भारत के किस राज्य में है सर्वाधिक टोल प्लाजा? जानें
यहां राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूद टोल प्लाजा की कुल संख्या, राज्यों के अनुसार उनका बंटवारा, कुल टोल बूथ, टोल शुल्क और भारत के FASTag टोल सिस्टम और टोल राजस्व संग्रह के बारे में मुख्य बातें बताई गई हैं।
भारत के राजमार्ग यहां की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं। ये राज्यों, शहरों और औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़ते हैं। इन बड़े नेटवर्कों के रखरखाव के लिए सरकार देश भर में अलग-अलग जगहों पर टोल वसूलती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि भारत में कुल कितने टोल प्लाजा हैं? चलिए, इसे विस्तार से समझते हैं।
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भारत में कुल टोल प्लाजा
2025 तक, भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों (NHs) पर 1,087 टोल प्लाजा हैं। इनका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करता है। इन टोल प्लाजा को आधिकारिक तौर पर यूजर-फी प्लाजा कहा जाता है। इनमें से 457 टोल प्लाजा 2020 और 2024 के बीच बनाए गए थे। अगर राज्य के राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और शहरों के टोल प्वाइंट को भी शामिल कर लिया जाए, तो भारत में टोल बूथों की संख्या 3,000 से ज्यादा हो जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हर एक टोल प्लाजा पर कई टोल बूथ हो सकते हैं।
भारत में टोल प्लाजा की सूची
हर राज्य में टोल प्लाजा की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि वहां से कितने राजमार्ग गुजरते हैं। बड़े राज्यों और औद्योगिक या व्यापारिक केंद्रों वाले राज्यों में आमतौर पर इनकी संख्या ज्यादा होती है। यहां प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में टोल प्लाजा की एक विस्तृत तालिका दी गई है:
| राज्य/क्षेत्र | टोल प्लाजा की अनुमानित संख्या | मुख्य बातें |
| राजस्थान | 156 | भारत में सबसे ज्यादा, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश को जोड़ता है |
| उत्तर प्रदेश | 97 | यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे |
| मध्य प्रदेश | 90 | NH-44 और NH-46 मध्य भारत से गुजरते हैं |
| महाराष्ट्र | 89 | मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-नासिक मार्ग |
| तमिलनाडु | 78 | चेन्नई-बेंगलुरु, चेन्नई-त्रिची मार्ग |
| आंध्र प्रदेश | 72 | तटीय गलियारे, विजयवाड़ा-हैदराबाद |
| दिल्ली NCR क्षेत्र | 60 | दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे |
| गुजरात | 58 | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा |
| कर्नाटक | 55 | बेंगलुरु-मैसूर, NH-48, NH-75 |
| हरियाणा | 45 | कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे |
| पंजाब | 40 | लुधियाना, अमृतसर के पास ज्यादा संख्या |
| केरल | 35 | कोच्चि-त्रिवेंद्रम, NH-66 गलियारा |
| ओडिशा | 30 | आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले तटीय राजमार्ग |
| बिहार | 28 | NH-27 और गंगा ब्रिज मार्ग |
| पश्चिम बंगाल | 25 | दुर्गापुर एक्सप्रेसवे, NH-2 गलियारा |
| झारखंड | 20 |
खनन मार्ग, रांची-जमशेदपुर राजमार्ग
राजस्थान
राजस्थान में भारत में सबसे ज्यादा 156 टोल प्लाजा हैं। इसका कारण यह है कि यह राज्य दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले राजमार्गों के लंबे हिस्सों को कवर करता है। यहां के रेगिस्तानी इलाके में अच्छी तरह से रखरखाव वाले राजमार्गों की जरूरत होती है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) जैसे मार्ग देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से हैं।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश 97 टोल प्लाजा के साथ दूसरे स्थान पर है। यह राज्य यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसे आधुनिक एक्सप्रेसवे का घर है। इन सड़कों पर दिल्ली, आगरा, लखनऊ और वाराणसी के बीच भारी ट्रैफिक रहता है, जिसके रखरखाव के लिए टोल वसूली जरूरी है।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश को अक्सर 'भारत का दिल' कहा जाता है और यहां लगभग 90 टोल प्लाजा हैं। NH-44 (श्रीनगर-कन्याकुमारी हाईवे) और NH-46 (ब्यावरा-झांसी) जैसे प्रमुख राजमार्ग इसी राज्य से होकर गुजरते हैं। ये राजमार्ग उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ते हैं।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में करीब 89 टोल प्लाजा हैं। भारत का पहला एक्सप्रेसवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, देश के कुछ सबसे व्यस्त टोल बूथों में से एक है। मुंबई को गुजरात, गोवा और कर्नाटक से जोड़ने वाले राजमार्गों के कारण भी यहां टोल की संख्या ज्यादा है।
तमिलनाडु
तमिलनाडु में लगभग 78 टोल प्लाजा हैं। चेन्नई, कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली में मजबूत औद्योगिक आधार होने का मतलब है कि यहां के राजमार्गों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। चेन्नई-बेंगलुरु और चेन्नई-त्रिची जैसे मार्गों पर कई टोल प्वाइंट हैं।
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में 72 टोल प्लाजा हैं। यहां के महत्वपूर्ण मार्गों में हैदराबाद-विजयवाड़ा हाईवे, तमिलनाडु को जोड़ने वाले तटीय राजमार्ग और बंगाल की खाड़ी के समानांतर चलने वाला NH-16 शामिल हैं।
दिल्ली NCR क्षेत्र
दिल्ली NCR में करीब 60 टोल प्लाजा हैं। इनमें भारत के कुछ सबसे ज्यादा राजस्व कमाने वाले टोल बूथ भी शामिल हैं, जैसे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे।
गुजरात
गुजरात में लगभग 58 टोल प्लाजा हैं। ये मुख्य रूप से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के साथ स्थित हैं। राज्य ने अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा को जोड़ने वाले तेज गति के मार्ग विकसित किए हैं।
कर्नाटक
कर्नाटक में लगभग 55 टोल प्लाजा हैं। यहां के प्रमुख हिस्सों में बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे, NH-48 (बेंगलुरु-मंगलुरु) और NH-75 (आंध्र प्रदेश की ओर) शामिल हैं।
हरियाणा
हरियाणा में लगभग 45 टोल प्लाजा हैं। इनमें से कई NH-44, NH-48 और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के आसपास हैं। दिल्ली के करीब होने के कारण इन टोल प्वाइंट पर रोजाना भारी ट्रैफिक रहता है।
पंजाब
पंजाब में 40 टोल प्लाजा हैं, खासकर अमृतसर, लुधियाना और जालंधर के पास के राजमार्गों पर। इस राज्य की भौगोलिक स्थिति इसे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जाने वाले व्यापार मार्गों के लिए एक प्रमुख रास्ता बनाती है।
केरल
केरल में 35 टोल प्लाजा हैं। इनमें से ज्यादातर व्यस्त NH-66 (मुंबई-कन्याकुमारी हाईवे) और कोच्चि, कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम के बीच के मार्गों पर स्थित हैं।
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.