जानिये एडवोकेट और लॉयर के बीच क्या अंतर होता है?
साधारणतः, लॉयर (Lawyer) और एडवोकेट (Advocate) शब्दों को एक दूसरे के पर्यायवाची शब्दों के रूप इस्तेमाल किया जाता है लेकिन बहुत माइक्रो लेवल पर एनालिसिस करने पर इन दोनों शब्दों के बीच भी कुछ अंतर निकल आते हैं. लॉयर कई प्रकार के हो सकते हैं जैसे; अटॉर्नी, एडवोकेट और सोलिसिटर. इनमें से सभी कानून के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ होते हैं.
साधारणतः लॉयर (Lawyer) और एडवोकेट (Advocate) शब्दों को एक दूसरे के पर्यायवाची शब्दों के रूप इस्तेमाल किया जाता है लेकिन बहुत माइक्रो लेवल पर एनालिसिस करने पर इन दोनों शब्दों के बीच भी कुछ अंतर निकल आते हैं. लॉयर कई प्रकार के हो सकते हैं जैसे; अटॉर्नी, एडवोकेट और सोलिसिटर. इनमें से सभी कानून के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ होते हैं.
लॉयर (Lawyer) किसे कहते हैं?
लॉयर उस व्यक्ति को कहा जाता है जो अभी भी कानून / एलएलबी की पढाई करने में लगा है. इस व्यक्ति के पास अदालत में केस लड़ने के लिए अनुमति नहीं होती है क्योंकि बिना पूरी पढाई किये वकालत करने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जा सकता है.
एडवोकेट (Advocate) किसे कहते हैं?
एडवोकेट, आमतौर पर एक वकील को ही कहा जाता है. यह वह व्यक्ति होता है जिसने कानून की पढाई पूरी कर ली होती है और वह किसी न्यायालय के वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रहा होता है अर्थात एक एडवोकेट वह व्यक्ति होता है जिसका विद्यार्थी जीवन ख़त्म हो चुका होता है. एडवोकेट को स्कॉटिश और दक्षिण अफ़्रीका में बैरिस्टर कहा जाता है. आपको याद होगा कि महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से बैरिस्टर बनकर लौटे थे.
आइये अब इन दोनों व्यक्तियों के बीच अंतर को जानते हैं
1. एक लॉयर वह व्यक्ति होता है जिसने कानून की पढ़ाई और प्रशिक्षण प्राप्त किया होता है. लॉयर शब्द एक बहुत ही प्रचलित और मूल शब्द है जबकि एडवोकेट एक विशेष प्रकार का लॉयर होता है जो कि किसी कोर्ट में अपने क्लाइंट का पक्ष रखने के लिए खड़ा हो सकता है.
2. एडवोकेट शब्द का उपयोग संयुक्त राज्य अमेरिका में नहीं किया जाता है, वहां उन्हें केवल लॉयर कहा जाता है. हालांकि, एडवोकेट शब्द का उपयोग मुख्य रूप से यूनाइटेड किंगडम और अन्य राष्ट्रमंडल राष्ट्रों में किया जाता है.
3. एडवोकेट के कार्यों में शामिल होता है; अदालत में अपने ग्राहक का प्रतिनिधित्व करना, अपने ग्राहक का पक्ष रखना और लॉयर के कार्यों में शामिल होता है, कानूनी सलाह देना, किसी मामले में जनहित याचिका दाखिल करना और इनकी भूमिका लॉयर के “प्रकार” के अनुसार बदल भी सकती है.
4. एक एडवोकेट, लॉयर हो सकता है लेकिन एक लॉयर, एडवोकेट नहीं हो सकता है. एडवोकेट; लॉयर से एक कदम आगे का पद होता है. एक एडवोकेट के काम का दायरा लॉयर से बड़ा होता है.
ऊपर दिए गए अंतरों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि ये दोनों शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची के जैसे ही हैं. यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि वकीलों के लिए विभिन्न शब्द हर देश में अलग अलग होते हैं कोई देश कानून की पढाई करने वालों को एडवोकेट कहता है, कोई बैरिस्टर ,कोई अटॉर्नी, कोई वकील और कोई सॉलिसिटर इत्यादि.