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दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव विलय विधेयक, 2019

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव विलय विधेयक, 2019 द्वारा एक केन्द्र शासित प्रदेश में विलय कर दिया गया है. आइये इस लेख में जानते हैं कि इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के विलय होने के बाद क्या क्या बदल जायेगा?
Mar 16, 2020 11:02 IST
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Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu Merger Bill, 2019
Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu Merger Bill, 2019

दादरा और नगर हवेली का इतिहास (History of the Dadra and Nagar Haveli )

दादरा और नगर हवेली का क्षेत्र 491 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है. यह दक्षिण महाराष्ट्र और उत्तर गुजरात के बीच एक केंद्र शासित प्रदेश है. इसे 2 अगस्त 1954 को पुर्तगाली शासकों से स्वतंत्रता मिली थी. शुरू में दादरा और नगर हवेली का प्रशासन भारतीय प्रभाव से मुक्त था, लेकिन बाद में इस केंद्र शासित प्रदेश को 1961 में भारत संघ में मिला दिया गया था.

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वर्ष 2011 में दादरा और नगर हवेली की कुल जनसंख्या 343,709 थी. इस केन्द्रशासित प्रदेश की लगभग 94% जनसंख्या हिंदू धर्म की है. इस केन्द्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषाएं हिंदी और गुजराती हैं.

दमन और दीव का इतिहास (History of the Daman and Diu)

दमन और दीव चार शताब्दियों से अधिक समय तक पुर्तगाली शासकों के नियंत्रण में रहा था और 19 दिसंबर, 1961 को यह पुर्तगाली नियंत्रण से मुक्त हो गया था. अपनी स्वतंत्रता के शुरुआत में यह गोवा केन्द्र शासित प्रदेश का भाग था लेकिन जब गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया तो दमन और दीव केन्द्र शासित प्रदेश के रूप में 30 मई, 1987 को अस्तित्व में आया था.

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दमन और दीव की राजधानी दमन है. इसकी कुल जनसँख्या 242,911 (2011 की जनगणना) है जिसमें 90% लोग हिंदू धर्म के हैं और 8% लोग इस्लाम धर्म के हैं.

इस क्षेत्र की अधिकांश आबादी की मातृभाषा गुजराती है. लगभग 50% लोग गुजराती बोलते हैं और 36% लोग हिंदी बोलते हैं. इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 112 वर्ग किलोमीटर है.

केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव के दो जिले हैं; दमन और दीव. दीव का क्षेत्र 40 वर्ग किमी  और दमन का क्षेत्र 70 वर्ग किमी है.

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव विलय विधेयक (Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu Merger Bill 2019)

 अब केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव को केंद्र शासित प्रदेश, दादरा और नगर हवेली के साथ मिलाकर एक नए केंद्र शासित प्रदेश ‘दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव’ को बना दिया गया है. यह 26 जनवरी 2020 से अस्तित्व में आ गया है.

अर्थात अब ‘दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव’ दो अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश ना होकर केवल एक केंद्र शासित प्रदेश है.

इन दोनों संघ शासित प्रदेशों का विलय, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) विधेयक, 2019 से हुआ है. इस विधेयक को लोकसभा ने 27 नवंबर, 2019 को और राज्यसभा ने 03 दिसंबर, 2019 को पारित किया था.

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) विधेयक, 2019 के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं;

संविधान में संशोधन

भारतीय संविधान की पहली अनुसूची विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को निर्दिष्ट करती है.

विलय विधेयक, 2019; दो क्षेत्रों का विलय करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करता है: इसलिए अब (1) दमन और दीव (2) दादरा और नगर हवेली दो अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश ना होकर एक केंद्र शासित प्रदेश है. 

लोकसभा में प्रतिनिधित्व:(Representation of UT Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu in Lok Sabha)

अभी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश में एक लोक सभा सीट प्रदान करता है, लेकिन विलय के बाद संघ शासित प्रदेश में 2 लोकसभा सीटें होंगी.

उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र: इस संबंध में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और बॉम्बे उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र विलीन हो चुके संघ शासित प्रदेश तक विस्तारित रहेगा.

तो यह थी जानकारी दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) विधेयक, 2019 के बारे में. यह टॉपिक आईएएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए इसे ध्यान से पढने की जरूरत है.

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