Kashi Vishwanath Temple: जानें भगवान शिव के सबसे पुराने मंदिरों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास को

Dec 30, 2022, 12:03 IST

Kashi Vishwanath Temple: काशी विश्वनाथ मंदिर काशी जिसे अब वाराणसी कहा जाता है में स्थित सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक है. आइये इस लेख के माध्यम से मंदिर का इतिहास, इसकी वास्तुकला, ज्योतिर्लिंगों, इत्यादि के बारे में जानते हैं.

Kashi Vishwanath Temple
Kashi Vishwanath Temple

Kashi Vishwanath Temple: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया है.  इसकॉरिडोर के बनने से वाराणसी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और रोजगार के नये अवसर खुलेंगे. वाराणसी न केवल शांति बल्कि भव्यता भी प्रदान करता है. यहाँ के घाटों पर शाम को होने वाली गंगा आरती हमेशा अंतर्मन को एक नई ऊर्जा प्रदान करती है ।

 

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काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में 

काशी विश्वनाथ मंदिर सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है. यह भगवान शिव को समर्पित है. यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है ये   शिव के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है. मंदिर के प्रमुख देवता श्री विश्वनाथ हैं जिसका अर्थ है ब्रह्मांड के भगवान (Lord of the Universe). ऐसी मान्यता है कि अगर भक्त एक बार इस मंदिर के दर्शन और पवित्र गंगा में स्‍नान कर ले तो मोक्ष की प्राप्ति होती है.

काशी विश्वनाथ मंदिर अनादि काल से शैव दर्शन का केंद्र रहा है. इसे समय-समय पर कई मुस्लिम शासकों द्वारा ध्वस्त किया गया और उनमें अंतिम शासक औरंगजेब है.

मंदिर की वर्तमान संरचना महारानी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा वर्ष 1780 में करवाई गई थी. इसका प्रबंधन 1983 से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है.

आइये अब काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास के बारे में जानते हैं 

हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ शिव पुराण में ज्योतिलिंगों का उल्लेख है. ये भगवान शिव की संरचनात्मक अभिव्यक्तियाँ हैं और इनकी काफी मान्यता है.

यह मंदिर मणिकर्णिका घाट पर स्थित है और इसे शक्ति पीठ माना जाता है. शक्तिपीठों की उत्पत्ति का उल्लेख दक्ष यग (Daksha Yaga) में मिलता है.

काशी विश्वनाथ मंदिर में एक मुहर या भगवान अविमुक्तेश्वर 9-10 शताब्दी ईसा पूर्व की है जो राजघाट की खुदाई में खोजी गई थी. मंदिर का उल्लेख boom of Xuanzang में भी मिलता है जो 635 ई. में बनारस आए थे. इसका उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है.

बारह ज्योतिर्लिंग हैं: गुजरात में सोमनाथ, आंध्रप्रदेश के श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन, मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर, मध्य प्रदेश में ओंकारेश्वर, उत्तराखंड में केदारनाथ, महाराष्ट्र में भीमाशंकर, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ, महाराष्ट्र में त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, देवघर झारखंड, गुजरात में द्वारका में नागेश्वर, तमिलनाडु में रामेश्वरम और महाराष्ट्र के औरंगाबाद में घनेश्रवर .

काशी विश्वनाथ मंदिर: ज्योतिर्लिंग की कथा

शिव पुराण में ज्योतिर्लिंगों की कहानी का उल्लेख है. किंवदंती के अनुसार एक बार त्रिदेवों में से दो, विष्णु और ब्रह्मा के बीच लड़ाई हुई थी कि कौन बेहतर है. उनका परीक्षण करने के लिए, त्रिदेव शिव ने प्रकाश के एक विशाल अंतहीन स्तंभ के रूप में तीनों लोकों को छेद दिया, जिसे ज्योतिर्लिंग कहा जाता है. ज्योतिर्लिंग शिव के प्रतीक हैं, जो लगभग पूरे आर्यावर्त में फैले हुए हैं. विष्णु और ब्रह्मा को इस प्रकाश का अंत खोजना था .

ब्रह्मा और विष्णु ने विपरीत दिशाओं में भाग लिया. ब्रह्मा ने ऊपर की ओर और विष्णु ने नीचे की ओर अपनी यात्रा शुरू की. ब्रह्मा ने झूठ बोला कि उन्हें अंत मिल गया, जबकि विष्णु ने ईमानदारी से अपनी हार स्वीकार कर ली.

शिव भगवान ब्रह्मा जी के झूट बोलने से नाराज़ हो गए और फिर उन्होंने भगवान् भैरव का रूप धारण किया और ब्रह्मा के पांचवें सिर को काट दिया और उन्हें शाप दिया कि समारोहों में उनका कोई स्थान नहीं होगा, जबकि विष्णु की अनंत काल तक पूजा की जाएगी.

ज्योतिर्लिंग क्या है?

ज्योतिर्लिंग निर्गुण या निराकार सर्वोच्च वास्तविकता का प्रतिनिधित्व है. ज्योतिर्लिंग वह रूप है जहाँ शिव, प्रकाश के एक उग्र स्तंभ के रूप में प्रकट हुए. ज्योतिर्लिंग मंदिर वहां स्थित हैं जहां शिव प्रकाश के एक उग्र स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे. शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थलों में से प्रत्येक शिव की विभिन्न अभिव्यक्तियों के लिए समर्पित है. 

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Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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