Indian Railways: भारतीय रेलवे प्रतिदिन 13 हजार से अधिक यात्री ट्रेनों का संचालन करता है, जिसके माध्यम से हर दिन करोड़ों यात्री सफर कर अपनी मंजिलों तक का सफर पूरा करते हैं। वहीं, रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के हिसाब से अलग-अलग प्रकार की ट्रेनों का संचालन किया जाता है, जो कि देश के विभिन्न राज्यों को आपस में जोड़ती है। हालांकि, क्या आपको भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन के बारे में पता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन के बारे में जानेंगे। कौन-सी है यह ट्रेन और कहां से कहां तक होता है ट्रेन का संचालन व कितना है ट्रेन का किराया और सुविधाएं, इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
कौन-सी है भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन
भारती की पहली प्राइवेट ट्रेन भारत गौरव एक्सप्रेस है, जिसकी शुरुआत भारत गौरव स्किम के तहत की गई है। इस ट्रेन को साल 2021 में भारतीय रेलवे की ओर से लांच किया गया था, जो कि एक टूरिस्ट सर्किट ट्रेन है। प्राइवेट प्लेयर्स की ओर से इस ट्रेन को लीज पर लिया गया है।
विशेष रूप से की गई है डिजाइन
भारत गौरव ट्रेन को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसके अंदर कॉमन रूप में सीसटीवी कैमरे लगाने के साथ विशेष पैंट्री कार की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रियों को बेहतर खाना मिल सके। वहीं, ट्रेन के बाहरी तरफ भारत की विभिन्न संस्कृतियों को दर्शाया गया है।
कहां-कहां की कराती है यात्रा
श्रीरामायण यात्रा
यह ट्रेन भारत सरकार के देखो अपना देश पहल के तहत शुरू की गई है, जो कि दिल्ली से शुरू होकर रामेश्वरम तक जाती है। इस यात्रा में कुल 20 दिनों का समय लगता है। इस दौरान यह ट्रेन भगवान श्रीराम से जुड़े सभी स्थलों का दर्शन करवाती है। वहीं, 20 दिन बाद वापस यह दिल्ली आ जाती है।
दक्षिण भारत का टूर
यह ट्रेन भी दिल्ली से शुरू होती है और दक्षिण भारत के प्रमुख स्थलों तक ले जाती है। इस यात्रा में पहला स्टॉप हैदराबाद होता है और अंतिम स्टॉप ओंगोल, जिसके बाद यह ट्रेन वापस दिल्ली आती है।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना
यह योजना दिल्ली सरकार की ओर से चलाई गई है, जिसके तहत बुजुर्गों को देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों का दर्शन इस ट्रेन के माध्यम से कराया जाता है।
नवरात्र दर्शन
नवरात्र दर्शन IRCTC द्वारा शुरू की गई ट्रेन है, जो कि नई दिल्ली से कटरा के बीच चलती है। इसके तहत भारत गौरव ट्रेन के माध्यम से यात्रा कराई जाती है।
गुरू कृपा यात्रा
यह रूट विशेष रूप से सिख समुदाय से जुड़े पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए बनाया गया है, जिसके तहत आनंदपुर साहिब, कीरतपुर साहिब, सरहिंद, अमृतसर, भटिंडा, नांदेड़, बीदर और पटना की यात्रा कराई जाती है।
कितना है किराया
इस ट्रेन में अलग-अलग रूट का अलग-अलग किराया है। हालांकि, इसका न्यूनतम किराया 17 हजार से शुरू होकर एक लाख रुपये से भी अधिक है, जिसके तहत पूरा टूर पैकेज शामिल होता है।
पढ़ेंः Indian Railways: जानें कौन-सा है भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन
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