भारत के उत्तर में जब भी प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तर प्रदेश का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के ऐतिहासिक स्थलों को विश्व धरोहर स्थलों का भी दर्जा प्राप्त है। यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है, जो कि पूरे राज्य को विशेष बनाने का काम करती है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि यूपी के किस जिले को हम पहाड़ियों के शहर के रूप में भी जानते हैं। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश का परिचय
उत्तर प्रदेश राज्य का गठन 24 जनवरी, 1950 को किया गया था। हालांकि, इसका पुनर्गठन नवंबर, 1956 में हुआ था। आजादी से पहले यह संयुक्त प्रांत नाम से जाना जाता था, जो कि अंग्रेजों द्वारा दिया गया नाम था। वहीं, अंग्रेजी हुकूमत से पहले राज्य अवध सूबे और जौनपुर में बंटा हुआ था। जौनपुर की स्थापना शर्कियों ने की थी, जबकि अवध सूबे की स्थापना मुगलों द्वारा की गई थी।
सबसे अधिक जिले वाला राज्य
उत्तर प्रदेश पूरे भारत में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। राज्य में कुल 75 जिले आते हैं, जो कि 18 मंडलों का हिस्सा हैं। ये मंडल कुल चार आर्थिक जोन में विभाजित हैं, जो कि इस प्रकार हैंः पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांंचल और बुंदेलखंड। हालांकि, कुछ किताबों और लेखों में रोहिलखंड और बघेलखंड का भी जिक्र किया गया है।
उत्तर प्रदेश के चार दिशाओं के चार जिले
उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला बलिया है। वहीं, सबसे उत्तरी जिला सहारनपुर, सबसे पश्चिमी जिला शामली और सबसे दक्षिणी जिला सोनभद्र है। सोनभद्र जिले को भारत की ऊर्जा राजधानी के रूप में जाना जाता है।
उत्तर प्रदेश का कौन-सा जिला है पहाड़ियों का शहर
अब सवाल है कि यूपी का कौन-सा जिला पहाड़ियों का शहर भी कहलाता है, तो आपको बता दें कि यूपी का चित्रकूट जिला कई पहाड़ियों का शहर कहलाता है।
क्यों कहा जाता है पहाड़ियों का शहर
चित्रकूट को "पहाड़ियों का शहर" कहा जाता है, क्योंकि यह क्षेत्र विंध्य पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। इस जिले में अनेक पौराणिक और प्राकृतिक महत्व की पहाड़ियां हैं, जो इसे एक धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध बनाती हैं।
चित्रकूट की कुछ प्रमुख पहाड़ियां
-कमदगिरि पर्वत – यह चित्रकूट की सबसे पवित्र पहाड़ी है, जिसके चारों ओर भक्त परिक्रमा (तीर्थयात्रा) करते हैं।
-हनुमान धारा – यह एक पहाड़ी क्षेत्र है, जहां एक झरना और हनुमान जी का मंदिर स्थित है।
-लक्ष्मण पहाड़ी – मान्यता है कि यहां लक्ष्मण जी ने भगवान राम और सीता माता की रक्षा की थी।
-जनकपुर पहाड़ी – इसे माता सीता के जन्म स्थान से जोड़ा जाता है।
-गुप्त गोदावरी – यह एक गुफानुमा पहाड़ी स्थल है, जहां दो गुफाएं हैं और एक झरना बहता है।
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