सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और गूगल इंक ने अपने वैश्विक पेटेंटों के लिए क्रॉस लाइसेंस हेतु 26 जनवरी 2014 को समझौता किये. इसका उद्देश्य बौद्धिक संपत्ति पर महंगे कानूनी विवादों के जोखिम को कम करना है. इस समझौते से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और गूगल इंक के बीच अधिक– से– अधिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.
सियोल की कंपनी सैमसंग के अनुसार इस समझौते के तहत आगामी दस वर्षों तक के पेटेंट और मौजूदा पेटेंट कवर किए जाने हैं.
सैमसंग और गूगल मिलकर काम करते हैं क्योंकि सैमसंग गूगल की एंड्रॉयड मोबाइन ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है.
दोनों ही कंपनियों ने इस समझौते के तहत हुए वित्तीय मुआवजा के बारे में खुलासा नहीं किया है.
इसके अलावा 27 जनवरी 2014 को सैमसंग ने एरिक्सन के साथ जीएसएम, यूएमटीएस और एलटीई मानकों के संबंध में पेटेंट लाइसेंस पर भी समझौता किया. समझौते के तहत, सैमसंग दूरसंचार उपकरणों की निर्माता एरिक्सन को करीब 4.2 बिलियन स्विडिश क्रोनास (650 मिलियन डॉलर से अधिक), का भुगतान रॉयल्टी समेत पेटेंट संबंधी विवादों को निपटाने के लिए करेगा.
पृष्ठभूमि
सैमसंग स्मार्टफोन के व्यापार में अपने प्रतिद्वंदी एप्पल के साथ पेटेंट को लेकर कई विवादों से जूझ रहा है. गूगल और एप्पल के बीच मोटोरोला मोबिलिटी संबंदी पेटेंट का विवाद भी चल रहा है जिसका अधिग्रहण गूगल ने 2012 में किया था. एप्पल औऱ दूसरी कंपनियों द्वारा गठित रॉकस्टार कंसोर्टियम (पेटेंट के मालिक) ने सैमसंग, गूगल और अन्य कंपनियों पर जो एंड्रायड में शामिल थे, पर मुकदमा दायर किया है. यह पेटेंट मुकदमों का एक हिस्सा है जिसमें विश्व भर में टैबलेट और स्मार्टफोनों के इस्तेमाल के विस्तार के कारण पिछले डेढ़ दशकों में काफी बढ़ोतरी हुई है.
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