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कुलभूषण जाधव: जीवनी और जासूसी की सच्चाई

कुलभूषण यादव 3 मार्च, 2016 से पाकिस्तान की हिरासत में है. पाकिस्तान का दावा है कि जाधव; बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवाद फैला रहे थे और भारत की खुफिया एजेंसी, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के लिए जासूसी कर रहे थे. यह मामला अभी इंटरनेशनल कोर्ट (ICJ) में लंबित है. ICJ के मुख्य न्यायधीश ने कहा है कि पाकिस्तान ने कुलभूषण यादव मामले में वियना संधि का उल्लंघन किया है. आइये इस लेख में जानते हैं कि कुलभूषण यादव का पूरा मामला क्या है?
Nov 1, 2019 10:56 IST
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Kulbhushan Jadhav (file Photo))
Kulbhushan Jadhav (file Photo))

कुलभूषण जाधव के बारे में व्यक्तिगत जानकारी (Personal Information about Kulbhushan Jadhav)
पूरा नाम: कुलभूषण सुधीर जाधव
जन्म तिथि और जन्म स्थान: 16 अप्रैल 1970 (उम्र 49), सांगली, महाराष्ट्र, भारत
निवास: मुंबई, महाराष्ट्र
पत्नी: चेतनकुल जाधव
पिता: सुधीर जाधव
माता: अवंति जाधव
राष्ट्रीयता: भारतीय
व्यवसाय: पूर्व नौसेना अधिकारी (भारतीय दावा), वर्तमान नौसेना अधिकारी (पाकिस्तानी दावा)
जॉब किया: भारतीय नौसेना में 
सेवा का वर्ष: 1987 से 2001 (भारतीय दावा), 1987 से वर्तमान (पाकिस्तानी दावा)
रैंक: कमांडर
जाधव की गिरफ्तारी 
पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षाबलों ने जाधव को बलूचिस्तान प्रांत में 3 मार्च 2016 को जासूसी करने और खुफिया एजेंसी रॉ के आदेश पर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के जुर्म में गिरफ्तार किया था.
जाधव पर पाकिस्तान का आरोप;
पाकिस्तानी सरकार का दावा है कि जाधव एक भारतीय नौसेना के कमांडर हैं, जो पाकिस्तान के अंदर की जाने वाली आतंकी गतिविधियों में शामिल थे.
कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल 2017 को पाकिस्तान में एक फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा मौत की सजा सुनाई गई थी. भारत सरकार ने इस फैसले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में चुनौती दी थी.
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में मामला
जाधव की फांसी को रोकने के लिए भारत सरकार ने ICJ में याचिका दायर की थी. इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने 18 मई 2017 को जाधव की फांसी पर रोक लगा दी लेकिन अंतिम फैसला अभी भी लंबित है. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने 17 जुलाई 2019 को, जाधव की तत्काल रिहाई के लिए भारत की अपील को खारिज कर दिया और पाकिस्तान को फांसी की सजा को निलंबित करने का आदेश दिया था.

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ICJ ने फैसला सुनाया कि पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव के मुकदमे और सजा की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करनी होगी. इसके साथ ही ICJ ने पाकिस्तान को इस मामले पर भारत के साथ सहयोग करने और जाधव को काउंसलर एक्सेस प्रदान करने का आदेश दिया था.
कुलभूषण जाधव पर भारतीय रुख (Indian stand on Kulbhushan Jadhav)
भारत का दावा है कि कुलभूषण जाधव एक सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कमांडर हैं, जिन्होंने समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी और ईरान में अपना व्यवसाय कर रहे हैं. पाकिस्तान ने जाधव का ईरान से अपहरण कर लिया था और जानबूझकर जासूसी के मामले में फंसाया गया था.

सितंबर, 2019 महीने में भारतीय अधिकारी कुलभूषण जाधव से मिले और उन्हें आश्वस्त किया कि भारत उनकी रिहाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा और उनके मामले में न्याय किया जाएगा.

भारतीय अधिकारी ने बताया कि कुलभूषण को पाकिस्तान के द्वारा कि तरह की यातनाएं दी गयीं हैं इसलिए वे पाकिस्तान के द्वारा बताई गयी बातों को स्वीकार कर रहे हैं. लेकिन भारत को उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में भारत की जीत होगी और कुलभूषण जाधव सुरक्षित घर वापस आयेंगे.

इसलिए अब हमें अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अंतिम निर्णय के बारे में इंतजार करना होगा. एक भारतीय के नाते हम कुलभूषण जाधव की सुरक्षित भारत वापसी की उम्मीद कर रहे हैं.

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