भौगोलिक संकेत (GI) टैग: अर्थ, उद्देश्य, उदाहरण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एक भौगोलिक संकेत (GI) टैग किसी विशेष क्षेत्र / राज्य / देश के उत्पाद निर्माता या व्यवसायियों के समूह को अच्छी गुणवत्ता के कृषि, औद्योगिक, प्राकृतिक वस्तुओं को बनाने के लिए दिया जाता है. जीआई टैग, भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) एक्ट,1999 के अनुसार जारी किए जाते हैं.
Created On: May 11, 2020 10:28 IST
Modified On: May 11, 2020 10:40 IST
GI Tags issued in India
GI Tags issued in India

भौगोलिक संकेत का अर्थ (GI) टैग (Meaning of Geographical Indication-GI Tag)

एक भौगोलिक संकेत (GI) एक ऐसा नाम या प्रतीक होता है जिसे  कृषि, प्राकृतिक, मशीनरी और मिठाई आदि से संबंधित उत्पादों  के लिए किसी क्षेत्र विशेष (देश, प्रदेश या टाउन) के किसी व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह या संगठन को दिया जाता है.

या 

एक भौगोलिक संकेत (जीआई) एक संकेत है जो उन उत्पादों पर उपयोग किया जाता है जिनकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है और इसमें उस क्षेत्र की विशेषताओं के गुण और प्रतिष्ठा भी पायीं जाती हैं.

हालाँकि, एक संरक्षित भौगोलिक संकेत धारक, किसी और व्यक्ति को उसी तकनीक से इसी उत्पाद को बनाने से नहीं रोक सकता है. लेकिन नक़ल करने वाला व्यक्ति उसी संकेत का उपयोग नहीं कर सकता है.

भौगोलिक संकेत (GI) टैग के उद्देश्य (Objectives of Geographical Indication Tag)

भौगोलिक संकेत टैग का मूल उद्देश्य दूसरे लोगों द्वारा पंजीकृत भौगोलिक संकेत के अनधिकृत उपयोग को रोकना है. GI टैग के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया में नयापन लाने वाले लोगों को इस बात की सुरक्षा प्रदान की जाती है कि उनके उत्पाद की नक़ल कोई और व्यक्ति या संस्था नहीं करेगी. इसके दो मुख्य उद्येश्य हैं;

a. GI टैग किसी क्षेत्र के उत्पाद की उत्पत्ति को पहचानने के लिए एक संकेत या प्रतीक है.

b. इस GI टैग की मदद से कृषि, प्राकृतिक या निर्मित वस्तुओं की अच्छी गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जा सकता है.

भारत में जीआई टैग कौन जारी करता है (Who issues Geographical Indication Tag in India)

भौगोलिक संकेत (GI टैग), वस्तु (पंजीकरण और संरक्षण) एक्ट, 1999 के अनुसार जारी किए जाते हैं. यह टैग, ‘भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री’ द्वारा जारी किया जाता है, जो कि उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है.

भारत में भौगोलिक संकेतों के उदाहरण (Examples of the Geographical Indication Tag in India)

भौगोलिक संकेत (GI)

वस्तु का प्रकार

राज्य

1. दार्जिलिंग चाय

कृषि

पश्चिम बंगाल

2. अरनमुल्ला कन्नदी

हथकरघा

केरल

3. पोचमपल्ली इकत

हथकरघा

तेलंगाना

4. सेलम फैब्रिक

हथकरघा

तमिलनाडु

5. चंदेरी साड़ी

हथकरघा

मध्य प्रदेश

6. शोलापुर चदर

हथकरघा

महाराष्ट्र

7. शोलापुर टेरी तौलिया

हथकरघा

महाराष्ट्र

8. कोटपैड हथकरघा कपड़े

हथकरघा

ओडिशा

9. मैसूर सिल्क

हथकरघा

कर्नाटक

भौगोलिक संकेत टैग पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on the Geographical Indication Tag)

प्रश्न 1. भौगोलिक संकेत क्या है?
उत्तर: -
a. GI टैग किसी उत्पाद की उत्पत्ति को पहचानने के लिए एक संकेत या प्रतीक है.

b. इस GI टैग की मदद से कृषि, प्राकृतिक या निर्मित वस्तुओं की अच्छी गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जा सकता है.

c. निर्मित माल का उत्पादन या प्रसंस्करण या उस क्षेत्र में तैयार किया जाना चाहिए जिसके लिए जीआई रजिस्ट्रेशन जारी किया गया है

प्रश्न 2. भौगोलिक संकेत के क्या लाभ हैं? (Benefits of Geographical Indications Tag)
उत्तर: -

a. यह GI टैग प्राप्त उत्पादों की नक़ल को रोकता है इसलिए यह भारत में भौगोलिक संकेतों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है.

b. यह टैग अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों को दिया जाता है ताकि ग्राहकों की संतुष्टि बढ़े.

c. उत्पादों की अच्छी गुणवत्ता, उत्पादकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार के द्वार खोलती है.

d. उत्पादकों के राजस्व में वृद्धि और इस क्षेत्र में रोजगार सृजन होता है. 

प्रश्न 3. GI टैग का अधिकृत उपयोगकर्ता कौन है?

उत्तर: जो व्यक्ति या संगठन या क्षेत्र किसी उत्पाद के GI टैग के लिए आवेदन करता है और टैग को प्राप्त भी करता है, वही GI टैग का अधिकृत उपयोगकर्ता कहा जाता है. इसके अलावा कोई और क्षेत्र/ कोई अन्य व्यक्ति/संगठन इसका उपयोग नहीं कर सकता है.

प्रश्न 4. जीआई टैग के पंजीकरण के लिए कौन आवेदन कर सकता है? (Who can register for Geographical Indication)

उत्तर: -GI टैग पाने के लिए कोई भी व्यक्तिगत निर्माता, व्यक्तियों का संगठन, या राज्य सरकार के अंतर्गत कोई वैध संगठन अप्लाई कर सकता है. हालाँकि आवेदन को निर्धारित शुल्क के साथ उचित प्रारूप में लिखा जाना चाहिए.

ज्ञातव्य है कि कश्मीरी केसर को GI टैग, ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने डायरेक्टरेट ऑफ़ एग्रीकल्चर,जम्मू कश्मीर सरकार को दिया है.

प्रश्न 5. क्या एक बार प्राप्त पंजीकरण, जीवन भर के लिए मान्य है?

उत्तर: - नहीं, एक भौगोलिक संकेत का पंजीकरण केवल 10 वर्षों की अवधि के लिए मान्य है, हालांकि इसे समय-समय पर प्रत्येक 10 वर्षों की अवधि के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है।

प्रश्न 6: - क्या एक पंजीकृत भौगोलिक संकेत किसी अन्य को सौंपा या हस्तांतरित किया जा सकता है?

उत्तर: - नहीं. भौगोलिक संकेत किसी विशेष क्षेत्र या राज्य की सार्वजनिक संपत्ति है. इसे दूसरों को सौंपा या हस्तांतरित, गिरवी नहीं रखा जा सकता है. यदि जीआई टैग के अधिकृत उपयोगकर्ता की मृत्यु हो जाती है, तो यह टैग उसके उत्तराधिकारी को स्थानांतरित हो जाता है.

प्रश्न 7: क्या एक पंजीकृत अधिकृत उपयोगकर्ता का रजिस्ट्रेशन हटाया जा सकता है?

उत्तर: - हाँ. जीआई टैग जारी करने वाली अथॉरिटी (भौगोलिक संकेतक के रजिस्ट्रार) एक अधिकृत उपयोगकर्ता को रजिस्टर से निकाल सकते हैं. एक पीड़ित व्यक्ति (यदि आरोप सही पाया गया) के आवेदन पर पंजीकरण रद्द हो सकता है.

इस प्रकार ऊपर लिखे गए प्रश्नों और उत्तरों से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि भौगोलिक संकेतक क्या होता है, क्यों जारी किया जाता, कौन प्राप्त कर सकता है और कितनी अवधि के लिए प्राप्त कर सकता है?

पेटेंट किसे कहते हैं और यह कैसे प्राप्त किया जाता है?

कश्मीरी केसर को GI टैग दिया गया: जानिये भौगोलिक संकेत (GI) टैग क्या होता है?

 

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