघन करने और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा अंतरिम निलंबन के बावजूद लूसोफोनिया खेलों में अवैध रूप से भाग लेना रहा.
सुमित मलिक को नाडा ने एंडी डोंपिंग नियमों के उल्लंघन पर एक नोटिस दिया था. इसके बावजूद सुमित मलिक ने गोवा में आयोजित लूसोफिनिया खेल- 2014 में आयोजन समिति को अंधेरे में रखकर हिस्सा लिया. नाडा ने आयोजन समिति को 27 जनवरी 2014 को इस बाबत सूचना दी और इसकी एक प्रति एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी भेजी.
इससे पहले नाडा ने 7 जनवरी 2014 को मलिक को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था और किसी भी विश्व या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित कर दिया था.
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (एनएडीए– नाडा)
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (एनएडीए– नाडा) एक राष्ट्रीय संगठन है जो देश में होने वाली सभी प्रकार के खेलों में डोपिंग कंट्रोल प्रोग्राम को बढ़ावा देने, उसके समन्वय और निगरानी के लिए जिम्मेदार है. नाडा का विजन है– भारत में डोप मुक्त खेल.
डोपिंग रोधी नियम (एंटी डोपिंग नियम के उल्लंघन) के अनुच्छेद 2.1 में डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन को परिभाषित किया गया है. इसके अनुसार एक या अधिक डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन की घटना को डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन मन जाता है.
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